25/05/2026
तो क्या नेहा जोशी की स्वच्छ एवं बेदाग़ छवि को धूमिल करने के लिए चलाई जा रही थीं भ्रामक खबरें?
क्या भुगतान देने के बाद भी बीकेटीसी ने आरटीआई में तथ्यहीन जवाब दिया?
एक दशक से अधिक समय से सामाजिक जीवन में सक्रिय नेहा जोशी की छवि सदैव स्वच्छ, बेदाग़ एवं समाजसेवा के लिए समर्पित रही है। मातृशक्ति, युवा शक्ति और जनसेवा के लिए उनका निरंतर योगदान ही है कि उन्होंने कम उम्र में प्रदेश से लेकर राष्ट्र स्तर तक अपनी अलग पहचान बनाई। आज बच्चे-बच्चे उन्हें स्नेह से “नेहा दीदी” के नाम से जानते हैं। यह उनके सेवा भाव, सरलता और अपनापन का ही परिणाम है कि लोगों का विश्वास और प्रेम लगातार उनके साथ जुड़ा हुआ है।
हाल ही में बीकेटीसी द्वारा आरटीआई के जवाब में यह जानकारी दी गई कि नेहा जोशी की केदारनाथ यात्रा का भुगतान बीकेटीसी द्वारा किया गया। जबकि यह जानकारी पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है। जानकारी के अनुसार, नेहा जोशी एवं उनके साथियों द्वारा यात्रा का भुगतान स्वयं किया गया था। उस समय डिजिटल पेमेंट की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण भुगतान नकद रूप में किया गया।
ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर बीकेटीसी द्वारा इस प्रकार की गलत जानकारी क्यों दी गई?
क्या यह केवल एक प्रशासनिक गलती थी, या फिर किसी सुनियोजित साजिश के तहत नेहा जोशी की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया?
राजनीति में अक्सर एक नीति देखने को मिलती है कि जब किसी को रोका नहीं जा सकता, तो उसके खिलाफ भ्रामक प्रचार और साजिशों का सहारा लिया जाता है। लेकिन जब किसी पर बाबा केदार का आशीर्वाद हो, तो सत्य परेशान जरूर हो सकता है, पराजित नहीं।
अंततः सत्य सामने आता है और राजनीतिक साजिशें स्वयं बेनकाब हो जाती हैं।
बाबा केदार की अनन्य भक्त नेहा जोशी के खिलाफ रची गई साजिशें भी आखिरकार नाकाम साबित हुईं।