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Astrologer Neeraj Sharma

Astrologer Neeraj Sharma Astrology

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13/02/2022
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10/10/2021
08/10/2021
08/10/2021

नवरात्रि का दूसरा दिन
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आज इन मंत्रों से करें ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा,
ये है पूरी विधि

ब्रह्मचारिणी देवि की पूजा नवरात्रि के दूसरे दिन की जाती है।

देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप ज्योर्तिमय है।

ये मां दुर्गा की नौ शक्तियों में से दूसरी शक्ति हैं।
तपश्चारिणी, अपर्णा और उमा इनके अन्य नाम हैं।

इनकी पूजा करने से सभी काम पूरे होते हैं, रुकावटें दूर हो जाती हैं और विजय की प्राप्ति होती है।

इसके अलावा हर तरह की परेशानियां भी खत्म होती हैं।
देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है।

ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा विधि
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देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा करते समय सबसे पहले हाथों में एक फूल लेकर उनका ध्यान करें और प्रार्थना करते हुए निचे लिखा मंत्र बोलें।

ध्यान मंत्र
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वन्दे वांछित लाभायचन्द्रार्घकृतशेखराम्।
जपमालाकमण्डलु धराब्रह्मचारिणी शुभाम्॥
गौरवर्णा स्वाधिष्ठानस्थिता द्वितीय दुर्गा त्रिनेत्राम।
धवल परिधाना ब्रह्मरूपा पुष्पालंकार भूषिताम्॥
परम वंदना पल्लवराधरां कांत कपोला पीन।
पयोधराम् कमनीया लावणयं स्मेरमुखी निम्ननाभि नितम्बनीम्॥

इसके बाद देवी को पंचामृत स्नान कराएं, फिर अलग-अलग तरह के फूल,अक्षत, कुमकुम, सिन्दुर, अर्पित करें।
देवी को सफेद और सुगंधित फूल चढ़ाएं।
इसके अलावा कमल का फूल भी देवी मां को चढ़ाएं और इन मंत्रों से प्रार्थना करें।

1. या देवी सर्वभू‍तेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

2. दधाना कर पद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मई ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।

इसके बाद देवी मां को प्रसाद चढ़ाएं और आचमन करवाएं। प्रसाद के बाद पान सुपारी भेंट करें और प्रदक्षिणा करें यानी 3 बार अपनी ही जगह खड़े होकर घूमें।
प्रदक्षिणा के बाद घी व कपूर मिलाकर देवी की आरती करें। इन सबके बाद क्षमा प्रार्थना करें और प्रसाद बांट दें।

Astrologer Acharya Pandit Neeraj Sharma

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07/10/2021
Har Har Mahadev
05/10/2021

Har Har Mahadev

02/10/2021
25/09/2021

दक्षिणावर्ती शंख घर में रखने के बड़े हैं फायदे |
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Acharaya. Pt. Neeraj Sharma

261, Prakash Mohalla,
East of Kailash
New Delhi 110065

9899806512
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हमारे धर्म ग्रंथों में दक्षिणावर्ती शंख के अनेकों प्रकार से चमत्‍कारिक वर्णन मिलते हैं।
दक्षिणावर्ती शंख का घर में होना बहुत ही शुभ माना जाता है।
यह आध्‍यात्मिक दृष्टि से भी महत्‍वपूर्ण है और वास्‍तु के हिसाब से भी माना जाता है कि इस शंख को घर में रखने से पॉजिटिव एनर्जी आती है।
शंख को आकृति के आधार पर 3 श्रेणियों में रखा गया है।
दक्षिणावर्ती शंख अर्थात दाएं हाथ से पकड़ा जाने वाला,
वामावर्ती अर्थात बाएं हाथ से पकड़ा जाने वाला
और मध्‍यावर्ती अर्थात बीच में खुले मुंह वाला शंख।
इन तीनों में दुर्लभ दक्षिणावर्ती शंख माना जाता है।
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फायदे |
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नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश नहीं

जिस घर में यह शंख रहता है वह कभी भी धन-धान्‍य से रिक्‍त नहीं रहता।
भगवान विष्‍णु का आयुध होने के कारण यह अत्‍यंत मंगलकारी है।
जिस परिवार में विधि विधान के साथ इसकी स्‍थापना की जाती है, वहां भूत, प्रेत, पिशाच और नकारात्मक शक्तियों का का प्रवेश नहीं होता है।
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शत्रु नहीं पहुंचा पाते हानि

माना जाता है कि शत्रु पक्ष कितना भी बलशाली क्‍यों न हो इसके प्रभाव से हानि नहीं पहुंचा पाता।
इतना ही नहीं इसके प्रभाव से दुर्घटना, मृत्‍यु-भय, चोरी आदि से भी रक्षा होती है।
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लक्ष्‍मी को प्राप्‍ति में सहायक

शास्‍त्रों में लक्ष्‍मी को प्राप्‍त करने और उन्‍हें स्‍थाई रूप से निवास देने का एक मात्र प्रयोग दक्षिणावर्ती शंख ही है।
इसके प्रयोग से ऋण, दरिद्रता, रोग आदि मिट जाते हैं और सब प्रकार से संपन्‍नता आने लगती है।
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विश्‍वामित्र संहिता में है ऐसा वर्णन

दक्षिणावर्ती शंख के प्रयोग से जो सफलता मिलती है वह आश्‍चर्यजनक रूप से अद्वितीय है।
धन वर्षा करने और सुख समृद्धि प्रदान करने में इसकी कोई तुलना नहीं है।
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मार्कण्‍डेय पुराण के अनुसार

मां लक्ष्‍मी के प्रयोगों में दक्षिणावर्ती शंख प्रयोग ही सर्वाधिक उपयोगी उपाय है।
इसके प्रयोग से मां लक्ष्‍मी की कृपा आप पर बनी रहती है।
दक्षिणवर्ती शंख को देवी लक्ष्मी के साथ प्रकट हुआ माना जाता है।
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विष्‍णुपुराण में दक्षिणावर्ती शंख का महत्‍व

समुद्र मंथन से प्राप्‍त 14 रत्‍नों में शंख माता लक्ष्‍मी का सहोदर भाई है।
अत: जहां शंख है वहां मां लक्ष्‍मी का वास है।
स्‍वर्ग लोक में भी अष्‍ट सिद्धियों और नवनिधियों में भी शंख का स्‍थान महत्‍वपूर्ण है।
धार्मिक कार्यों, अनुष्‍ठान-साधना, तांत्रिक क्रियाओं में भी शंख का प्रयोग हमेशा से फलदायी माना जाता रहा है।
Pt. Neeraj Sharma
9899806512

15/09/2021
12/09/2021
11/09/2021
09/09/2021
06/09/2021

दमकता रत्न मोती हर किसी को पसंद आता है।
इसकी गुलाबी आभा न सिर्फ आकर्षण प्रदान करती है बल्कि जीवन की कई विकट समस्याओं को दूर करने का भी काम करती है।
मोती एक ऐसा रत्न है, जो अमृत का काम करता है।
जीवन के किसी भी क्षेत्र में कोई भी बाधा हो उसे दूर करता है।
मोती आपकी हर इच्छा पूरी करने की क्षमता रखता है।

1. पारिवारिक कलह-क्लेश है?
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अगर आपके जीवन में पारिवारिक कलह पीछा नहीं छोड़ रहा है और पति-पत्नी के बीच अनबन रहती है
तो इस परेशानी को दूर करने के लिए पत्नी को मोती का हार पहनाएं,
इससे बहुत लाभ होगा तथा घर में शांति बनी रहेगी और समृद्धि रहेगी।

2. संतान का स्वास्थ्य खराब है?
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अगर आपकी संतान का स्वास्थ्य अच्छा न रहता हो,
छोटे बच्चों को कुछ न कुछ लगा ही रहता है ऐसी स्थिति में मोती एकदम रामबाण का काम करता है।
आप यह करें कि बच्चों को गले में एक चांदी के चन्द्रमा में मोती लगाकर पहनाएं, बच्चा स्वस्थ रहेगा।

3. निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं?
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अगर जीवन में कोई निर्णय लेने की स्थिति में असमंजस की स्थिति बनती है तो यह बहुत ही विकट समस्या है।
निर्णय न लेने की वजह से व्यक्ति बड़े से बड़ा नुकसान कर बैठता है।
ऐसी स्थिति में व्यक्ति अपने घर में स्थित भगवान गणपति को मोती का हार पहनाएं और सोमवार के दिन नित्य गणपति स्तोत्र का पाठ करें तो बहुत लाभ मिलेगा और असमंजस की स्थिति समाप्त हो जाएगी।


4. धन की हर वक्त रहती है कमी?
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जीवन में रोजगार होते हुए भी धन का अभाव रहता है और व्यक्ति इसके अभाव में हमेशा परेशान रहता है
तो ऐसी स्थिति में व्यक्ति अपने पूजा स्थान में 2 मोती के दाने लेकर एक पीले कपड़े में बांधकर रखे।
इससे लक्ष्मीजी की असीम कृपा होगी और कभी धन का अभाव नहीं रहेगा।

5. चंचल मन, क्रोधी स्वभाव है ?
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कई बार ऐसी स्थिति हो जाती है कि मन में चंचलता रहती है और स्वभाव में क्रोध।
इस आदत से आप खुद भी परेशान रहते हैं तो ऐसी स्थिति में मोती बहुत लाभकारी होता है।
ऐसी स्थिति हो तो व्यक्ति एक सुन्दर और साफ मोती का दाना सफेद कपड़े में बांधकर अपने पास रखें।
इससे मन भी अशांत नहीं रहेगा और जो स्वभाव में क्रोध रहता है, वह समाप्त हो जाएगा।

6. चाहकर प्रगति नहीं कर पा रहे हैं?
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अथक प्रयास के बावजूद प्रोफेशनल करियर में व्यक्ति उतनी तरक्की नहीं कर पाता है
जितनी के लिए वह मेहनत करता है और करियर थम-सा जाता है तो ऐसी स्थिति में आप अपने पास एक चांदी की डिब्बी में मोती बंदकर बैग में रखें। दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की होगी।

7. महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग अक्सर बीमार रहते हैं?
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कई बार ऐसा होता है कि घर में अक्सर कोई न कोई सदस्य बीमार रहता है और खासतौर पर जब महिलाएं, बुजुर्ग या बच्चे बीमार रहने लगें तो परेशानी और बढ़ जाती है।
ऐसी स्थिति में पूर्णिमा के दिन चावल पर मोती रखकर किसी ब्राह्मण को घर बुलाकर दान दें, आपके घर से रोग समाप्त हो जाएंगे।

Jai mata di

Astrologer Acharaya
Pt. Neeraj Sharma

261, Prakash Mohalla,
East of Kailash
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