02/09/2026
कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं महिला व बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न
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मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में आई कमी, सिकल सेल सुरक्षा अभियान के तहत 2,993 दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी, 2,315 मरीजों को पेंशन स्वीकृत
बड़वानी 02 सितम्बर 2026/कलेक्टरेट सभागृह बड़वानी में बुधवार को कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं महिला व बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और महिला-बाल कल्याण से जुड़ी गतिविधियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती सिंह ने कहा कि बड़वानी एक जनजातीय बाहुल्य जिला है, जहाँ स्वास्थ्य विभाग को सर्वाधिक प्रतिबद्धता के साथ काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को परिणाम को ध्यान में रखते हुए कार्य करने, नए अमले को प्रशिक्षित कर दक्ष बनाने और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में दिए गए मुख्य निर्देश एवं निर्णयः-
1.जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सूचकांकों में अपेक्षित सुुुधार परिलक्षित हुआ है। राज्य की मानक दर अनुसार जिले में 1 अप्रेल 2026 से 31 अगस्त तक मातृ मृत्यु दर में लगभग 33% तथा शिशु मृत्यु दर में 51% की कमी आई हैं। जो कि इस बात का परिचायक है कि, स्वास्थ्य सेवाएं जिले अंतर्गत समर्पित एवं गुणवत्ता पूर्ण प्रदान की जा रही है।
कलेक्टर ने ठीकरी विकासखंड में पीआईएच प्रबंधन में लापरवाही पाए जाने पर हुई मातृ मृत्यु पर नाराजगी जताते हुए ठीकरी बीएमओ, बीसीएम और बीई तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
2.जिले में चलाए जा रहे सिकल सेल सुरक्षा अभियान के तहत विभिन्न ब्लॉकों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर मरीजों को इलाज, टीकाकरण, यूडीआईडी कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और पेंशन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। इस अभियान के अंतर्गत अब तक 2,993 दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं और 2,315 मरीजों की पेंशन शुरू की गई है। साथ ही जिन पात्र सिकल सेल मरीजों का प्रमाण पत्र अभी नहीं बना है, वे प्रत्येक मंगलवार जिला अस्पताल या ब्लॉक शिविर में मेडिकल बोर्ड से जांच कराकर प्रमाण पत्र बनवाएं, ताकि उन्हें पेंशन का लाभ मिल सकते है।
सिकल सेल मिस-मैनेजमेंट पर बीएमओ निवाली को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया, जबकि बीएमओ सेंधवा को गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
3.मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के तहत 7 विकासखण्डों में हृदय उपचार की आवश्यकता वाले 34 बच्चों की पहचान की गई। 26 बच्चों को मेडिकल मैनेजमेंट/नॉर्मल इको का लाभ मिला, 1 बच्चे को आरबीएसके और 7 बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचारित किया गया। कुल 8 बच्चों की सफल सर्जरी की गई। वही मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना अंतर्गत कुल 10 चिन्हित बच्चों में से 5 बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया तथा 1 बच्चे को एवीटी थेरेपी से लाभान्वित किया गया।
4.अनमोल पोर्टल पर पंजीयन, मॉडरेट एनीमिया और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मैनेजमेंट में असंतोषजनक प्रगति पाए जाने पर ठीकरी एवं राजपुर क्षेत्र के बीएमओ का एक सप्ताह का वेतन राजसात करने के आदेश दिए गए। पाटी विकासखंड के बीएमओ को भी मिस-मैनेजमेंट पर शो-कॉज नोटिस दिया गया।
5.टीकाकरण व मौसमी बीमारियांः- टीकाकरण में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला टीकाकरण अधिकारी की सराहना की गई, जबकि सिलावद बीएमओ से कम प्रगति पर आगामी बैठक में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई। वर्षा ऋतु को देखते हुए निमोनिया, डेंगू, मलेरिया व कुष्ठ रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
6.गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन के तहत मॉडरेट एनीमिया और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) मैनेजमेंट रिपोर्ट की समीक्षा में ठीकरी एवं राजपुर क्षेत्र की प्रगति असंतोषजनक पायी जाने पर संबंधित क्षेत्र के बीएमओ का एक सप्ताह का वेतन राजसात करने के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त, मिस-मैनेजमेंट के मामले में पाटी विकासखंड के बीएमओ को भी शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।
7.बैठक में जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को किए जाने वाले भुगतान की समीक्षा की गई। साथ ही, सेंधवा क्षेत्र के ग्राम इनायकी में नए डिलीवरी पॉइंट को जल्द से जल्द पूरी तरह क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए।
एसएनसीयू, एनबीएसयू एवं एनआरसी में बेड ऑक्युपेंसी तथा सफल डिस्चार्ज दर बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
8.जिला टीबी अधिकारी को टीबी मरीजों के लिए फूड बास्केट वितरण में तेजी लाने और निरंतर स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए।
9.महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रथम एवं द्वितीय प्रसव के शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत अति कुपोषित और मध्यम कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर लक्ष्यबद्ध तरीके से पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपस्थिति
बैठक में मुख्य रूप से डिप्टी कलेक्टर श्री आकाश यादव, सीएमएचओ डॉ. जयपाल ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना सहित स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग के अन्य जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।