19/02/2026
राज्यसभा के चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के पांच विधायकों के रुख पर विपक्षी उम्मीदवार की हार-जीत निर्भर करेगी। अगर ओवैसी की पार्टी एएमआइएमआइ के पांचों सदस्यों ने राजद का साथ दिया तो विधायकों की संख्या 39 हो जाएगी। बसपा के एक और आईआईपी के आईपी गुप्ता अकेले विधायक हैं। इन सबको जोड़ कर विपक्षी विधायकों की संख्या 41 हो जाती है। प्रावधान के अनुसार एक सीट की जीत के लिए प्रथम वरीयता के कम से कम 40 मतों की जरूरत होगी।बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा हो गई है।
इसके साथ ही बिहार की सियासी पार्टियों में हलचल तेज हो गई है। वर्तमान में पांच में से तीन सीटें सत्तारूढ़ एनडीए के पास हैं। जबकि दो सीटें लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पास हैं। माना जा रहा है कि एनडीए चार सीटों पर आसानी से कब्जा जमा सकता है। हालांकि एक सीट पर संख्या बल के हिसाब से मामला फंस सकता है। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 26 फरवरी से शुरू होगी और मतदान 16 मार्च को होगा।