02/09/2026
एक संत ने 26 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी और आखिरकार अपनी खोई हुई वर्दी वापस ले ली। यह कहानी मुरैना के संत गिरवर दास महाराज की है जो कभी सीआरपीएफ में हवलदार के पद पर पदस्थ थे। लेकिन एक वरिष्ठ अधिकारी से हुए विवाद के बाद उनको बर्खास्त कर दिया गया। तब से गिरवर सिंह तोमर कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।
साल 1991 में मुरैना के छिछावली गांव के रहने वाले गिरवर सिंह तोमर को सीआरपीएफ में हवलदार की नौकरी मिली थी। 8 साल तक उन्होंने ईमानदारी से अपनी नौकरी की लेकिन इसके बाद एक वरिष्ठ अधिकारी से उनका विवाद हो गया। जिसके बाद उन पर विभागीय जांच बिठा दी गई और जांच के बाद उन्हें 1999 में बर्खास्त कर दिया गया।