15/07/2026
ग्रंथ या पुस्तक दान के फायदे:
सनातन वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रंथ (धार्मिक, आध्यात्मिक, शैक्षणिक पुस्तकें) एवं पुस्तक दान का संबंध मुख्य रूप से बृहस्पति (गुरु) और बुध ग्रह से माना जाता है।
बृहस्पति (गुरु) – ज्ञान, धर्म, वेद, शास्त्र, सदाचार, गुरु और विद्या के कारक हैं। धार्मिक या आध्यात्मिक ग्रंथों का दान करने से गुरु के शुभ प्रभाव को बढ़ाने का प्रतीकात्मक महत्व माना जाता है।
बुध – शिक्षा, बुद्धि, लेखन, वाणी, गणित, साहित्य और अध्ययन के कारक हैं। पाठ्यपुस्तकें, कॉपियाँ, शब्दकोश या अन्य शैक्षणिक पुस्तकों का दान बुध से संबंधित माना जाता है।
यदि दान का उद्देश्य विद्यार्थियों की शिक्षा, पुस्तकालयों की सहायता या ज्ञान के प्रसार के लिए हो, तो इसे गुरु और बुध दोनों के लिए शुभ माना जाता है।
भारतीय परंपरा में ज्ञानदान को अत्यंत श्रेष्ठ दान माना गया है। यदि श्रद्धा, निस्वार्थ भाव और योग्य पात्र को पुस्तकें दान की जाएँ, तो उसका सामाजिक और नैतिक लाभ निश्चित रूप से होता है।जब-जब लोग इसका उपयोग करेंगे ,तब-तब दान दाता को आशीर्वाद मिलता रहेगा। गुरु एवं बुध ग्रह प्रसन्न होते रहेंगे
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- आचार्य राजेश तिवारी
- (मार्गदर्शक-समर्पण एवं सम्पूर्णम् ग्रुप्स,संस्थापक सचिव-DISSHA/दिशा)
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