18/09/2026
न महंगाई है न मंदी है। खाने वाले आज भी मटर पनीर खा रहे है। और पीने वाले बलेंडर्स प्राइड,,,, बस कुछ नॉटंकीबाजो को चूतर पीटने में मज़ा आता है।
किसी भी मॉडल शॉप पर चले जाओ ,,,लोग ग़म को धुँए के छल्ले में उड़ा रहे है,,राते रंगीन है लोग मस्त है। हर कोई खुश नजऱ आ रहा है। वेज- नॉनवेज के रेस्तरां फुल है। होटलो में बुकिंग नही मिल रही है।
कभी सिर्फ़ दरोगा बुलेट से चलता था। अब लौंडे लफाडी भी तीली जैसी टाँग लिये बुलेट चलाते है। जमाना बदल चुका है। पहले ज़मीदार लोग भी कतरनी चावल खाते थे,,अब मेरे जैसा ग़रीब भी बेहतर खाता है। सबके थाली में दो सब्जी है। भले ही एक शाम की गर्म की हुई हो,,,,,,दही चटनी सलाद रिक्शा वाला भी खाता है।
मरघिल्ले लड़के भी 15000 का एंड्राइड सेट ले के घूम रहे है। पनवाड़ी का लड़का भी cbse बोर्ड में पढ़ रहा है। सादा दाल भात तो कुत्ते भी आजकल नही खाते वो भी सूंघ कर चल देते है।
सब लोग सुखी है। अनपढ़ महिला भी मोबाईल निकाल कर गुड मॉर्निंग जिज्जी बोलती है।
भाई सोच बदलो,,,तुम्हारे पुरखे कंजूसी करते करते मर गये लेकिन जीवन का सुख नही पाये। गांव तक पहुंचने के लिए भी दो दो किलोमीटर पैदल चलते रहे। अब आप वो सुख भी पा रहे है जो सम्राट अकबर भी नही पाता था,,तो कीमत तो चुकानी पड़ेगी न...
जिनको वंदे भारत की सुविधा पैसेंजर ट्रेन के किराए में चाहिए, सिर्फ़ वो रोना धोना कर रहे हैं।