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*जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए प्रदेश में चलाया जा रहा है जन आंदोलन : मंत्री श्री सिलावट*---*वर्षाकाल के पूर्व सभी...
04/06/2026

*जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए प्रदेश में चलाया जा रहा है जन आंदोलन : मंत्री श्री सिलावट*
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*वर्षाकाल के पूर्व सभी जल संरचनाओं की आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षात्मक कार्य पूरे करें*
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*मंत्री श्री सिलावट ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की*
इंदौर, 03 जून 2026
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए जन आंदोलन चलाया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन और एक पेड़ मां के नाम अभियान गांव गांव, नगर नगर में समाज के सभी वर्गों के सहयोग से चलाया जा रहा है, जिसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। इन अभियानों में अधिक से अधिक जन भागीदारी सुनिश्चित करें। वर्षाकाल के पूर्व सभी विभागीय जल संरचनाओं की आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षात्मक कार्य पूरे कर लिए जाएं। कार्य में किसी भी प्रकार की कोई भी लापरवाही अक्षम्य होगी।
जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल में निर्माणाधीन विभागीय कार्य एवं परियोजनाओं की समीक्षा की तथा बारिश के पूर्व के सभी कार्य पूर्ण करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव श्री राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता श्री विनोद देवड़ा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री श्री सिलावट ने कछार वार मुख्य अभियंताओं के साथ उनके क्षेत्र में निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की तथा निर्देश दिए कि वर्षाकाल के मद्देनजर आगामी 15 दिनों में वहां आवश्यक कार्य करा लिए जाएं। चंबल बेतवा कछार भोपाल के अंतर्गत पार्वती, सुठालिया, टेम, कान्याखेड़ी एवं ग्वालटोरिया परियोजनाओं की समीक्षा की गई. धसान केन कछार अंतर्गत आपचंद, मझगांय, सतधारू, पवई और काठन परियोजना, बीना पीएमयू सागर के अंतर्गत बंडा, हनोता, पंचम नगर, कडान, साजली कैथ, जूडी और जेरा परियोजना, बेतवा एमओयू भोपाल के अंतर्गत कोठा बैराज एवं बीना परियोजना, नर्मदा ताप्ती कछार इंदौर के अंतर्गत तलवाड़ा, पांगरी एवं कारम परियोजना, बेनगंगा कछार सिवनी के अंतर्गत छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स, पैंच माइक्रो सिंचाई, शेर सिंचाई काँम्प्‍लेक्स, मांडवा होज इरिगेशन, अपर बुडनेर, छीताबुजरी, हिरण, बगराजी नहर, मुर‍की पाइप नहर परियोजना, गंगा कछार रीवा के अंतर्गत त्योंथर बहाव, त्योंथर माइक्रो, रामनगर माइक्रो, नई गढ़ी माइक्रो, रिहंद माइक्रो, भन्नी, बहुती, गोढ़, सीतापुर हनुमना, दोरी सागर एवं सेमरिया माइक्रो परियोजना तथा यमुना कछार ग्वालियर के अंतर्गत कनेरा माइक्रो, चंबल माइक्रो, मुंझारी, चेंटीखेड़ी एवं सरकुला परियोजना के कार्यों की समीक्षा की गई।
मंत्री श्री सिलावट द्वारा सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर उज्जैन में कराए जा रहे हैं विभिन्न कार्यों कान्ह डायवर्सन परियोजना, सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी, घाट निर्माण, चितावद, समाकोटा, डुंगरिया, बनीहरवाखेड़ी, मां रेवा उद्वहन परियोजना, हाट पिपल्‍या परियोजना, कयामपुर-सीतामऊ, मल्हारगढ़, रामपुर मनासा, कबूलपुर और आहू परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए।
मंत्री श्री सिलावट ने निर्देश दिए कि वर्षा पूर्व विभागीय सभी बांधों, नहरों, तालाबों एवं जल संरचनाओं का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार उनकी मरम्मत एवं अन्य सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करें। जलग्रहण क्षेत्रों में यदि कोई अवरोध हो तो उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई करें। बांधों के गेट्स की आवश्यक मरम्मत, ऑइलिंग- ग्रीसिंग के साथ ही उनका एक बार संचालन अवश्य करलें। विभिन्न स्तरों पर बाढ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर लिए जाएं जो 24 घंटे क्रियाशील रहें। निगरानी समितियों को सक्रिय किया जाए तथा मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री कार्यालय स्तर पर निरीक्षण दल गठित किए जाएं, जो जल संरचनाओं की निरंतर निगरानी कर वरिष्ठ स्तर पर रिपार्ट दें।
मंत्री श्री सिलावट ने निर्देश दिए कि बड़ी जल संरचनाओं में जल स्तर की नियमित रूप से मॉनिटरिंग हो तथा जल स्तर बढ़ने एवं गेट्स खोले जाने की पूर्व सूचना पुलिस, प्रशासन, सभी संबंधितों एवं जन सामान्य को निरंतर दी जाए। गत तीन वर्षों में जहां बाढ़ आई हो उन गांवों एवं क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां सभी सुरक्षात्मक इंतेजाम कर लिए जाएं। बड़ी जल संरचनाओं के पास गोताखोर, नाव, लाइफ जैकेट, रस्सी आदि सभी सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित हों। वर्षाकाल से पूर्व सभी कछारों/ जिलों में सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर ली जाए तथा उनसे निरंतर समन्वय रखा जाए।
#इंदौर
Tulsi Silawat
CM Madhya Pradesh

*विश्व क्लब फुट दिवस का आयोजन*इंदौर, 03 जून 2026 विश्व क्लब फुट दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल इंदौर में क्लबफुट से प्रभाव...
04/06/2026

*विश्व क्लब फुट दिवस का आयोजन*
इंदौर, 03 जून 2026
विश्व क्लब फुट दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल इंदौर में क्लबफुट से प्रभावित परिवारों के साथ संवाद आयोजित किया गया, ताकि बच्चों में इस स्थिति की समय पर पहचान और शीघ्र उपचार के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि समय पर पहचान एवं उपचार से इसे ठीक कर बच्चे को जीवन भर की दिव्यांगता से बचाया जा सकता है। गर्भावस्था के दौरान में ए.एन.सी. चेकअप एवं सोनोग्राफी अवश्य करवाएं, ताकि गर्भावस्था में ही इसका पता लगाया जा सके, ताकि प्रसव के उपरांत क्लब फुट क्लिनिक में परामर्श लेकर उपचार प्रारंभ किया जा सके, यह उपचार पूर्णतः सुरक्षित हैं।
विश्व क्लबफुट दिवस लोगों को जागरूक करने और परिवारों को समय पर उपचार लेने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। स्वास्थ्य विभाग, फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सहयोगी संस्थाओं के निरंतर प्रयासों से जिला इंदौर में क्लबफुट से प्रभावित बच्चों को वह सहयोग मिल रहा है, जिसकी मदद से वे चल, दौड़ और सामान्य जीवन यापन कर सकते हैं। क्लबफुट एक जन्मजात स्थिति है, जिसमें बच्चे के पैर जन्म के समय अंदर की ओर मुड़े होते हैं, यह लगभग हर 400 नवजात शिशुओं में से 01 को प्रभावित करता है। समय पर उपचार मिलने पर क्लबफुट वाले बच्चे सामान्य और सक्रिय जीवन यापन कर सकते हैं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत क्लबफुट से प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार के लिए भेजा जाता है। जिला इंदौर में क्लबफुट उपचार सेवाएँ जिला अस्पताल इंदौर में उपलब्ध हैं, जहाँ प्रभावित बच्चों के लिए साप्ताहिक क्लिनिक संचालित किए जाते हैं। वर्तमान में 41 बच्चे क्लबफुट का उपचार प्राप्त कर रहे हैं, 40 बच्चों ने सफलतापूर्वक उपचार पूरा किया है, आशा कार्यकर्ताओं को पहचान और रेफरल हेतु संवेदनशील बनाया गया है।
आशा और ए.एन.एम. सहित फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ता बच्चों की शुरुआती पहचान करने और उन्हें समय पर उपचार केंद्र तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। माता-पिता की नियमित काउंसलिंग भी की जाती है ताकि उपचार और फॉलो अप लगातार जारी रहे।
अनुष्का फाउंडेशन फॉर क्लबफुट के सहयोग से जिला अस्पतालों को प्रशिक्षित चिकित्सकों, आवश्यक उपकरणों और व्यवस्थित फॉलो-अप प्रणाली के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उपचार सेवाएँ प्रदान करने के लिए मजबूत किया जा रहा है।
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#इंदौर

04/06/2026

*मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट की पहल पर सांवेर एवं चन्द्रावतीगंज मंडी क्षेत्र में 467.96 लाख रुपये के निर्माण कार्यों को मिली स्वीकृति*
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*सीमेंट कंक्रीट रोड सह अंडरग्राउंड ड्रेनेज लाइन, बाउण्ड्रीवाल, सार्वजनिक शौचालय निर्माण, विद्युतीकरण जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्य किए जांएगे*
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*मंत्री श्री सिलावट ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव और कृषि मंत्री श्री कंषाना का माना आभार*
इंदौर, 03 जून 2026
जल संसाधन मंत्री एवं सांवेर विधायक श्री तुलसीराम सिलावट की पहल और सतत प्रयासों से कृषि उपज मंडी समिति सांवेर एवं उपमंडी प्रांगण चन्द्रावतीगंज तथा मांगलिया में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 467.96 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है।
मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल द्वारा जारी स्वीकृति के अनुसार सांवेर मंडी क्षेत्र में सीमेंट कंक्रीट रोड सह अंडरग्राउंड ड्रेनेज लाइन, बाउण्ड्रीवाल का डिमोलिशन, कंस्ट्रक्शन एवं रिनोवेशन कार्य, सार्वजनिक शौचालय निर्माण तथा बाह्य विद्युतीकरण कार्य सह 25 केवीए ट्रांसफार्मर जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही उपमंडी प्रांगण चन्द्रावतीगंज एवं मांगलिया में भी सार्वजनिक शौचालय निर्माण एवं विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के कार्य किए जाएंगे।
मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने इन विकास कार्यों की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना के मार्गदर्शन और सहयोग से सांवेर क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के कार्यों को निरंतर गति मिल रही है। इन निर्माण कार्यों से किसानों, व्यापारियों एवं मंडी में आने वाले आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा मंडी परिसर की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।
श्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंडियों के आधुनिकीकरण और सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन स्वीकृत कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के कृषि विपणन तंत्र को और अधिक मजबूती मिलेगी।
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#इंदौर #किसान_हितैषी_मोहन_सरकार
CM Madhya Pradesh
Collector Office Indore

*दूरदर्शन से कथक में ए ग्रेड मान्यता प्राप्त करने वाली क्षेत्र की गौरवशाली कलाकार बनीं डॉ. अंजना चौरसिया*इंदौर, 03 जून 2...
04/06/2026

*दूरदर्शन से कथक में ए ग्रेड मान्यता प्राप्त करने वाली क्षेत्र की गौरवशाली कलाकार बनीं डॉ. अंजना चौरसिया*
इंदौर, 03 जून 2026
शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, किला मैदान के नृत्य विभाग की प्राध्यापक डॉ. अंजना चौरसिया को भारत के लोक सेवा प्रसारक दूरदर्शन केंद्र (प्रसार भारती) द्वारा शास्त्रीय नृत्य विधा "कथक" में प्रतिष्ठित ए ग्रेड कलाकार की मान्यता प्रदान की गई है। यह उपलब्धि कथक नृत्य के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट साधना, समर्पण और निरंतर परिश्रम का परिणाम है।
दूरदर्शन की ग्रेडिंग प्रक्रिया अत्यंत कठिन एवं चरणबद्ध होती है। ए ग्रेड प्राप्त करने के लिए कलाकार को पहले बी ग्रेड तथा उसके बाद बी हाई ग्रेड की मान्यता प्राप्त करनी होती है। डॉ. अंजना चौरसिया को वर्ष 2023 में बी ग्रेड तथा वर्ष 2024 में बी हाई ग्रेड कलाकार के रूप में मान्यता मिली थी। इन दोनों चरणों में सफलता प्राप्त करने के बाद वे ए ग्रेड ऑडिशन के लिए पात्र बनीं और वर्तमान में उन्हें ए ग्रेड कलाकार के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है।
डॉ. चौरसिया ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी गुरु डॉ. मांडवी सिंह को दिया है, जो इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति तथा वर्तमान में भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की कुलपति हैं। उन्होंने कहा कि गुरु के निरंतर मार्गदर्शन, प्रेरणा और आशीर्वाद से ही यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संभव हो सकी है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ. वी.पी. बैरागी ने डॉ. चौरसिया को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। नृत्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुचित्रा हरमलकर ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि महाविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। महाविद्यालय परिवार ने डॉ. अंजना चौरसिया की इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
#इंदौर
Department of Culture, Madhya Pradesh
Jansampark Madhya Pradesh

*आईटीआई इंदौर में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ*------*आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून*इन्दौर, 02 जून 2026    शासकीय संभागीय आईटीआ...
02/06/2026

*आईटीआई इंदौर में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ*
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*आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून*
इन्दौर, 02 जून 2026
शासकीय संभागीय आईटीआई इंदौर में सत्र 2026 के लिये प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। जिसके अंतर्गत आईटीआई प्रवेश हेतु इच्छुक छात्र एवं छात्रायें निकटतम एमपी ऑनलाईन पर जाकर https://dsd.mp.gov.in/ पोर्टल के माध्यम से आईटीआई में प्रवेश-2026 हेतु रजिस्ट्रेशन कर सकते है। आईटीआई प्रवेश-2026 हेतु रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 30 जून है। प्रवेश संबंधित अन्य किसी जानकारी के लिये शासकीय संभागीय आईटीआई नंदानगर में संपर्क किया जा सकता है।
इसी तरह शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सांवेर के लिए भी आवेदन किया जा सकता है। सांवेर में इलेक्ट्रीशियन और इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक ट्रेड में प्रवेश दिया जाना है।


#इंदौर

Vision is to provide quality training and employable vocational skills in the demand oriented manufacturing and service sectors so as to transform lives of youth of the state. Government of Madhya Pradesh (M.P.)

02/06/2026

*मई 2026 में कृषि उपज मंडी समिति इन्दौर की आय में सुधार, प्राप्य राशि मिलने पर 17.97 प्रतिशत वृद्धि की संभावना*
इन्दौर, 2 जून 2026
कृषि उपज मंडी समिति इन्दौर द्वारा मई 2026 तक की आय (मंडी शुल्क) का विश्लेषण जारी किया गया है। विश्लेषण के अनुसार लगभग 13 माह बाद मंडी की वास्तविक मासिक आय में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही, गेहूं उपार्जन पर प्राप्य मंडी शुल्क एवं आयातित तुअर पर दी गई छूट की प्रतिपूर्ति को शामिल करने पर मंडी समिति की आय में उल्लेखनीय वृद्धि परिलक्षित होती है।

*मई माह में वास्तविक मंडी शुल्क आय में बढ़ोतरी*

मंडी समिति के सचिव ने बताया कि मई 2025 में वास्तविक मंडी शुल्क प्राप्ति 4 करोड़ 28 लाख 28 हजार 966 रुपये थी, जो मई 2026 में बढ़कर 4 करोड़ 31 लाख 44 हजार 367 रुपये हो गई है। इस प्रकार मई माह की आय में वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले लगभग 13 महीनों में पहली सकारात्मक वृद्धि मानी जा रही है। हालांकि अप्रैल-मई की संचयी अवधि में वर्ष 2025 के दौरान 10 करोड़ 26 लाख 95 हजार 630 रुपये की तुलना में वर्ष 2026 में 8 करोड़ 93 लाख 64 हजार 871 रुपये का वास्तविक मंडी शुल्क प्राप्त हुआ है।

*आयातित तुअर पर छूट एवं गेहूं उपार्जन का प्रभाव*

मंडी सचिव ने बताया कि वर्तमान आय दो प्रमुख कारणों से प्रभावित हुई है। चालू वित्तीय वर्ष अप्रैल-मई 2026 के दौरान आयातित तुअर (दलहन) पर कुल 1 करोड़ 56 लाख 86 हजार 902 रुपये की छूट दी गई है, जिसमें मई माह में 88 लाख 52 हजार 460 रुपये की छूट शामिल है।
इसके अतिरिक्त वर्ष 2026 में गेहूं उपार्जन की कुल 6 लाख 13 हजार 448 क्विंटल मात्रा पर 2,625 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से मंडी शुल्क की प्राप्य राशि 1 करोड़ 61 लाख 3 हजार 9 रुपये बनती है। इनमें से मई माह का प्राप्य मंडी शुल्क 1 करोड़ 17 लाख 92 हजार 392 रुपये है।
विश्लेषण में बताया गया है कि यदि शासन के प्रावधानों के अनुसार गेहूं उपार्जन पर प्राप्य मंडी शुल्क प्राप्त हो जाता है तथा आयातित तुअर पर दी गई छूट की प्रतिपूर्ति को आय में शामिल किया जाता है, तो मंडी समिति की कुल संभावित आय 12 करोड़ 11 लाख 54 हजार 782 रुपये तक पहुंच जाएगी।
इस स्थिति में वर्ष 2025 की समान अवधि की 10 करोड़ 26 लाख 95 हजार 630 रुपये की आय की तुलना में लगभग 17.97 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होगी। वहीं केवल मई माह के आधार पर संभावित वृद्धि का प्रतिशत 48.93 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।


#इंदौर
Department of Agriculture, Madhya Pradesh
CM Madhya Pradesh

02/06/2026

*शासकीय चरनोई भूमि से 35 दुकानों का अतिक्रमण हटाया गया*
इंदौर, 01 जून 2026
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशानुसार सोमवार को तहसील मल्हारगंज के ग्राम बांक में शासकीय चरनोई भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई सर्वे क्रमांक 182 एवं 187/1 की लगभग 1.500 हेक्टेयर भूमि पर की गई।
कार्रवाई के दौरान टीन शेड से निर्मित गैरेज, ऑटो पार्ट्स तथा वाहन सर्विसिंग से संबंधित लगभग 35 दुकानों को हटाया गया। संबंधित भूमि को कलेक्टर इंदौर द्वारा धार रोड थाना, जनपद पंचायत इंदौर तथा फायर स्टेशन के लिए आवंटित किया गया है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रशासन, पुलिस एवं नगर निगम की रिमूवल टीम की संयुक्त उपस्थिति में संपन्न हुई। इस दौरान जनपद पंचायत इंदौर तथा ग्राम पंचायत बांक का अमला भी मौजूद रहा।
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#इंदौर
Jansampark Madhya Pradesh
PRO Jansampark Indore

02/06/2026

मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा नया विस्तार

पीएम ई-बस सेवा एवं मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना की
इंदौर जिले से होगी शुरुआत

CM Madhya Pradesh
Dr Mohan Yadav
Uday Pratap Singh
Jansampark Madhya Pradesh
Collector Office Indore
#मुख्यमंत्री_सुगम_परिवहन_सेवा



*तकनीक आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को मिलेंगे नए अवसर : उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार*----*उच्च शिक्षा में डिजिटल परि...
02/06/2026

*तकनीक आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को मिलेंगे नए अवसर : उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार*
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*उच्च शिक्षा में डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए इंदौर में आयोजित हुआ ‘डिजी100x मध्यप्रदेश समिट’*
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*उच्च शिक्षा विभाग एवं डिजी के संयुक्त तत्वावधान में उच्च शिक्षा के डिजिटल भविष्य पर हुआ मंथन*
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*उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने किया समिट का शुभारंभ*
इंदौर, 01 जून 2026
मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सोमवार को इंदौर के मेरियट होटल में “डिजी100x मध्यप्रदेश समिट” का आयोजन किया गया। उच्च शिक्षा विभाग एवं डिजी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महत्वपूर्ण समिट का शुभारंभ प्रदेश के उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने किया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन, उच्च शिक्षा आयुक्त श्री प्रबल सिपाहा, श्री आर.आर. कन्हेरे सहित प्रदेश के विभिन्न शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, कुलसचिव, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समिट का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा के बदलते स्वरूप, उभरती प्रौद्योगिकियों तथा डिजिटल नवाचारों के माध्यम से शिक्षण एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आधुनिक बनाना था। कार्यक्रम में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में डिजिटल परिवर्तन की संभावनाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, ई-गवर्नेंस, डिजिटल मूल्यांकन तथा भविष्य की शिक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।
अपने उद्बोधन में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि विभाग उत्तर पुस्तिकाओं के शत-प्रतिशत डिजिटल वैलिडेशन की दिशा में कार्य कर रहा है, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और प्रभावी बन सकेगी। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा केवल प्रशासनिक सुधार का माध्यम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को वैश्विक अवसरों से जोड़ने का सशक्त उपकरण भी है।
श्री परमार ने बताया कि विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार की जा रही है तथा उन्हें बहुभाषी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तेलुगू, तमिल, मराठी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डिजिटल तकनीकों का व्यापक उपयोग समय की मांग है। उच्च शिक्षा संस्थानों को विद्यार्थियों की बदलती आवश्यकताओं तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तकनीकी रूप से सशक्त बनाना होगा। इसके लिए विश्वविद्यालयों को शोध, नवाचार तथा डिजिटल अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में गति, पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए तकनीक को अपनाना आवश्यक है। जब तकनीकी विशेषज्ञ, विश्वविद्यालय और शासन मिलकर योजनाओं का स्वरूप तैयार करते हैं, तब शिक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था को नई दिशा मिलती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग उच्च शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और सीखने के अधिक अवसर उपलब्ध कराएगा।
मंत्री श्री परमार ने परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मूल्यांकन (डिजिटल इवैल्यूएशन) प्रणाली को अपनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी नवाचारों का उपयोग शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए अनिवार्य हो गया है। उन्होंने विश्वविद्यालयों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा शासन के प्रतिनिधियों से इस विषय पर व्यापक विमर्श कर व्यवहारिक और प्रभावी समाधान विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लागू करने से परीक्षा प्रक्रिया की गुणवत्ता में सुधार होगा, परिणामों की विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा विद्यार्थियों को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने इस कार्यशाला को समयानुकूल और महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह उच्च शिक्षा में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन ने कहा कि विभाग विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ‘सार्थक ऐप’ आधारित उपस्थिति प्रणाली को लागू करने के प्रयास कर रहा है। उन्होंने वर्तमान मूल्यांकन प्रणाली में 30 प्रतिशत आंतरिक मूल्यांकन और 70 प्रतिशत लिखित परीक्षा के अनुपात का उल्लेख करते हुए कहा कि बदलते शैक्षणिक परिवेश को देखते हुए इसे 40:60 करने पर विचार किया जाना चाहिए। इससे विद्यार्थियों की सतत शैक्षणिक सहभागिता और कक्षा आधारित सीखने की प्रक्रिया को अधिक महत्व मिलेगा।
उच्च शिक्षा आयुक्त श्री प्रबल सिपाहा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज शिक्षा जगत की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुकी है। विद्यार्थियों को एआई आधारित तकनीकों से परिचित कराने के लिए महाविद्यालयों में एआई से संबंधित सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों को एआई टूल्स के रचनात्मक, नैतिक और जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रेरित करना चाहिए, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें।
समिट के दौरान विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म, स्मार्ट प्रशासन, ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली, डेटा आधारित प्रबंधन तथा तकनीक आधारित कौशल विकास जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि डिजिटल संसाधनों और नवाचारों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अधिक सुलभ, प्रभावी और समावेशी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, विश्वविद्यालय प्रशासकों तथा तकनीकी विशेषज्ञों के बीच सार्थक संवाद स्थापित कर उच्च शिक्षा में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में साझा कार्ययोजना तैयार करना था। समिट में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने उच्च शिक्षा को अधिक नवाचारी, विद्यार्थी-केंद्रित, समावेशी और भविष्य उन्मुख बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए।
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#इंदौर
CM Madhya Pradesh
Jansampark Madhya Pradesh
Department of Higher Education, Madhya Pradesh

*रोजगार मेले में 113 युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में मिला रोजगार*----*युवाओं को दी गई शासन द्वारा संचालित स्वरोजगार यो...
01/06/2026

*रोजगार मेले में 113 युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में मिला रोजगार*
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*युवाओं को दी गई शासन द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी*
इंदौर, 01 जून 2026
मध्यप्रदेश शासन और जिला प्रशासन के निर्देशानुसार बेरोजगार आवेदकों को एक छत के नीचे रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला रोजगार कार्यालय द्वारा आज सोमवार को रोजगार मेले (युवा संगम कार्यक्रम) का आयोजन किया गया। इस युवा संगम कार्यक्रम में कुल 11 कंपनियों द्वारा 113 युवाओं का चयन रिक्त पदों की पूर्ति हेतु किया गया।
जिला रोजगार कार्यालय के उप संचालक श्री पी.एस. मण्डलोई ने बताया कि इस रोजगार मेले में कुल 237 उम्मीदवारों ने पंजीयन कराया था, जिसमें से कुल 172 युवक एवं 65 युवतियों शामिल है। कुल 113 आवेदकों का प्रारंभिक रूप से फार्मासिस्ट, एचआर, सेल्स एक्जीक्यूटिव, सहायक प्रबंधक, डिजिटल मार्केटिंग, टेलीकॉलर, बेक ऑफिस, ट्रेनी, फीटर, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन, कोपा, टर्नर, ऑपरेटर आदि पदों के लिए चयन किया गया।
रोजगार मेले में जिला उद्योग केंद्र के मैनेजर द्वारा स्वरोजगार के इच्छुक 08 आवेदकों को शासन द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी और मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही स्वरोजगार हेतु प्रकरण तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया। शासन की अप्रेन्टिशिप योजना अंतर्गत 04 आवेदकों का चयन कर कंपनी में भेजे गये। उक्त कार्यक्रम तीनों विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की सहभागिता से सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
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