Department of Forest, Madhya Pradesh

Department of Forest, Madhya Pradesh Official Handle of Forest Department , Government of Madhya Pradesh
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वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में वन विभाग का नवाचार    वन्यजीव अपराध रोकने के लिए Pench National Park - Official Handle ने...
06/08/2026

वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में
वन विभाग का नवाचार

वन्यजीव अपराध रोकने के लिए Pench National Park - Official Handle ने विकसित किया पेंच एडवासं वार्निंग सिस्टम (PAWS)

कर्नाटक वन विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने कान्हा टाइगर रिजर्व में किया अध्ययन PRO Jansampark Mandla
04/08/2026

कर्नाटक वन विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने कान्हा टाइगर रिजर्व में किया अध्ययन

PRO Jansampark Mandla

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सामूहिक गान के साथ ...
04/08/2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सामूहिक गान के साथ प्रारंभ हुई बैठक में वन राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार उपस्थित रहे।

Dr Mohan Yadav CM Madhya Pradesh
Jansampark Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश एसटीएसएफ की बड़ी कार्रवाईतेंदुआ शिकार गिरोह का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार10 तेंदुओं के अवशेष बरामद, कूनो समेत...
03/08/2026

मध्यप्रदेश एसटीएसएफ की बड़ी कार्रवाई

तेंदुआ शिकार गिरोह का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार

10 तेंदुओं के अवशेष बरामद, कूनो समेत कई वन क्षेत्रों में शिकार की पुष्टि

भोपाल : मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने एक संगठित अंतर्राज्यीय तेंदुआ शिकार एवं वन्यजीव अंग तस्करी गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है। एसटीएसएफ की कार्रवाई में 7 आरोपियों को श्योपुर-मुरैना क्षेत्र में गिरफ्तार किया।

मामले की छानबीन में जुटे एसटीएसएफ ने 23 जुलाई 2026 को आगरा में वन विभाग और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई में 4 कथित वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 तेंदुओं की खालें तथा दूसरे वन्यजीव अवयव बरामद किए। प्रारंभिक जांच में इस अंतर्राज्यीय गिरोह के तार मध्यप्रदेश से जुड़े पाए गए। इसके बाद एसटीएसएफ ने विशेष जांच दल गठित कर आगरा तथा मध्यप्रदेश के उत्तरी जिलों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।

30 जुलाई को एसटीएसएफ, कूनो वन्यजीव वनमंडल, श्योपुर वनमंडल और मुरैना वनमंडल की संयुक्त टीमों ने आरोपियों की निशानदेही पर श्योपुर और मुरैना जिले के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान तेंदुओं की बड़ी मात्रा में हड्डियां और अन्य अवशेष बरामद किए गए। इस मामले में 2 वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गये हैं।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 10 तेंदुओं के शिकार की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि इनमें से 6 तेंदुओं का शिकार कूनो वन्यजीव वनमंडल, दो श्योपुर वनमंडल तथा दो चंबल अभयारण्य (मुरैना वनमंडल) में किया गया था। आरोपियों से शिकार में प्रयुक्त लेग-होल्ड ट्रैप (फंदे) भी बरामद किए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह संगठित तरीके से वन्यजीव अपराधों में संलिप्त था।

एसटीएसएफ एसटीएसएफ ने इकराम पुत्र मनीराम आदिवासी, लज्जाराम पुत्र विद्या उर्फ पन्नानाथ, गोपाल पुत्र कारू आदिवासी, महेश पुत्र जरदान आदिवासी, प्रकाश पुत्र होतम आदिवासी, हुब्बा पुत्र दीवान आदिवासी (सभी निवासी ग्राम झार बरोदा, तहसील विजयपुर, जिला श्योपुर) तथा गब्बर पुत्र सरूपा, निवासी ग्राम हंसई, जिला मुरैना (जिसे आगरा न्यायालय की अभिरक्षा से गिरफ्तार किया गया) को गिरफ्तार गिया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को एसटीएसएफ के लिए अधिकृत विशेष न्यायालय, शिवपुरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण में रिमांड की कार्रवाई एवं विस्तृत विवेचना जारी है।

यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि श्योपुर-विजयपुर और कूनो परिक्षेत्र शिकार की कई घटनाएं में सामने आई हैं। यही क्षेत्र कुनो राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है, जहां देश की महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट चीता' योजना के अंतर्गत अफ्रीकी चीतों का पुनर्वास किया गया है। पिछले चार वर्षों में कूनो वैश्विक स्तर पर वन्यजीव संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।

M.P. Tiger Foundation Society, India

01/08/2026

रानी दुर्गावती की नगरी जबलपुर में आज 11 लाख पौधरोपण का ऐतिहासिक और प्रेरणादायी अवसर है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में संचालित 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान अंतर्गत देशभर में 25 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इसी क्रम में आज जबलपुर में 11 लाख पौधों का ऐतिहासिक पौधरोपण कर हम हरित प्रदेश के अपने संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। विशेष रूप से मियावाकी पद्धति से पौधरोपण कर कम समय में सघन एवं समृद्ध हरित क्षेत्र विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है।

- डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री

Dr Mohan Yadav CM Madhya Pradesh
Jansampark Madhya Pradesh

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  ेड़_माँ_के_नाम अभियान के अंतर्गत मियावाकी पद्धति से 11 लाख पौधों के महाअभियान का शुभारंभ क...
01/08/2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ेड़_माँ_के_नाम अभियान के अंतर्गत मियावाकी पद्धति से 11 लाख पौधों के महाअभियान का शुभारंभ कर पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और हरित भविष्य के निर्माण का संदेश दिया।

Dr Mohan Yadav CM Madhya Pradesh
Jansampark Madhya Pradesh

01/08/2026

आज जबलपुर में 11 लाख पौधरोपण का नया कीर्तिमान स्थापित हुआ, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक पहल है। नैसर्गिक सौंदर्य से समृद्ध हमारे जबलपुर संभाग की पहचान को यह अभियान और सशक्त बनाएगा। वहीं, पेड़ केवल हमें ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि कार्बन डाई ऑक्साइड को अवशोषित कर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के लिए हम सभी को पौधरोपण का संकल्प लेकर सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।

- डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री

Dr Mohan Yadav CM Madhya Pradesh
Jansampark Madhya Pradesh

युवराज बाघ का खिवनी अभ्यारण से वन विहार तक का सफर भोपाल :  युवराज बाघ का जन्म लगभग एक दशक पूर्व खिवनी अभ्यारण में हुआ था...
31/07/2026

युवराज बाघ का खिवनी अभ्यारण से वन विहार तक का सफर

भोपाल : युवराज बाघ का जन्म लगभग एक दशक पूर्व खिवनी अभ्यारण में हुआ था। जन्म के 2 वर्ष पश्चात् यह लगातार खिवनी अभ्यारण के पर्यटन क्षेत्र में पर्यटकों को दिखता रहा। वयस्क अवस्था में यह खिवनी अभ्यारण की राधा (बाघिन) एवं मीरा (बाघिन) के साथ भी रहा और उसने खिवनी अभ्यारण में बाघों का कुनवा बढ़ाने में विशेष योगदान दिया।

जून के तीसरे सप्ताह के अन्त में उसकी टेरीटरी में युवा बाघ आ जाने के कारण उसकी लड़ाई युवा बाघ से हुई। जिस कारण यह अत्यंत घायल हुआ, फलस्वरूप यह चल-फिर नहीं पा रहा था। उसकी इस अवस्था को देखते हुए वन विभाग द्वारा उसको पकड़ने का निर्णय लिया गया और दिनांक 27 जून को विपरीत परिस्थितियों में वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल की रेस्क्यू टीम के अथक प्रयासों से युवराज बाघ को रेस्क्यू कर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल लाया गया।

6 दिन बाद उसको (युवराज) बेहोश कर उसका सघन स्वास्थ्य परीक्षण एवं एक्स-रे किया गया। गहन परीक्षण में पाया गया कि उसके आगे के दोनों पैरों में एवं पिछले बांए पैर में गहरे घाव थे एवं एक्सरे से पता चला कि उसके आगे के दोनों पंजों में फेक्चर है। पिछले बांए पैर में घाव गहरा होने के कारण 6 टांके भी लगाये गये हैं। बाघ की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाकर उसका सतत उपचार किया जा रहा है। लगभग 1 महीने पश्चात् उसने गुणात्मक सुधार भी परिलक्षित हो रहा है।

On  , we salute the unwavering dedication and courage of our Forest Rangers who stand as the first line of defense for f...
31/07/2026

On , we salute the unwavering dedication and courage of our Forest Rangers who stand as the first line of defense for forests, wildlife, and biodiversity. Their commitment keeps nature thriving for generations to come.

Dr Mohan Yadav CM Madhya Pradesh

वन अधिकार अधिनियम का क्रियान्‍वयन समन्‍वय से करें: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेलविशेष ग्राम सभाओं में होंगे वन अधिकारों की ...
30/07/2026

वन अधिकार अधिनियम का क्रियान्‍वयन समन्‍वय से करें: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल

विशेष ग्राम सभाओं में होंगे वन अधिकारों की जागरूकता के प्रयास

राज्यपाल ने की सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के क्रियान्‍वयन की समीक्षा

भोपाल : राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम 2006 जनजाति कल्याण का प्रतिबद्ध प्रयास है। संबंधित विभाग इस अधिनियम के क्रियान्वयन को विशेष प्रयासों से और अधिक प्रभावी बनाए। उन्होंने कहा कि क्रियान्‍वयन कार्य में आवश्‍यकता अनुसार स्‍थानीय जन प्रतिनिधियों और ज़िम्मेदार नागरिकों का सहयोग लें।

राज्यपाल श्री पटेल गुरुवार को लोकभवन में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। सांदीपनि सभागार में आयोजित बैठक में राज्‍यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे।

राज्यपाल श्री पटेल ने बैठक में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। सामुदायिक वन संसाधन, संरक्षण और प्रबंधन के अधिकारों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप ग्राम सभा की समुचित प्रक्रिया अपनाई जाये। समस्‍त प्रक्रिया को ग्राम सभा में सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में किया जाए। राज्‍यपाल श्री पटेल ने पेसा ग्रामों में अधिनियम की प्रगति जानी। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के कार्यों और वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखें। समय-समय पर वित्तीय प्रबंधन के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों का निरीक्षण भी कराएं।

राज्यपाल श्री पटेल को अपर मुख्य सचिव पंचायत ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने बताया कि 15 अगस्त की विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से वन संसाधन अधिकार अभियान को और आगे बढ़ाया जायेगा। स्थानीय स्तर पर जन जागरूकता के विशेष प्रयास किए जायेगें। अधिनियम के क्रियान्वयन से संबंधित सभी विभागों का सहयोग भी लिया जायेगा। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा ने प्रदेश भर में वनाधिकार कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिनियम के क्रियान्‍वयन से जुड़ी समस्‍त प्रक्रियाओं की जानकारी दी। क्षेत्र विशेष की आवश्‍यकता अनुसार कार्यो पर चर्चा की। प्रमुख सचिव वन श्री राघवेंद्र सिंह ने आगामी दिनों में वन संसाधन अधिकार से संबंधित लंबित कार्यों को तेज़ी से पूर्ण करने की बात कही।

बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव श्री ई. रमेश कुमार, जनजाति प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती मीनाक्षी सिंह, प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) श्री शुभरंजन सेन, प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक श्री मनोज कुमार अग्रवाल और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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कार्यालय अ. प्र. मु. व. सं. (कक्ष-सूचना प्रौद्योगिकी), आधार/तल खंड ‘डी’, सतपुडा भवन
Bhopal
462004

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