जन सहारा पार्टी
न्याय • समानता • लोकतंत्र
कमज़ोर की आवाज़, मज़बूत भारत 🇮🇳
धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित।
हर वर्ग के हक़ और सम्मान की लड़ाई ✊ जन सहारा पार्टी एक ऐसा समाज बनाने में विश्वास करती है जहां समानता के सिद्धांत पर काम हो । पार्टी का दृष्टिकोण धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक है। जन सहारा पार्टी समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान की दिशा में लगातार काम करने में विश्वास क
रती है और समाज के लोगो को तोड़ने वाली ताकतों के खिलाफ पूरी ताकत से खड़ी होगी।
भगत सिंह, चंद्र शेखर आजाद, सुभाष चन्द्र बोस व सभी क्रांतकारी और उनकी निष्ठा, भारत की आजादी के लिए उनके नि:स्वार्थ संघर्ष और समाज के सभी वर्गों के लोगों को एकजुट करने के लिए उनकी क्षमता का जन सहारा पार्टी के नेताओं, युवाओं और कार्यकर्ताओं पर गहरा प्रभाव है। स्वतंत्रता संग्राम व आजादी की लड़ाई के दौरान सभी क्रांतकारी कई बार जेल गए और देश के लिए शहीद हो गए, लेकिन सामाजिक समानता के लिए वह जीवन भर अडिग संघर्ष करते रहे।
जन सहारा पार्टी बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए देश के संविधान में अटूट विश्वास रखती है
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ कई लेख लिखे और यूरोप में बढ़ रहे ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का काम किया। भारत के आजाद होने के बाद वे किसानों और गरीबों की लड़ाई के लिए जमीनी राजनीति में सक्रिय हो गए और खुद को सामाजिक अन्याय के खिलाफ संघर्ष में समर्पित कर दिया। उन्होंने पूंजीवादी-सामंतवादी प्रवृत्तियों के खात्मे के लिए भी अहम लड़ाई लड़ी।
जन सहारा पार्टी के सभी पदाधिकारी जनवादी विचारधारा के साथ आगे बढ़ने का काम करेंगे। पार्टी के लोग जटिल से जटिल समस्याओं को सरलता पूर्वक जन मानस के सामने रखेंगे। पार्टी के सभी पदाधिकारी आम जनता को समाज की कुरीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाने में साथ देंगे। स्वर्गीय राजीव भाई दीक्षित जी के दिए मूलमंत्र जन सहारा पार्टी के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शक, जिसके रास्ते पर चलकर पार्टी समाज के गरीब, पिछड़े और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के सामाजिक उत्थान का काम कर रही है।