05/01/2026
जो शिक्षक अपनी कुर्सी की ताक़त के नशे में छात्राओं को गलत नज़र से देखे, उन्हें छुए और डर के माहौल में जीने पर मजबूर करे, वह दरिंदा है, शिक्षक नहीं।
इस वीडियो में एक छात्रा खुलकर बता रही है कि कैसे एक प्रोफेसर ने बार-बार उसकी गरिमा को कुचला।
अगर यह बयान सच है, तो यह पूरी शिक्षा व्यवस्था पर तमाचा है।
ऐसे लोग क्लासरूम में नहीं, कटघरे में होने चाहिए।
ऐसे प्रोफेसर को बख़्शा जाना अपराध होगा।
कड़ी जांच हो और दोष साबित होने पर कठोर से कठोर सज़ा दी जाए, ताकि आगे कोई भी अपनी पावर का गलत इस्तेमाल करने से पहले सौ बार सोचे।
अब सहानुभूति नहीं, कार्रवाई चाहिए।
अब चुप्पी नहीं, सज़ा चाहिए।