संदीप गुप्ता

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13-14 August, Ratanpur, Bilaspur रतनपुर में विश्व हिंदू परिषद का 2 दिवसीय जिला अभ्यास वर्ग प्रारम्भ गौसंवर्धन, सामाजिक स...
18/08/2026

13-14 August, Ratanpur, Bilaspur
रतनपुर में विश्व हिंदू परिषद का 2 दिवसीय जिला अभ्यास वर्ग प्रारम्भ
गौसंवर्धन, सामाजिक समरसता और संगठन विस्तार पर हुआ मंथन
रतनपुर, 13 अगस्त 2026। विश्व हिंदू परिषद द्वारा रतनपुर के श्री सिद्धि विनायक मंदिर परिसर में जिला अभ्यास वर्ग का आयोजन किया गया। अभ्यास वर्ग के उद्घाटन सत्र में संत समाज के आशीर्वचन के साथ संगठनात्मक एवं सामाजिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में जिले एवं प्रांत के विभिन्न दायित्ववान कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात गिरजाबंद हनुमान मंदिर के पूज्य संत श्री श्री तारकेश्वर पुरी जी महाराज का आशीर्वचन प्राप्त हुआ। उन्होंने समाज एवं धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सेवा कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौमाता की सेवा आज समाज के सामने एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसके लिए केवल गौशालाओं तक सीमित प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को गौसेवा एवं गौसंवर्धन से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ने के लिए विश्व हिंदू परिषद के सामने अभी अनेक कार्य शेष हैं, जिन्हें समाज की सक्रिय सहभागिता के साथ पूरा करना होगा।
अभ्यास वर्ग के उद्घाटन सत्र में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह कोषाध्यक्ष श्री संदीप गुप्ता मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि संगठन का कार्य केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि कार्यकर्ताओं को निरंतर समाज के बीच संपर्क, संवाद और सेवा के माध्यम से अपनी भूमिका निभानी होगी। श्री गुप्ता ने कहा कि कार्यकर्ता के लिए संगठन के प्रति आत्मीयता, अनुशासन और निरंतर सक्रियता सबसे महत्वपूर्ण है। संगठन द्वारा निर्धारित योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब जिला, प्रखंड और ग्राम स्तर तक कार्यकर्ता उन्हें अपनी जिम्मेदारी मानकर आगे बढ़ाएँ। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे केवल कार्यक्रमों में सहभागिता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच निरंतर संपर्क स्थापित करें और संगठन के सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता तथा धर्म जागरण से जुड़े कार्यों को गति दें।
मुख्य वक्ता ने माननीय अशोक सिंघल जी के जन्मशताब्दी वर्ष को संगठनात्मक एवं सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि यह केवल स्मरण का वर्ष नहीं, बल्कि उनके जीवन, विचारों और संगठन के प्रति समर्पण को समाज तक पहुंचाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि अशोक जी के जीवन में धर्म के प्रति अटूट निष्ठा, समाज के प्रति आत्मीयता और संगठन के प्रति पूर्ण समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उनके विचारों को कार्यकर्ताओं के व्यवहार और कार्यशैली में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने सामाजिक समरसता को संगठन के प्रमुख विषयों में रखते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ संपर्क, संवाद और आत्मीय संबंध स्थापित करना आवश्यक है। इस वर्ष सामाजिक समरसता संत यात्रा, समरसता गोष्ठियों तथा संत समाज के व्यापक संपर्क जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। संतों के नेतृत्व में सेवा बस्तियों में संपर्क एवं पदयात्रा तथा समाज के बीच आत्मीय संवाद जैसे प्रयासों को भी आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई।
अभ्यास वर्ग में गौसंवर्धन एवं गौ-आधारित प्राकृतिक कृषि पर भी विशेष रूप से चर्चा हुई। मुख्य वक्ता ने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय ग्राम व्यवस्था, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारभूत कड़ी हैं। आवश्यकता है कि गौशालाओं को केवल निराश्रित गौवंश की सेवा तक सीमित न रखते हुए समाज और ग्राम व्यवस्था से जोड़ा जाए। परिवारों में गौपालन को प्रोत्साहन देने तथा गौ-आधारित प्राकृतिक कृषि के प्रति किसानों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी कार्य करने की आवश्यकता बताई गई।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कृषि के माध्यम से भूमि, जल एवं पर्यावरण के संरक्षण के साथ किसानों की लागत को कम करने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं। इसके लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर किसान गोष्ठियों, गौपालक परिवारों से संपर्क तथा प्राकृतिक कृषि से जुड़े किसानों के अनुभवों को समाज तक पहुंचाने जैसे कार्यक्रम किए जाने चाहिए।
अभ्यास वर्ग में पूज्य संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर समाज में उनके जीवन, अध्यात्म, कर्म एवं सामाजिक समरसता के संदेश को पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। जिला स्तर पर संत रविदास जी से जुड़े मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित करने तथा समाज के विभिन्न वर्गों को इन कार्यक्रमों से जोड़ने का आह्वान किया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर संत रविदास जी के जीवन एवं विचारों पर गोष्ठियों और सामाजिक समरसता के कार्यक्रम आयोजित करने की कार्ययोजना पर भी विचार किया गया।
मुख्य वक्ता ने कहा कि संगठन की योजनाओं की सफलता का वास्तविक आधार जिला एवं प्रखंड स्तर के कार्यकर्ता हैं। प्रांत द्वारा बनाई गई योजनाओं का प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब प्रत्येक जिले में कार्यक्रमों के लिए प्रभारी निर्धारित किए जाएँ, आवश्यक समितियों का गठन हो, स्थानीय समाज के प्रमुख लोगों से संपर्क किया जाए तथा पूरे वर्ष निरंतर संपर्क एवं जनजागरण का कार्य चलता रहे।
उद्घाटन सत्र में जिला अध्यक्ष श्री सौमित्र गुप्ता ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। उन्होंने अभ्यास वर्ग की आवश्यकता बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं के नियमित प्रशिक्षण और संगठनात्मक विषयों के अध्ययन से कार्य की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता बढ़ती है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन के निर्धारित कार्यक्रमों को गंभीरता से लेते हुए जिला स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदू लगना और हिंदू होना दोनों अलग बातें हैं। केवल बाहरी पहचान पर्याप्त नहीं है; जब तक संगठन हित में कार्यकर्ता दिल से प्रयास और कार्य नहीं करेंगे, तब तक अपेक्षित एवं लक्षित परिणाम प्राप्त नहीं होंगे।
कार्यक्रम के दौरान जुलाई माह में छतरपुर, दिल्ली में आयोजित केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक में पारित प्रस्तावों का वाचन भी किया गया। प्रस्तावों का वाचन श्रीमती सोनल अग्रवाल, श्री गौरव धनकर एवं श्री रिंकू शर्मा द्वारा किया गया। केंद्रीय स्तर पर लिए गए निर्णयों एवं प्रस्तावों को जिला स्तर तक पहुंचाते हुए उनके अनुरूप आगामी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
अभ्यास वर्ग में प्रांत उपाध्यक्ष श्रीमती प्रेमलता बिसेन, प्रांत सह कोषाध्यक्ष श्री संदीप गुप्ता, बजरंग दल प्रांत संयोजक श्री शुभम नाग, दुर्गा वाहिनी प्रांत संयोजिका श्रीमती भारती सिंह, विभाग मंत्री श्री विकास शर्मा, जिला अध्यक्ष श्री सौमित्र गुप्ता, बजरंग दल प्रांत विद्यार्थी सह प्रमुख श्री अंकुश ठाकुर, धर्म प्रसार विभाग के प्रांत टोली सदस्य श्री प्रमोद कश्यप, जिला मंत्री श्री विक्रांत केशरवानी, मातृ शक्ति जिला संयोजिका श्रीमती सोनल अग्रवाल एवं दुर्गावाहिनी जिला संयोजिका भूमिका रायल सहित बड़ी संख्या में दायित्ववान कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अभ्यास वर्ग का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठन की आगामी योजनाओं, सामाजिक सरोकारों एवं सेवा कार्यों के प्रति अधिक सक्रिय बनाना रहा। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि संगठन का विस्तार केवल संख्या बढ़ाने से नहीं, बल्कि समाज के बीच आत्मीय संपर्क, सेवा, संस्कार, समरसता और निरंतर सक्रिय कार्य के माध्यम से होना चाहिए। अभ्यास वर्ग के माध्यम से कार्यकर्ताओं में आगामी कार्यों को लेकर नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। कार्यक्रम को सफल करने हेतु जिला दीपक सिंह ठाकुर , पुलिकत अग्रवाल विशेष रूप से सक्रिय रहे।

28/07/2026
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5th July'2026 5th July'2026 दिनांक : 05 जुलाई 2026विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा बिलासपुर में ऐतिहासिक विराट त्र...
08/07/2026

5th July'2026

5th July'2026

दिनांक : 05 जुलाई 2026
विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा बिलासपुर में ऐतिहासिक विराट त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम संपन्न, सैकड़ों बजरंगियों ने लिया धर्म रक्षा का संकल्प
मुख्य वक्ता विश्वमोहन भट्ट ने कहा – "सनातन में शस्त्र केवल शक्ति नहीं, धर्म रक्षा का संकल्प है"
बिलासपुर। विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल, बिलासपुर द्वारा रविवार को देवकी नंदन दीक्षित सभा भवन, लाल बहादुर शास्त्री शाला परिसर, सिटी कोतवाली चौक, शनिचरी बाजार में विराट त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। लगभग 500 से अधिक बजरंगियों ने त्रिशूल धारण कर धर्म, राष्ट्र एवं समाज रक्षा का संकल्प लिया। लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम ने पूरे नगर में उत्साह एवं संगठन शक्ति का अद्भुत वातावरण निर्मित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्ज्वलन में मदकू द्वीप मठ से संत शिरोमणि श्री रामरूप दास जी महाराज, तुरंगा आश्रम रायगढ़ के आचार्य राकेश जी महाराज, कार्यक्रम के अध्यक्ष सामाजिक कार्यकर्ता एवं उद्योगपति श्री प्रवीण झा, विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत मंत्री श्री पूर्णेन्द्र सिन्हा, प्रांत संयोजक श्री शुभम नाग तथा जिला अध्यक्ष श्री सौमित्र गुप्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिन्दू परिषद के मध्य क्षेत्र के बजरंग दल संयोजक श्री विश्वमोहन भट्ट ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि सनातन धर्म में ऐसा कोई देवी-देवता नहीं है जिसके हाथ में शस्त्र न हो। शस्त्र केवल युद्ध का साधन नहीं, बल्कि धर्म, संस्कृति, मातृशक्ति एवं राष्ट्र की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया, लेकिन जब भी धर्म पर आघात हुआ, उन्होंने उसका डटकर प्रतिकार किया।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए लगभग 500 वर्षों तक साढ़े चार लाख से अधिक रामभक्तों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। राम जन्मभूमि आंदोलन, रामसेतु संरक्षण तथा हिन्दू समाज के अनेक आंदोलनों में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अपना सर्वस्व समर्पित किया है।
अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि—
"न मंत्र काम में आता है, न तंत्र काम आता है, जब सामने शत्रुवृत्ति हो तो केवल यंत्र ही काम आता है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि त्रिशूल किसी के प्रति आक्रामकता का नहीं, बल्कि मातृशक्ति की रक्षा, धर्म रक्षा एवं आत्मसम्मान की सुरक्षा का प्रतीक है।
उन्होंने वर्तमान समय में समाज के समक्ष उपस्थित चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हिन्दू समाज को धर्मांतरण, लव जिहाद, नशाखोरी तथा सामाजिक विघटन जैसी प्रवृत्तियों के विरुद्ध संगठित होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि देश के 39 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में से 9 ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ हिन्दू समाज अल्पसंख्यक हो चुका है, जो चिंतन का विषय है।
उन्होंने अमरनाथ आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब अमरनाथ यात्रा पर संकट आया था, तब बजरंग दल के डेढ़ लाख से अधिक कार्यकर्ताओं ने कश्मीर की ओर कूच कर हिन्दू समाज की आस्था की रक्षा का संकल्प निभाया। आज भी यात्रा भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न होती है, जो समाज के लिए विचारणीय विषय है।
उन्होंने उपस्थित युवाओं से आह्वान किया कि वे आज की त्रिशूल दीक्षा को केवल एक कार्यक्रम न मानें, बल्कि समाज को नशामुक्त, धर्मांतरण मुक्त, लव जिहाद मुक्त तथा सनातन विरोधी शक्तियों के विरुद्ध सजग समाज निर्माण का संकल्प बनाएं।
अपने उद्बोधन का समापन उन्होंने इन प्रेरक पंक्तियों से किया—
"ईश्वर का दिया हुआ अल्प नहीं होता,
बीच में जो टूट जाए वह संकल्प नहीं होता।
हार को रखना कोसों दूर,
क्योंकि जीत का कोई विकल्प नहीं होता।"
इस अवसर पर आचार्य राकेश जी महाराज ने कहा कि आज समय हिन्दू समाज के संगठन और धर्म रक्षा का है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक बजरंगी को समाज की पीड़ा, धर्म की चिंता और राष्ट्र के गौरव के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठित एवं संस्कारित युवा ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता एवं उद्योगपति श्री प्रवीण झा ने भी समाज की एकता, संगठन एवं सेवा कार्यों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर बल देते हुए कहा कि संगठित समाज ही सुरक्षित समाज होता है।
कार्यक्रम के अंत में आचार्य राकेश जी महाराज एवं प्रांत संयोजक श्री शुभम नाग द्वारा उपस्थित युवाओं को विधिवत त्रिशूल दीक्षा प्रदान कर धर्म रक्षा, राष्ट्र सेवा एवं समाज जागरण का संकल्प दिलाया गया। त्रिशूल धारण करते सैकड़ों युवाओं का दृश्य अत्यंत प्रेरणादायी एवं अलौकिक रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह में उत्साह का संचार किया।
मंच संचालन तथा त्रिशूल दीक्षा समारोह का संचालन विश्व हिंदू परिषद प्रांत सह कोषाध्यक्ष संदीप गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में विशेष रूप से विश्व हिन्दू परिषद के मध्य क्षेत्र सेवा प्रमुख श्री विभूति भूषण जी पांडे, प्रांत सह मंत्री श्री नंदूराम साहू, प्रफुल्ल शर्मा, वंदेमातरम् मित्र मंडल के श्री महेंद्र जैन, डॉ. ललित माखीजा, भाजपा जिला महामंत्री श्री यश मनहर, श्री भृगु अवस्थी, श्री दीपक सोनी सहित बड़ी संख्या में विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी, मातृशक्ति एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल संयोजन एवं व्यवस्था में जिला बजरंग दल संयोजक श्री गौरव धनकर तथा कार्यक्रम संयोजक श्री अंकुश ठाकुर सहित समस्त कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम का समापन "भारत माता की जय", "जय श्रीराम" एवं "वन्दे मातरम्" के घोष के साथ हुआ।
॥ धर्मो रक्षति रक्षितः ॥
एक संगठन – एक संकल्प – हिन्दू राष्ट्र!
द्वारा
विश्व हिन्दू परिषद – बजरंग दल, बिलासपुर
॥ जय श्रीराम ॥

दिनांक : 05 जुलाई 2026विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा बिलासपुर में ऐतिहासिक विराट त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम संपन्न...
08/07/2026

दिनांक : 05 जुलाई 2026
विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा बिलासपुर में ऐतिहासिक विराट त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम संपन्न, सैकड़ों बजरंगियों ने लिया धर्म रक्षा का संकल्प
मुख्य वक्ता विश्वमोहन भट्ट ने कहा – "सनातन में शस्त्र केवल शक्ति नहीं, धर्म रक्षा का संकल्प है"
बिलासपुर। विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल, बिलासपुर द्वारा रविवार को देवकी नंदन दीक्षित सभा भवन, लाल बहादुर शास्त्री शाला परिसर, सिटी कोतवाली चौक, शनिचरी बाजार में विराट त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। लगभग 500 से अधिक बजरंगियों ने त्रिशूल धारण कर धर्म, राष्ट्र एवं समाज रक्षा का संकल्प लिया। लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम ने पूरे नगर में उत्साह एवं संगठन शक्ति का अद्भुत वातावरण निर्मित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्ज्वलन में मदकू द्वीप मठ से संत शिरोमणि श्री रामरूप दास जी महाराज, तुरंगा आश्रम रायगढ़ के आचार्य राकेश जी महाराज, कार्यक्रम के अध्यक्ष सामाजिक कार्यकर्ता एवं उद्योगपति श्री प्रवीण झा, विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत मंत्री श्री पूर्णेन्द्र सिन्हा, प्रांत संयोजक श्री शुभम नाग तथा जिला अध्यक्ष श्री सौमित्र गुप्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिन्दू परिषद के मध्य क्षेत्र के बजरंग दल संयोजक श्री विश्वमोहन भट्ट ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि सनातन धर्म में ऐसा कोई देवी-देवता नहीं है जिसके हाथ में शस्त्र न हो। शस्त्र केवल युद्ध का साधन नहीं, बल्कि धर्म, संस्कृति, मातृशक्ति एवं राष्ट्र की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया, लेकिन जब भी धर्म पर आघात हुआ, उन्होंने उसका डटकर प्रतिकार किया।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए लगभग 500 वर्षों तक साढ़े चार लाख से अधिक रामभक्तों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। राम जन्मभूमि आंदोलन, रामसेतु संरक्षण तथा हिन्दू समाज के अनेक आंदोलनों में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अपना सर्वस्व समर्पित किया है।
अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि—
"न मंत्र काम में आता है, न तंत्र काम आता है, जब सामने शत्रुवृत्ति हो तो केवल यंत्र ही काम आता है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि त्रिशूल किसी के प्रति आक्रामकता का नहीं, बल्कि मातृशक्ति की रक्षा, धर्म रक्षा एवं आत्मसम्मान की सुरक्षा का प्रतीक है।
उन्होंने वर्तमान समय में समाज के समक्ष उपस्थित चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हिन्दू समाज को धर्मांतरण, लव जिहाद, नशाखोरी तथा सामाजिक विघटन जैसी प्रवृत्तियों के विरुद्ध संगठित होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि देश के 39 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में से 9 ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ हिन्दू समाज अल्पसंख्यक हो चुका है, जो चिंतन का विषय है।
उन्होंने अमरनाथ आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब अमरनाथ यात्रा पर संकट आया था, तब बजरंग दल के डेढ़ लाख से अधिक कार्यकर्ताओं ने कश्मीर की ओर कूच कर हिन्दू समाज की आस्था की रक्षा का संकल्प निभाया। आज भी यात्रा भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न होती है, जो समाज के लिए विचारणीय विषय है।
उन्होंने उपस्थित युवाओं से आह्वान किया कि वे आज की त्रिशूल दीक्षा को केवल एक कार्यक्रम न मानें, बल्कि समाज को नशामुक्त, धर्मांतरण मुक्त, लव जिहाद मुक्त तथा सनातन विरोधी शक्तियों के विरुद्ध सजग समाज निर्माण का संकल्प बनाएं।
अपने उद्बोधन का समापन उन्होंने इन प्रेरक पंक्तियों से किया—
"ईश्वर का दिया हुआ अल्प नहीं होता,
बीच में जो टूट जाए वह संकल्प नहीं होता।
हार को रखना कोसों दूर,
क्योंकि जीत का कोई विकल्प नहीं होता।"
इस अवसर पर आचार्य राकेश जी महाराज ने कहा कि आज समय हिन्दू समाज के संगठन और धर्म रक्षा का है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक बजरंगी को समाज की पीड़ा, धर्म की चिंता और राष्ट्र के गौरव के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठित एवं संस्कारित युवा ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता एवं उद्योगपति श्री प्रवीण झा ने भी समाज की एकता, संगठन एवं सेवा कार्यों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर बल देते हुए कहा कि संगठित समाज ही सुरक्षित समाज होता है।
कार्यक्रम के अंत में आचार्य राकेश जी महाराज एवं प्रांत संयोजक श्री शुभम नाग द्वारा उपस्थित युवाओं को विधिवत त्रिशूल दीक्षा प्रदान कर धर्म रक्षा, राष्ट्र सेवा एवं समाज जागरण का संकल्प दिलाया गया। त्रिशूल धारण करते सैकड़ों युवाओं का दृश्य अत्यंत प्रेरणादायी एवं अलौकिक रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह में उत्साह का संचार किया।
मंच संचालन तथा त्रिशूल दीक्षा समारोह का संचालन विश्व हिंदू परिषद प्रांत सह कोषाध्यक्ष संदीप गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में विशेष रूप से विश्व हिन्दू परिषद के मध्य क्षेत्र सेवा प्रमुख श्री विभूति भूषण जी पांडे, प्रांत सह मंत्री श्री नंदूराम साहू, प्रफुल्ल शर्मा, वंदेमातरम् मित्र मंडल के श्री महेंद्र जैन, डॉ. ललित माखीजा, भाजपा जिला महामंत्री श्री यश मनहर, श्री भृगु अवस्थी, श्री दीपक सोनी सहित बड़ी संख्या में विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी, मातृशक्ति एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल संयोजन एवं व्यवस्था में जिला बजरंग दल संयोजक श्री गौरव धनकर तथा कार्यक्रम संयोजक श्री अंकुश ठाकुर सहित समस्त कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम का समापन "भारत माता की जय", "जय श्रीराम" एवं "वन्दे मातरम्" के घोष के साथ हुआ।
॥ धर्मो रक्षति रक्षितः ॥
एक संगठन – एक संकल्प – हिन्दू राष्ट्र!
द्वारा
विश्व हिन्दू परिषद – बजरंग दल, बिलासपुर
॥ जय श्रीराम ॥

22nd June'2026 🌳 बिलासपुर के पर्यावरण के लिए एक गंभीर प्रश्न...बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों के प्राकृतिक संसाधनों का उ...
22/06/2026

22nd June'2026

🌳 बिलासपुर के पर्यावरण के लिए एक गंभीर प्रश्न...

बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करने वाले बड़े सार्वजनिक उपक्रम (PSUs) जैसे कि NTPC एवं अन्य संस्थानों से एक नागरिक के रूप में कुछ प्रश्न पूछना आवश्यक है।

❓ क्या एनटीपीसी ने अपने हिस्से के पर्यावरणीय दायित्वों के अंतर्गत पर्याप्त वृक्षारोपण किया है?

❓ क्या उनके CSR फंड से बिलासपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में 50,000 से 1,00,000 पेड़ लगाने जैसी दीर्घकालिक पर्यावरणीय पहल नहीं की जा सकती?

❓ शहर के जल, भूमि और अन्य संसाधनों का उपयोग करने वाले बड़े उद्योगों और PSUs का स्थानीय पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास में योगदान कितना है?

❓ उनके CSR फंड का बिलासपुर शहर के पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सार्वजनिक सुविधाओं के विकास में वास्तविक योगदान क्या है?

आज जब बढ़ते तापमान, प्रदूषण और हरित क्षेत्र की कमी हम सभी के सामने चुनौती बनकर खड़ी है, तब केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। बड़े उद्योगों और सार्वजनिक उपक्रमों को भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में आगे आना चाहिए।

🌱 मेरा सुझाव है कि बिलासपुर के सभी बड़े PSUs और उद्योग मिलकर अगले 3 वर्षों में कम से कम 1 लाख पेड़ों का लक्ष्य निर्धारित करें और उसकी सार्वजनिक प्रगति रिपोर्ट भी जारी करें।

बिलासपुर हमारा शहर है। इसके विकास और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है।

21/06/2026

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