07/09/2026
“धर्म ऐसा होना चाहिए जो सत्य से न डरे, बल्कि सत्य की कसौटी पर स्वयं को परखे।
जिस धर्म का आधार तर्क, न्याय, समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व हो, वही धर्म मानवता के लिए सार्थक है।
अंधविश्वास नहीं, तर्क और विवेक धर्म की नींव होने चाहिए।” — बाबासाहेब डॉ. बी. आर. आंबेडकर