06/09/2026
"हे माँ नंदा! मायके की स्मृतियों को समेटे जब आप ऊंचे शिखरों की ओर बढ़ती हैं, तो संपूर्ण देवभूमि आपके जयकारों से गूंज उठती है। हम सभी भक्तों पर अपनी दया दृष्टि बनाए रखना माँ।
शुभ विदाई माँ नंदा! ⛰️🙏"
नंदा देवी राजजात यात्रा: महत्वपूर्ण जानकारीससुराल की विदाई की पौराणिक कथा: लोक मान्यताओं के अनुसार, माँ नंदा उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र की बेटी हैं. जब वे अपने मायके आती हैं, तो चारों ओर खुशहाली छा जाती है. जब वे वापस अपने पति भगवान शिव के पास कैलाश जाती हैं, तो उनके विदाई समारोह को ही राजजात यात्रा या बड़ी जात के रूप में मनाया जाता है. आँखों में आँसू, हाथों में अक्षत-फूल,मायके से चली माँ नंदा, भूलकर सब सुख-शूल।कैलाश धाम में हो आपका सुखद निवास,हर भक्त के दिल में सदा रहे आपका वास।