05/08/2026
CM आवास योजना में लापरवाही पर DM का सख्त अल्टीमेटम! 3 दिन में करें कार्रवाई, रिश्वत ली तो होगी सीधी कार्रवाई!
फिरोजाबाद, 05 अगस्त। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजना के तहत चिन्हित प्रत्येक पात्र लाभार्थी को बिना किसी देरी के आवास की स्वीकृति और पहली किस्त की धनराशि उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही, टालमटोल या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि गरीब, असहाय और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि यह योजना विशेष रूप से निराश्रित विधवाओं, दिव्यांगजनों, घुमंतू नट जनजाति तथा आपदा प्रभावित परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। ऐसे में किसी भी पात्र व्यक्ति को उसके अधिकार से वंचित करना या अनावश्यक देरी करना कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद फिरोजाबाद को शासन की ओर से कुल 1427 आवासों का लक्ष्य मिला है। इसके सापेक्ष 814 लाभार्थियों का पंजीकरण और 642 लाभार्थियों की जीओ टैगिंग पूरी हो चुकी है, जबकि अब तक केवल 307 आवासों को स्वीकृति मिल सकी है। फिरोजाबाद, एका और खैरगढ़ विकास खंडों में कार्य की गति धीमी पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया कि अगले तीन दिनों के भीतर सभी पंजीकृत लाभार्थियों की जीओ टैगिंग पूरी कर शत-प्रतिशत स्वीकृति सुनिश्चित की जाए। जिन 162 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों का सत्यापन हो चुका है, उन्हें बिना किसी विलंब के प्रथम किस्त की राशि तत्काल भेजी जाए।
जिलाधिकारी ने योजना में पूरी पारदर्शिता और जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत, सुविधा शुल्क की मांग या लाभार्थियों के उत्पीड़न की शिकायत मिलती है तो संबंधित के खिलाफ निलंबन सहित कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्यशैली अपनाते हुए योजना का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील की।