Avinash Kakade

Avinash Kakade This page is about Mr Avinash Kakade, he is an Agriculturist social worker and belongs to freedom fi Mr Kakade has held several National Level Posts as well.

Nephew of Amar Shaheed Krushnarao Kakade martyr of 13th August, 1942. A Congressman and a farmer, Mr Avinash Kakade is a Gandhian by thoughts. Ex-Office In-charge and member of National Council of All India Kisan Congress- Farmers wing of All India Congress Committee. Mr Kakade is involved in various social and Political activities all over India. Presently is National Convenor of Kisan Brigade and Founder President of Kisan Seva Sangh all apolitical organisations fighting for farmers rights across mother India.

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मिलिटेंट (उग्रवादी/लड़ाका) और टेररिस्ट (आतंकवादी) दोनों शब्द हिंसा से जुड़े हैं, लेकिन उनके उद्देश्य, तौर-तरीकों और अंतर...
06/09/2026

मिलिटेंट (उग्रवादी/लड़ाका) और टेररिस्ट (आतंकवादी) दोनों शब्द हिंसा से जुड़े हैं,
लेकिन उनके उद्देश्य, तौर-तरीकों और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उनकी पहचान में गहरा अंतर होता है।
इन दोनों के बीच 10 मुख्य अंतर नीचे दिए गए हैं:
1) मुख्य उद्देश्य
मिलिटेंट: किसी विशिष्ट राजनीतिक, सामाजिक या धार्मिक विचारधारा के लिए सशस्त्र संघर्ष या कड़ा विरोध करते हैं।
टेररिस्ट: समाज में बड़े पैमाने पर डर (आतंक) फैलाकर सरकारों को अपनी बात मानने पर मजबूर करते हैं।
2) मुख्य निशाना (Target)
मिलिटेंट: आमतौर पर सरकारी सेना, पुलिस या सुरक्षा बलों को अपना निशाना बनाते हैं।
टेररिस्ट: जानबूझकर मासूम नागरिकों, सार्वजनिक जगहों और निहत्थे लोगों को निशाना बनाते हैं।
3) छिपाने की रणनीति
मिलिटेंट: अक्सर अपनी पहचान, वर्दी या संगठन के प्रतीकों को खुले तौर पर दिखाते हैं।
टेररिस्ट: आम नागरिकों के बीच छिपकर रहते हैं और गुप्त रूप से अचानक हमला करते हैं।
4) अंतरराष्ट्रीय कानून की नजर में
मिलिटेंट: कुछ स्थितियों में इन्हें जेनेवा कन्वेंशन के तहत 'युद्धबंदी' (POW) का अधिकार मिल सकता है।
टेररिस्ट: इन्हें पूरी तरह से अपराधी माना जाता है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कोई सुरक्षा नहीं मिलती।
5) हिंसा का तरीका
मिलिटेंट: छापामार युद्ध (Guerrilla Warfare) या आमने-सामने की सशस्त्र लड़ाई लड़ते हैं।
टेररिस्ट: बमबारी, अपहरण, बंधक बनाना और आत्मघाती हमलों जैसे कायरतापूर्ण तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।
6) इलाके पर नियंत्रण
मिलिटेंट: अक्सर किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र या इलाके पर अपना कब्जा या नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश करते हैं।
टेररिस्ट: इनका किसी इलाके पर स्थाई नियंत्रण नहीं होता, ये केवल हमला करके भाग जाते हैं।
7) वैधता (Legitimacy) का दावा
मिलिटेंट: खुद को 'स्वतंत्रता सेनानी' या हक की लड़ाई लड़ने वाला बताते हैं, जिसे कुछ स्थानीय लोग सही मान सकते हैं।
टेररिस्ट: इनके कृत्य को दुनिया का कोई भी सभ्य समाज या देश सही नहीं ठहराता।
8) शांति वार्ता की गुंजाइश
मिलिटेंट: सरकारें अक्सर इनके साथ टेबल पर बैठकर शांति समझौता या बातचीत करती हैं।
टेररिस्ट: दुनिया की अधिकांश सरकारें आतंकवादियों से किसी भी तरह की बातचीत का पूरी तरह विरोध करती हैं।
9) संगठन का ढांचा
मिलिटेंट: इनका एक सैन्य जैसा ढांचा (Chain of Command) होता है, जिसमें बकायदा कमांडर होते हैं।
टेररिस्ट: ये छोटे-छोटे गुप्त समूहों (Sleeper Cells) के रूप में काम करते हैं, जिनका कोई सीधा केंद्रीय ढांचा नहीं दिखता।
10) राजनैतिक विंग (Political Wing)
मिलिटेंट: कई मिलिटेंट समूहों का एक राजनीतिक चेहरा भी होता है, जो चुनाव या बातचीत में हिस्सा लेता है।
टेररिस्ट: इनका कोई राजनीतिक चेहरा नहीं होता, इनका एकमात्र जरिया और भाषा सिर्फ हिंसा है।

06/09/2026

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