20/04/2026
Dr. Laxman Yadav SSAI Barachatti Tejashwi Yadav
मेरी पुस्तक “जाति जनगणना: जाति से जमात की ओर” सामाजिक न्याय, समान प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक भागीदारी के मूल सवालों को सामने लाने का एक प्रयास है। इस पुस्तक में मैंने यह रखने की कोशिश की है कि जाति जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज के उन तबकों की वास्तविक स्थिति को सामने लाने का माध्यम है, जिन्हें लंबे समय से बराबरी के अवसर नहीं मिल पाए हैं। जब तक समाज की सामाजिक संरचना का सही और प्रमाणिक डेटा उपलब्ध नहीं होगा, तब तक शिक्षा, रोजगार, नीति-निर्माण और संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण की बात अधूरी ही रहेगी। यह पुस्तक इसी समझ पर आधारित है कि सामाजिक वास्तविकताओं को स्वीकार किए बिना सामाजिक न्याय संभव नहीं है, और सही जानकारी ही ऐसी नीतियों की बुनियाद बन सकती है जो हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करे।
20 अप्रैल 2026, शाम 4:30 बजे, मनु लाल केंद्रीय पुस्तकालय, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया में इस पुस्तक पर एक परिचर्चा आयोजित है। इस अवसर पर उदय नारायण चौधरी (पूर्व विधानसभा अध्यक्ष), प्रो. मनोरंजन कुमार सिंह (गणित विभाग, मगध विश्वविद्यालय), डॉ. अनुज कुमार तरुण (असिस्टेंट प्रोफेसर, मगध विश्वविद्यालय), रिंकू यादव (संयोजक, सामाजिक न्याय आंदोलन) तथा डॉ. बी.पी. नलिन (मेडिकल ऑफिसर, मगध विश्वविद्यालय) अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम का संचालन कमलेश कुमार (शोधार्थी, अर्थशास्त्र विभाग, मगध विश्वविद्यालय) करेंगे।
यह संवाद सामाजिक न्याय के प्रश्नों पर गंभीर बातचीत का एक अवसर होगा - उम्मीद है वहाँ मुलाकात होगी।