27/07/2026
जहाँ आरक्षण नहीं होता है, वहाँ एक-दो अपवादों को छोड़ दिया जाए तो एससी, एसटी और ओबीसी दिखाई ही नहीं देते। सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति में आरक्षण नहीं है, तो वहाँ एससी, एसटी और ओबीसी कितने हैं? राज्यसभा में आरक्षण नहीं है, तो वहाँ एससी, एसटी और ओबीसी कितने हैं? देश की प्राइवेट सेक्टर कंपनियों में आरक्षण नहीं है, तो वहाँ इन वर्गों की कितनी भागीदारी है?
दूसरी ओर, जहाँ आरक्षण लागू है, वहाँ भी कई संस्थानों में एससी, एसटी और ओबीसी का प्रतिनिधित्व उनकी आबादी के अनुपात में नहीं है। उदाहरण के लिए, IITs जैसे संस्थानों में भी इन वर्गों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिखाई नहीं देता।
इसीलिए आरक्षण का विरोध करने वाले लोग आरक्षण खत्म करना चाहते हैं, ताकि एससी, एसटी और ओबीसी किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी महत्वपूर्ण पद तक पहुँच ही न सकें और सारी सीटें और अवसर उनके लिए आरक्षित होकर रह जाएँ।
#निजी_क्षेत्र_में_आरक्षण_दो