13/06/2024
पिछले 10 सालों में क्या क्या बर्बाद हो गया,
1- जेट एयरवेज़ बन्द,
2- एयर इंडिया घाटे में,
3- Bsnl के 54000 रोज़गार ख़तरे में,
4- HAL के पास सैलरी देने को पैसे नहीं,
5- डाक विभाग 15000 करोड़ के घाटे में,
6- वीडियोकॉन दिवालिया,
7- टाटा डेकोमो गई,
8- एयरसेल गई,
9- जे.पी. समूह समाप्त,
10- ONGC का अब तक का सबसे घटिया प्रदर्शन,
11- 36 बड़े कर्जदार देश से ग़ायब,
12- बड़े कॉरपोरेट को 350000 करोड़ की कर्ज माफी,
13- पीएनबी खस्ताहाल,
14- अन्य बैंक भी भारी घाटे में,
15- देश पर कर्ज 150000 मिलियन डॉलर से भी अधिक,
16- रेलवे बिक रही,
17- लाल किला सहित तमाम धरोहरें किराए पर,
18- पवनहंस एयरलाइंस खत्म होने की कगार पर,
19 - 200 टन सोना विदेशों में गिरवी,
20- वर्ल्ड बैंक से अत्यधिक कर्जा,
क्या यह भारतीय अर्थव्यवस्था या भारत की बेहतरी के लिए उचित है?
यदि हां तो बताएं कि इसमें भारत को क्या फायदा होने जा रहा है?
बाकि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी, सुरक्षा इत्यादि तो मुददे ही गायब है,
क्या यह हमारे देश की समस्या नहीं है? क्या यह केवल मोदी विरोध की वजह से उत्पन्न किए गए मुददे है?