27/10/2023
#स्वदेशी_सोलर_गन
इंसान की आँखें 100 से 200 मीटर तक ही देख पाती हैं। हमारे 'सैनिक बार्डर पर निगरानी कर पाते है ज्यादा से ज्यादा 500± रेंज में वायनाकुलर से ....पर हर समय तो नही न .......लेकिन अब चिंतित होने की जरुरत नही है क्योंकि MIET मेरठ, उत्तर प्रदेश की इनोवेशन लैब ने एक ऐसी गन बना ली है, जिसे बार्डर पर तैनात किया जा सकता है।
दरअसल यह एक इलेक्ट्रानिक गन है जो आटोमेटिक और मैनुवल दोनो ही है। इसमे कैमरे और सेंसर लगे हुये हैं जो 500 मीटर दूर तक के किसी भी हलचल की फोटो खींच कमांड रुम को भेजता है, और मैसेज मिलते ही टारगेट को नष्ट कर देता है। जिसकी वजह से कोई बेगुनाह इसकी रेंज मे नही आ सकता।
यह गन सोलर सिस्टम से चार्ज होता है और कई महीनो तक की चार्जिंग कैपिसिटी होने के कारण इसे "सूर्य" की रोशनी की बहुत ज्यादा जरुरत नही पडती।
इसे मैनुवल करके रिमोट से भी चला सकते हैं और आटो मेटिक करके मानवरहित भी चला सकते हैं। इसको बनाने मे कुल 25000 का ही खर्चा लगा है। और प्रोटोटाईप का परीक्षण भी सफल रुप से तीन दिन पहले ही हो चुका है।
यह मशीनगन पुर्ण रुप से स्वदेशी होने के साथ साथ अपने धुरी पर 360 डिग्री घुमकर दुश्मन का सफाया भी कर सकता है। इसका कुल वजन 40 किलो है। और इस गन की नजर से 500 मीटर तक कोई नही बच सकता।
आज देश में स्वदेशी एक से बढ़कर एक हथियार बन रहे है वो भी स्टार्टअप कम्पनियो द्वारा.....
अब समझे क्यों कांग्रेस सेना के हथियारों की कमी बनाए रखने और उन्हें बनाने में प्राइवेट कंपनियों और सरकारी कंपनियों की साझेदारी के खिलाफ रहती थी
कही देश और सेना मजबूत न हो जाए इसीलिए इस बिल का संसद में विरोध कर रही थी