Sunil Kumar

Sunil Kumar Advocate at Supreme Court , High Court and tribunals

Backlog Fobia is wrong, injustice need not be wrapped in cover,AI can do wonder,use it
22/03/2026

Backlog Fobia is wrong, injustice need not be wrapped in cover,AI can do wonder,use it

UN not only toothless but breathless as well
17/03/2026

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बिहार में सियासी भूचाल? नीतीश का अगला कदम क्या होगा! फिर होगा यू-टर्न!  ... https://youtu.be/vIWKJ8fTmRg?si=0HXANnMPlRuW...
16/03/2026

बिहार में सियासी भूचाल? नीतीश का अगला कदम क्या होगा! फिर होगा यू-टर्न! ... https://youtu.be/vIWKJ8fTmRg?si=0HXANnMPlRuWeE-a via

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और इसके केंद्र में हैं Nitish Kumar। अपने लंबे राजनीतिक सफर में कई बार गठब.....

House Tax का हमला! जनता की जेब पर नया वार | DALAAN KA DANGAL.... House T... https://youtu.be/rb0QZ-XEhPs?si=80Hotf99uCvh...
16/03/2026

House Tax का हमला! जनता की जेब पर नया वार | DALAAN KA DANGAL.... House T... https://youtu.be/rb0QZ-XEhPs?si=80Hotf99uCvh1HCX via

गाज़ियाबाद के Shipra Sun City में रहने वाले घर मालिक इन दिनों नगर निगम के भारी-भरकम हाउस टैक्स से परेशान हैं। लोगों का आरोप ह....

मेट्रो सेक्टर ६२ नॉएडा और साहिबाबाद RRTS को जोड़ने का सुझाव पिछले एक साल से दे रहा हू, अब जाकर समझ आयी
11/06/2023

मेट्रो सेक्टर ६२ नॉएडा और साहिबाबाद RRTS को जोड़ने का सुझाव पिछले एक साल से दे रहा हू, अब जाकर समझ आयी

सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने आस पास के विकास के लिए करें ,भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए करें ,बात आगे तक जाती है, संको...
11/06/2023

सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने आस पास के विकास के लिए करें ,भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए करें ,बात आगे तक जाती है, संकोच न करें

22/03/2022

सेनारी नरसंहार, बारा नरसंहार के बारे में किसी को बताने की ज़रूरत नहीं, ये दोनों नरसंहार लालू यादव के द्वारा संरक्षित सरकारी आतंकी संगठन MCC द्वारा किया गया था, लालू जी भी भाजपा की तरह एक जाति विशेष को villain बताकर हरिजन को अपने पक्ष में करने के लिए इस्तेमाल करते थे, MCC भूमिहार को टार्गेट करती थी और प्रतिशोध में भूमिहार हरिजन को, Senari नरसंहार में लालू जी की रणनीति उजागर हुयी, मिया पुर में यादव टार्गेट बने तो लालू जी को अपना खेल बदलना प़डा, नरसंहार की जाँच की सारी जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की थी, जाँच ऐसी हुयी कि सारे आरोपी बरी हो गए जैसे उन लोगों ने आत्महत्या की हो,कश्मीर से ज्यादा भयावह स्थिति उस समय Central Bihar की थी, लेकिन संघर्ष किया, Corona आया लोगों ने संघर्ष किया, कश्मीर Files की तरह का संघर्ष हर किसी के जीवन में चल रहा है और ऐसे संघर्ष से ही व्यक्ति ताकतवर भी होता है, लेकिन ये लोग safe passage लेकर निकल लिए, सरकार ने दिल्ली में रहने की पूरी व्यवस्था की, तीस साल पहले की एक घटना जो 19 जनवरी 1990 को घटित हुयी जब केंद्र में भाजपा समर्थित VP Singh की सरकार थी और भाजपा के दबाब में बिना राज्य सरकार की सहमति के नियुक्त राज्यपाल, यही वजह थी कि फारूक अब्दुल्ला ने इस्तीफा दिया और पंडितों के खिलाफ आग भड़काया, भाजपा समर्थित सरकार उनकी रक्षा करने में विफल रही, आडवाणी जी गिरफ्तार हुए तो सरकार गिरा दी लेकिन कश्मीर की घटना के लिए कुछ भी नहीं, Congress विपक्ष में थी, राजीव गांधी ने Parliament का घेराव किया, फिर भी वही जिम्मेदार? जो narrative set की जा रही वो गलत है, आज की राजनीति के मौत के सौदागर कब्र खोदकर राजनीति करना चाह रहे हैं, इसके अलावा ये और कुछ नहीं है

26/11/2021

मोदी जी या योगी जी आप सपने बहुत बड़े बड़े दिखाते हैं, काम भी शुरू कर देते हैं, कॉंग्रेस के भूमि अधिग्रहण कानून की वजह से आपको भूमि अधिग्रहण में कोई दिक्कत नहीं होती है, 2G,3G, 4G या 5G से सरकार हवा बेचकर भी खूब कमाई कर रही है, पेट्रोल पर भी बहुत कमाई हुयी है, public money का इस्तेमाल संतुलित तरीके से होना चाहिए, देश बहुत बड़ा है, Delhi NCR ही भारत नहीं है, Corona काल में आपने देख ही लिया, गंगा में तैरती लाशों को शायद आप भूल गए, पहले मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करे, जो सुविधाएं विकसित की गई हैं उनका बेहतर इस्तेमाल किया जाय, 8 मार्च 2019 को Ghaziabad में सिविल एविएशन टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया था. वायुसेना के हिंडन एयरबेस से लगे सिविल एयरपोर्ट से पहली व्यावसायिक उड़ान सेवा शुरु हुई थी जिसके तहत नौ सीटों वाले एक विमान ने उत्तराखंड के पिथौड़ागढ़ जिले के लिए उड़ान भरी थी. यह भी चुनाव के पहले शुरू किया गया था , लगभग विकास , रोजगार, सुन्दरता के वैसे ही दावों के साथ जैसा अज जेवर के बारे में हैं .
इस टर्मिनल को चालीस करोड़ रूपये खर्च कर बनाया गया था .यहाँ यात्रियों की सुविधा के लिए आठ चेक-इन काउंटर, चार जांच बूथ, दो आगमन स्थल और 90 गाड़ियों को खड़ा करने के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रति घंटे ट्रमिनल पर 300 यात्रियों की आवाजाही की सुविधा होगी। इस सिविल एन्क्लेव में व्यस्त समय में 300 यात्री आ और जा सकते हैं।
दावा किया गया था कि इस हवाई अड्डे से उड़ानें शुरू हो जाने के बाद सबसे ज्यादा फायदा गाजियाबाद, पूर्वी दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, बुलंदशहर के नागरिकों को मिलेगा, जो अभी तक फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जाना पड़ता था। इससे उन्हें फ्लाइट के समय से करीब दो घंटे पहले निकलना पड़ता था। खूब प्रचार हुआ की यहाँ से पिथौरागढ़ (उत्तराखंड),नाशिक (महाराष्ट्र),कन्नूर (केरल), फैजाबाद (उत्तर प्रदेश), हुबली (कर्नाटक), शिमला (हिमाचल प्रदेश), कालाबुर्गी (गुलबर्ग, कर्नाटक), जामनगर (गुजरात) के लिए उड़ान मिलेगी .यहां भी पता नहीं कौन सलाहकार होते हैं अगर पटना, प्रयाग राज, वाराणसी, रांची, दरभंगा जैसी जगहों के लिए उड़ान की व्यवस्था होती तो बेहतर रहता क्युकि इस area की avadi इन्हीं जगहों की है, शायद लोग इसका फायदा उठाते, लेकिन दिमाग से पैदल अधिकारी public money के इस्तेमाल का कोई अलग ही इरादा रखते हैं, बन्दे भारत ट्रेन शुरू किया है, बहुत अच्छा है, वाराणसी, प्रयाग राज और कानपुर से आने वाले यात्रियों को ghaziabad station पर उतरने की सुविधा दे दी जाती तो आधी ट्रेन यहीं खाली हो जाय, लोगों का समय बचता, अनावश्यक गाड़ियों के इस्तेमाल से बचाकर प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग भी मिलता, गैर जिम्मेदार अधिकारियों को तो दण्डित किया जाना चाहिए, हमलोग इस क्षेत्र में रहते हैं, दुःख होता है देखकर, हिंडन airport की
हकीकत तो यह है की पहले तो Covid के नाम पर और उसके बाद अज्ञात कारणों से यहाँ से उड़ान हैं ही नहीं , इस हवाई अड्डे की तरफ आने वाले रास्ते – चाहे भजनपुरा की तरफ से हो या फिर मोहन नगर की तरफ से या फिर दिलशाद गार्डन के रास्ते --- एक भी सडक बगैर गड्ढे , अतिक्रमण और बहुत से वाहनों के एक साथ चलने के कारण जाम, गलत दिशा में वहां चलने , गंदगी का शिकार है , यहाँ अटक की हवाई अड्डे से पाँच सौ मीटर दूर की सडक भी धंस गई थी – यहाँ इस airport के कारण न तो किसी भी एक व्यक्ति को रोजगार मिला और न ही विकास के पापा कहीं घुमते दिखे – दुर्भाग्य है की जिन लोगों को ढो कर जेवर के उदघाटन में लाया जा रहा है , वे कभी इस एयरपोर्ट में घूस भी नहीं पायेंगे – विकास और चमक के दावे के लिए हिंडन हवाई अड्डा देख लें .
यह केवल ठेका देने, जमींन के अधिग्रहण में पैसा बनाने, रियल एस्टेट वालों को माल बनाने का अवसर देने के लिए होता है, कहने की जरूरत नहीं , ऐसे ही बड़े ठेकों से चुनाव के अघोषित खर्चे पूरे होते हैं - मिडिया घरानों को विज्ञापन मिलते हैं -- जिस जमीन पर गेंहू उगता है वहां कंक्रीट बो दी जाती है, खेती के लिए जमीन कहां विकसित कर रहे हैं? जरा ध्यान इस पर भी दीजियेगा...

18/07/2021

किसानों की असली समस्या कभी सरकार तक पहुंच नहीं पाती, एक उदाहरण के तौर पर चर्चा करना चाहूँगा कि किस तरह नोएडा प्राधिकरण किसानों के साथ व्यवहार करती है और क्यूँ? प्राधिकरण ने अपना Development Area किसी कागज के टुकड़े पर लकीर खिंचकर बना दिया, जमीन का अधिग्रहण और मुआवजा बाद में दिया जाएगा, लेकिन कब तक, एक मामला जिसका जिक्र करने जा रहा हूं वो 1976-79 का है, अभी तक न तो अधिग्रहण किया गया है, न ही कोई नोटिस है, न कोई मुआवजा, किसानों की generation गुजर गयी, क्या मायने रखता है Development Area का? गाँव की जनसंख्या बढ़ती गयी, गाँव के आसपास slum type आवादी बस्ती गई उस पर कोई नियंत्रण नहीं, जब गाँव के किसान बेहतर तरीके से रहने के लिए आवादी की जमीन को land pooling करके एक boundary wall बनाकर 25000 मीटर के प्लॉट पर Noida बिल्डिंग bye laws के अनुरूप नक्शा को नगर पंचायत से पास कराकर सभी आधुनिक सुविधाओं वाला सोसाइटी बनाना चाहा और 90% काम हो जाने के बाद Noida प्राधिकरण के अधिकारियों ने काम रुकवा दिया, इनके तर्क हास्यास्पद है कि किसान अपनी जमीन पर सात मंजिला इमारत खड़ी कर सकता है लेकिन Builder की तरह की सोसाइटी नहीं बना सकता, क्योंकि फिर प्राधिकरण की जमीन कौन खरीदेगा? Builder के flat कैसे बिकेंगे? नोएडा प्राधिकरण सत्ता में बैठे राजनीतिक दल के लिए वसूली का उद्योग है, योगी जी की ईमानदारी पर शक नहीं कर रहा लेकिन मुद्दा उनके अधिकार क्षेत्र में है, किसान को भी सम्मान पूर्वक आवास का हक है, कानूनी तौर पर नोएडा प्राधिकरण एकदम गलत है, अधिकारी सतही तौर पर सभी प्राधिकरण के अधिकार को एकरूप समझ लेते हैं, Noida प्राधिकरण और Ghaziabad प्राधिकरण के Development Area प्रावधान अलग अलग है, काग़ज़ पर लकीर खींचकर Development Area बताने का अधिकार Noida के पास नहीं है, GDA के पास है, हालांकि वो भी अनुचित है, अगर Development Area घोषित किया है तो पांच साल के अंदर मुआवजा देकर अधिग्रहण करना चाहिए, इस lock down के दौरान सभी बिल्डर का काम रुका प़डा है, किसानों की सोसाइटी अपने फंड से Noida बिल्डिंग bye laws के अनुरुप काम करना चाह रही है तो प्राधिकरण करने नहीं दे रहा है, UP सरकार की एक GO है जिसमें सभी प्राधिकरण को संबोधित करते हुए कहा गया है कि अगर सोसाइटी अपने खरीदी जमीन पर निर्माण कार्य करना चाहती है तो कर सकती है लेकिन तब Noida प्राधिकरण कहती है कि ये GO औद्योगिक प्राधिकरण पर लागू नहीं होता, Noida bye laws में प्रावधान है कि विकास शुल्क लेकर अनुमति दी जा सकती है, प्रार्थना पत्र शासन के पास चार साल से लंबित है, वहाँ Noida प्राधिकरण कहती है कि ये गाँव की जमीन पर है इसलिए हम शुल्क नहीं ले सकते हैं, वही तो हम कहते हैं कि ये जमीन जिला पंचायत के नियमों के अधीन है तो वहाँ Noida प्राधिकरण की दादागिरी, ये सब योगी जी के राज में भी हो रहा है, योगी जी ध्यान दें, किसानों को प्रताड़ित न करें, DDA ने भी दिल्ली में 2000 मीटर से बड़े प्लाट जो कि गाँव के पास है नक्शा पास करने का प्रावधान किया है, पूरे NCR के building bye laws में एकरूपता होनी चाहिए, आखिर NCR Planning Board बना ही किस लिए है? मोदी जी, कानून मंत्री जी, शहरी विकास मंत्री जी ध्यान दें, किसानों की उचित माँग स्वीकार किया जाय, मैं बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे फर्जी किसानों की बात नहीं कर रहा, ये बात अलग है कि प्रताड़ित किसान सरकार के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए साथ हो जाते हैं, बोर्डर पर नोएडा के प्रताड़ित किसान जरूर होंगे, इसलिए एक एक कर किसानों की जो उचित माँग है, उनकी जो परेशानी है उसे दूर करने का प्रयास किया जाय, जय हिंद जय भारत

30/06/2021

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