14/06/2026
#विधानसभा #इटवा की कहानी एक बेटा देखते ही देखते कब नेता बन जाता है।
हम बात कर रहे है जनपद सिद्धार्थनगर के विधानसभा इटवा के निवर्तमान विधायक पूर्व मंत्री आदरणीय Dr Satish Dwivedi BJP जी की ।।
जनपद में 2017 के विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बनाते है और तैयारी करते है टिकट पाते है और चुनाव जीत जाते है।
टिकट पाने और चुनाव जीतने तक जनता के बीच मे बोली गयी बाते और चुनाव में किये गए वादे दोनों ध्यान में रखते हुए हर दिन लगातार बिना रुके और बिना थके उन वादों को पूरा करते है ।।
जोकि आप सभी के सामने सड़क शिक्षा और स्वास्थ्य एवं बिजली कांड का मुकदमा वापस करवाना इन सभी कामों को प्राथमिकता देने के कारण अन्य कई चीजें छूट जाती है।
जो वह नही कर पाते है।
1-जैसे बरगद के नीचे सोना
2-डीग्गी में बैठना
3-जिलापंचायत चेयरमैन,ब्लॉक प्रमुख प्रधान बनाने का दिलासा देकर पीछे घुमाना और बाद में चुनाव के समय भर्ती हो जाना
आदि तमाम चीजें छूट जाती है
इटवा को Satish Dwivedi जी ने अपनी दूरदर्शी सोच और विकासशील विधानसभा बनाने के लिए जो भी प्रयास सम्भव हुआ किये,
आप सभी को बताना चाहूंगा कि 2017 के पहले इटवा विधानसभा की वह सीट बहुत ही टफ मानी जाती थी जहाँ तक मेरी जानकारी है 17 हजार से 18 हजार वोट भाजपा प्रत्याशी को पाना कठिन हो जाता था ।
वहाँ सतीश द्विवेदी जी जैसे ही चुनाव जीतते है कार्यकताओं की एक ऐसी नर्सरी तैयार करते है कि पूरा विधानसभा भाजपामय हो जाता है और कार्यकर्ताओं की पूरी फ़ौज इस तरह तैयार होती है कि हर किसी को इटवा विधानसभा का चुनाव भाजपा से लड़ना आसान सा लगने लगता है ।और प्रत्याशियों की फ़ौज दिखने लगती है लेकिन आपको बताना चाहूंगा कि सतीश द्विवेदी की तरह बनना कठिन नही नामुमकिन है ।क्योंकि एक नेता जो केवल कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की बात करता है और एक नेता जो कार्यकर्ताओं को तोड़ने का काम करता है यह फर्क जनता जान चुकी है ।
इटवा विधानसभा में कार्यकर्ताओं और नेताओं की तस्वीरे आज आपको आसानी से दिख रही है वह सतीश द्विवेदी के पसीने से चमक है, लोकप्रियता और इज्जत मांगने से नही मेहनत से मिलती है।जो लोग सतीश द्विवेदी की कार्यशैली और लगन कार्यकताओं से स्नेहिल मिलन और सामंजस्य देखकर पीठ पीछे बुरायी करते है वह केवल की सतीश जी ऐसे और वैसे हैं, वह केवल उनके जैसा न बन पाने के कारण खीज रखते है और दुःखी रहते है । जो कि नही होना चाहिए वह आपका मित्र,भाई बेटा,और नेता ,है आप एक बार जरा सोचो उन्होंने आपका क्या बिगाड़ा है जो आपको अगर कुछ दिया नही तो आपसे मांगा भी नही द्वेष और अहंकार , चुगली इन सभी बातों को छोड़कर आने वाले 2027 के चुनाव में अपने बेटे भाई मित्र,और नेता को भारी मतों से इटवा विधानसभा से विजयी बनाये और भाजपा को सशक्त और मजबूत बनाएं।
जय श्री राम