07/12/2024
""बीएसपी से मनुवादी मीडिया और सोशल मीडिया की नफरत""
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बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने मीडिया,प्रिन्ट मीडिया और सोशल मीडिया पर साफ तौर पर कहा था कि किसी भी पार्टी के किसी भी प्रत्याशी ने उनसे वोट नहीं मांगा, उन्होंने कहा कि संजय सेठ को इसलिए वोट दिया क्योंकि उन्होंने उनसे बार-बार वोट देने लिए कहा। संजय सेठ व उमाशंकर सिंह के बीच राजनीति में आने से पहले सम्बन्ध हैं।
आये दिन जातिवादी, बीएसपी विरोधी व सामंतवादी लोग कहते हैं कि बीससपी ने उमाशंकर सिंह को पार्टी से नहीं निकाला, जबकि प्रशान्त गौतम,मुनकाद अली,सुरेन्द्र सागर आदि को निकाल दिया।
राज्यसभा चुनाव 2024 में सपा के 11 विधायकों ने भाजपा को वोट दिया, तो इस लिहाज से अखिलेश यादव ने ही उन्हें भाजपा को वोट करने के लिए कहा होगा, फिर तो सपा और अखिलेश यादव ही भाजपा की मदद कर रहे हैं।
क्या अखिलेश यादव ने अपने इन विधायकों को सपा से निकाला? क्या अखिलेश यादव ने विधानसभा अध्यक्ष को कोई पत्र लिखा इन बागियों की सदस्यता रद्द करवाने के लिए? नहीं,अखिलेश यादव ने ऐसा कुछ नहीं किया।
राज्यसभा चुनाव 2024 में हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में कांग्रेस के कुछ विधायकों ने भाजपा को वोट दिया,तो इससे साबित होता है कि कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे,राहुल गांधी और सोनिया गांधी के कहने पर उन विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया था।
क्या कांग्रेस ने अपने इन विधायकों को पार्टी से निकाला? क्या कांग्रेस ने इनकी सदस्यता रद्द करवाने के लिए हिमाचल व कर्नाटक की विधान सभा में कोई लिखित पत्र दिया या कार्यवाही करने का मौखिक बयान दिया? नहीं,कुछ नहीं किया। कांग्रेस ने कोई कार्यवाही नहीं की।
राज्यसभा चुनाव 2024 में रालोद के सभी विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी को वोट दिए,तो इसे क्यों न बता रही मनु मीडिया। आखिर जयन्त चौधरी को क्यों बदनाम नहीं कर रही मीडिया और सोशल मीडिया। भाजपा को वोट करवाने का इनाम जयन्त चौधरी को भाजपा ने दिया और उनके दादा पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया। वैसे जयंत चौधरी इसके बाद भाजपा से गठबंधन भी कर लिए थे और भाजपा की कैबिनेट में मंत्री हैं।
ये सब मीडिया और जातिवादी लोग क्यों नहीं बताते? इसका कारण है कि बसपा की कमान एक दलित के हाथ में है और वो भी ऊपर से महिला के हाथ में। बसपा उद्योगपतियों से चंदा नहीं लेती,उन्हें सपोर्ट नहीं करती।
फिर भी आपको मीडिया,प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया,जातिवादी लोग और बसपा विरोधी यह झूठ एवं भ्रम फैला रहे हैं कि बसपा ने दिया,भाजपा का साथ।
वैसे बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह का संजय सेठ को वोट देना,उनका व्यक्तिगत मामला था क्योंकि इस राज्यसभा चुनाव में बसपा के पास इतने विधायक नहीं थे, जो वो उसे राज्यसभा चुनाव लड़ाती और उमाशंकर सिंह उसे वोट करते।
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