01/06/2026
राजमाता अहिल्याबाई होल्कर (1725–1795) मालवा साम्राज्य की महान, दूरदर्शी एवं लोककल्याणकारी शासक थीं। 18वीं शताब्दी में, जब महिलाओं की सामाजिक और राजनीतिक भूमिका अत्यंत सीमित थी, तब उन्होंने अपने पति एवं ससुर के निधन के पश्चात राज्य की बागडोर संभाली। अपने कुशल नेतृत्व, न्यायप्रिय शासन, जनकल्याणकारी कार्यों तथा देशभर में अनेक मंदिरों, घाटों और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार के माध्यम से उन्होंने इतिहास में एक विशिष्ट स्थान बनाया और "लोकमाता" के रूप में सम्मान प्राप्त किया।
आज उनके जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर राजमाता अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धासुमन अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उनके आदर्शों, लोकहितकारी कार्यों और समाज के प्रति समर्पित जीवन से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया। उनका जीवन हमें सेवा, सुशासन, नारी सशक्तिकरण और जनकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।