28/05/2026
पंचायत” 🌾
मिट्टी की खुशबू, पीपल की छाँव,
सुकून बसता है अपने गाँव।
चौपालों में हँसी के मेले,
दिल से जुड़े यहाँ सब रिश्ते-नाते।
सुबह की चाय और खेतों की राह,
हर चेहरे पे अपनेपन की चाह।
ना ऊँची बातें, ना कोई दिखावा,
सादा जीवन ही सबसे बड़ा ठिकाना।
बरगद नीचे बैठी पंचायत पुरानी,
जिसमें छुपी हर दिल की कहानी।
कभी हँसी, कभी तकरार होती,
फिर भी रिश्तों में मिठास रहती।
शहरों की भीड़ भले चमक दिखाए,
गाँव का प्यार दिल जीत जाए।
जहाँ लोग नहीं, परिवार मिलते हैं,
उसे ही असली “पंचायत” कहते हैं।* ✨
ग्राम पंचायत पलिया
ग्राम पंचायत सरपतहा ईसानगर
Digital Village Laukahiisanagar
Lakhimpur, Uttar Pradesh