15/07/2026
लद्दाख में शिक्षा की अलख जगाने वाले Sonam Wangchuk आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 18 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका संघर्ष किसी राजनीतिक पद के लिए नहीं, बल्कि NEET पेपर लीक से प्रभावित करोड़ों छात्रों के भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर है।
लगातार 18 दिनों के अनशन के कारण उनका वजन 8.5 किलो से अधिक कम हो चुका है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक न तो सार्थक संवाद की पहल हुई है और न ही कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि उनसे मिलने पहुँचा है।
जब देश के सम्मानित नागरिकों को युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग के लिए आमरण अनशन का सहारा लेना पड़े, तो यह लोकतंत्र और शासन व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है। अब समय आ गया है कि सरकार अपनी चुप्पी तोड़े, संवेदनशीलता दिखाए, तत्काल संवाद शुरू करे और छात्रों के भविष्य के साथ-साथ सोनम वांगचुक जी के जीवन की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।