03/02/2026
आज बदरपुर की जनता के सवाल लेकर
मैं दिल्ली की मुख्यमंत्री से मिलने जा रहा था।
₹85 करोड़ की घोषणाओं पर
कॉलेज, अस्पताल, स्टेडियम, सड़क और O ज़ोन जैसे मुद्दों पर
सीधा और शालीन सवाल पूछना मेरा उद्देश्य था।
लेकिन अफ़सोस,
सवाल पूछने से पहले ही
मुझे मेरे ही घर में पुलिस द्वारा नज़रबंद कर दिया गया।
मैं पूछना चाहता हूँ—
क्या अब लोकतंत्र में सवाल पूछना डर का विषय बन गया है?
बदरपुर की जनता को चुप कराने की कोशिश
बदरपुर की आवाज़ को और मज़बूत करेगी।
मैं झुका नहीं हूँ,
मैं रुका नहीं हूँ—
मैं सिर्फ़ और ज़िम्मेदारी से
आपकी आवाज़ उठाता रहूँगा।
यह लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं,
बदरपुर के हक़ और सम्मान की है।
✊ जनता साथ है
✊ सच साथ है
✊ बदरपुर जाग रहा है