14/08/2026
दिनांक: 15 अगस्त 2026
सेवा में,
माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी
प्रधानमंत्री, भारत सरकार
नई दिल्ली
विषय: शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को औपचारिक राष्ट्रीय शहीद मान्यता तथा पंजाब में 1984–1995 के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के सत्यापित इतिहास को शैक्षणिक पुस्तकों में दर्ज करने के संबंध में।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,
स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर National Labour Party की ओर से आपको एवं समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज जब पूरा भारत अपनी आज़ादी का उत्सव मना रहा है, हम उन सभी शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और निर्दोष नागरिकों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं, जिनके बलिदान और संघर्ष ने हमारे देश और समाज के इतिहास को आकार दिया।
National Labour Party भारत सरकार के समक्ष निम्नलिखित महत्वपूर्ण माँगें रखना चाहती है:
1. शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह जी को औपचारिक राष्ट्रीय मान्यता
सरदार भगत सिंह जी भारत की स्वतंत्रता के महानतम क्रांतिकारियों में से एक हैं। देश उन्हें सदैव “शहीद-ए-आज़म” के रूप में सम्मान देता आया है। हमारी माँग है कि भारत सरकार उनके बलिदान को उचित औपचारिक/वैधानिक राष्ट्रीय मान्यता देने के विषय में आवश्यक कदम उठाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी शहादत का सम्मान और भी स्पष्ट रूप से राष्ट्रीय अभिलेखों में स्थापित हो।
2. पंजाब के 1984 से 1995 के दौर का सत्यापित इतिहास नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाए
1984 से 1995 तक पंजाब ने अत्यंत कठिन और दर्दनाक परिस्थितियों का सामना किया। इस दौर में हिंसा, आतंकवाद, उग्रवाद, मानवाधिकार उल्लंघन और अन्य घटनाओं में बड़ी संख्या में आम नागरिकों, सुरक्षाकर्मियों तथा अन्य लोगों ने अपनी जान गंवाई।
हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस पूरे दौर से संबंधित उपलब्ध सरकारी अभिलेखों, न्यायिक रिकॉर्ड, आयोगों की रिपोर्टों और अन्य विश्वसनीय प्रमाणों का निष्पक्ष अध्ययन कराया जाए।
जिन लोगों की मृत्यु, गुमशुदगी या अन्याय से संबंधित तथ्य प्रमाणित हों, उनके नाम और उनकी कहानी को उचित ऐतिहासिक संदर्भ के साथ संरक्षित किया जाए तथा विद्यार्थियों के लिए इतिहास की पुस्तकों और शैक्षणिक सामग्री में स्थान देने पर विचार किया जाए।
हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे इतिहास को छिपे हुए दर्द या राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सत्य, प्रमाण और निष्पक्षता के आधार पर जानें।
माननीय प्रधानमंत्री जी, हमारे लिए आज़ादी का अर्थ केवल 15 अगस्त को तिरंगा फहराना नहीं है। सच्ची आज़ादी तब और मजबूत होती है जब देश अपने शहीदों को सम्मान देता है, अपने इतिहास को ईमानदारी से स्वीकार करता है और आने वाली पीढ़ियों को सत्य से परिचित कराता है।
इस स्वतंत्रता दिवस पर हमें आशा है कि भारत सरकार हमारी इन माँगों पर गंभीरता और संवेदनशीलता से विचार करेगी।
जय हिंद।
इंकलाब ज़िंदाबाद।
सादर,
Dr. Daljit Singh
National Labour Party
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