14/08/2025
#स्वतंत्रता दिवस पर आपको सभी को बधाइयाँ ..
आज सुबह से आज के दिन की छटा देखने को निकल पड़ा था, हर तरह तिरंगा ही तिरंगा था मकानों से लेकर दफ्तरों तक, स्कूलों से लेकर वाहनों तक हर जगह तीन रंगों की चमक कुछ ऐसी छाई थी की नज़र अपने आप ही टिक रही थी ऊपर से जगह जगह बजते देश भक्ति के गीत और वक्ताओं द्वारा दिए जा रहे देश प्रेम से ओतप्रोत भाषण इन सब में चार चाँद लगा रहे थे आज तो वो लोग भी देश भक्ति के रंग में रंगे दिख रहे थे जिन्हें आजतक अपने चश्में और जूतों से फुर्सत पाते नहीं देख, समां कुछ ऐसा था की लग रहा था की चन्द्र शेखर आजाद और भगत सिंह का दौर लौट आया हो l
पर ये क्या दो घंटो बाद सब ठंडा भाषण बंद देश भक्ति के गीत बंद गाड़ियों और इमारतों से झंडे गायब, अब ये सीधे निकलेगे 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस वाले दिन सुबह के दो घंटे फिर ऐसा ही माहौल बनाया जायेगा उसके बाद सब अपने पुराने राग पर लौट आयेंगे l शायद देशभक्ति के इन गीतों के कैसेट और सी डी इन दो दिनों के अलावा स्टोर से बाहर की हवा भी ले नहीं पाती l
आज शायद देश भक्ति चार घंटो की ही बची है l
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आज हर चीज़ दिनों पर सिमट गयी है दोस्ती दिखानी हो तो day प्यार दिखाना हो तो वैलेंटाइन डे देश भक्ति दिखानी हो तो day और day l
इसकी क्या वजह है नहीं पता पश्चिमी सभ्यता का प्रभाव है या हमारे पास समय की कमी है या फिर भावनाओ की कुछ नहीं पता कुछ भी नहीं पता, अगर पता है तो सिर्फ इतना की हमे कुछ नहीं पता l