01/09/2026
मुग़लिया मानसिकता और वामपंथी एजेंडे में अंधी हो चुकी स्वरा भास्कर जैसी छद्म-नारीवादी कभी भी राजस्थान की उन महान क्षत्राणियों के त्याग, शौर्य और अदम्य स्वाभिमान को नहीं समझ सकतीं! जब बर्बर आक्रांता भारत की सीमाओं में तबाही मचा रहे थे, तब अपनी अस्मत, धर्म और स्वाभिमान की रक्षा के लिए पवित्र अग्नि कुंड में कूद जाना कोई कायरता नहीं, बल्कि आक्रांताओं के अहंकार को मिट्टी में मिलाने वाला फैसला था। अपनी आंखों के सामने अपनों को खोने के बाद भी गुलामी के बजाय जौहर को चुनना और 5-6 साल के अनाथ बच्चों में प्रतिशोध और राष्ट्रधर्म का जुनून भरकर उन्हें शूरवीर योद्धा बनाना ही दुनिया में 'नारी शक्ति' (Feminine Power) का सबसे बड़ा और सर्वोच्च उदाहरण है। 'माय चॉइस' का ढिंढोरा पीटने वाले ये 'दिमागी नक्सल' जब राजस्थान के इस स्वर्णिम इतिहास पर भौंकते हैं, तो इनका बौद्धिक दिवालियापन और आक्रांताओं के प्रति प्रेम साफ छलक जाता है!