04/04/2026
हजारीबाग के विष्णुगढ़ में जो घटना घटी, उसने भाजपा की “चाल, चरित्र और चेहरा” एक बार फिर जनता के सामने उजागर कर दिया।
घटना में जो मुख्य अभियुक्त भीम राम निकला, वह वर्षों से भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा करता था, भाजपा की बैठकों में दिखता था, लेकिन जैसे ही सच्चाई सामने आई — भाजपा के नेताओं को अचानक याद ही नहीं कि भीम राम कौन है! वाह रे भाजपा! काम निकल गया तो आदमी भी आउट!
घटना क्या थी, यह भी जनता जान ले — विष्णुगढ़ में योजनाबद्ध तरीके से माहौल खराब करने की कोशिश की गई, ताकि इसका ठीकरा झारखंड मुक्ति मोर्चा पर फोड़ा जा सके। लेकिन जैसे ही पुलिस जांच में भाजपा से जुड़े लोगों का नाम सामने आने लगा, भाजपा के नेता तुरंत पलटी मार गए। अब कह रहे हैं — “वह हमारा नेता नहीं है।” भाजपा का यह नया वॉशिंग मशीन मॉडल है — पकड़े जाओ तो आदमी को ही पहचानने से मना कर दो!
लातेहार जिला में झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष आदरणीय लाल मोती नाथ शाहदेव जी के निर्देशानुसार जिला सचिव बुद्धेश्वर उरांव जी एवं जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव जी और सौरभ श्रीवास्तव जी द्वारा प्रेस ब्रीफ कर पूरी सच्चाई जनता के सामने रखी गई। प्रेस ब्रीफ में साफ कहा गया कि यह पूरी घटना एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य झामुमो को बदनाम करना और जनता को भ्रमित करना था।
भाजपा पहले साजिश रचती है, फिर अपने लोगों को बचाती है, और जब मामला बिगड़ जाता है तो कहती है — “हम तो जानते ही नहीं।”
इतना झूठ तो शायद गिरगिट भी रंग बदलते समय नहीं बोलता होगा!
लेकिन भाजपा भूल गई है — यह झारखंड है, यहां की जनता सब देख रही है, सब समझ रही है।
साजिश, झूठ और नफरत की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलेगी।
झामुमो जनता की आवाज है, और आवाज को दबाने की जितनी कोशिश होगी, आवाज उतनी ही जोर से उठेगी।
अब फैसला जनता करेगी —
साजिश करने वालों के साथ या झारखंड के हक की लड़ाई लड़ने वालों के साथ।