10/02/2026
हमारे देश में जाति और धर्म इस कदर हावी हो चुके हैं कि अब
❌ गलत, गलत नहीं लगता
और ✅ सही, सही नहीं लगता।
इंसान पहले नहीं,
पहले उसकी जाति पूछी जाती है,
उसका धर्म तौला जाता है।
जाति और धर्म के इस नशे में डूबे लोगों से
मेरा बस इतना ही कहना है—
🛕 मंदिर, 🕌 मस्जिद, ⛪ गिरजाघर ने बाँट दिया इंसान को,
🌍 धरती बाँटी, ☁️ अम्बर बाँटा —
अब ✋ मत बाँटो इंसान को।
🚶♂️ अभी तो राह शुरू हुई है, और 🏁 मंज़िल बैठी दूर है,
✨ हर उजियाला महलों में बंदी,
🪔 हर दीपक मजबूर है।
☀️ ना मिलता सूरज का संदेशा,
😊 हर मीठी मुस्कान को,
🌍 धरती बाँटी, ☁️ अम्बर बाँटा —
🙏 मत मत बाँटो इंसान को।
यह मेरा सवाल है ❓
बड़े-बड़े नेताओं 🏛️ से,
धर्मगुरुओं 📿 से,
और जाति–धर्म के ठेकेदारों से—
सोचिए 🤔
आज जो ज़हर हम घोल रहे हैं 🧪
कल वही दूध बनकर
हमारे बच्चों को ही तो नहीं पिलाया जाएगा? 👶💔
मैं हाथ जोड़कर 🙏
आप सबसे यह विनती करता हूँ—
इस संकीर्ण सोच की दीवारों से बाहर आइए 🧱➡️🌱
इंसान को इंसान की तरह जीने दीजिए 🤝।
धर्म से पहले मानवता ❤️
जाति से पहले इंसान ✨
धन्यवाद।
✍️ लेखक – विशाल यादव
#मतबांटोइंसानको
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#जातिसेपहलेइंसान