25/01/2026
🇮🇳 मौत को मात देकर रचा इतिहास: रोहितास खिलेरी 🇮🇳
यह कहानी है उस जाबांज़ की, जिसने मौत को भी 24 घंटे इंतज़ार करने पर मजबूर कर दिया!
यूरोप की सबसे ऊँची चोटी Mount Elbrus (5642 मीटर) पर रोहतास खिलेरी ने वो कर दिखाया जो आज तक कोई नहीं कर सका।
👉अकेले डटे रहे: बिना ऑक्सीजन के, 24 घंटे तक चोटी पर अकेले खड़े रहे।
👉कांपती रूह, जमा देने वाली ठंड: -40°C का तापमान और 60 km/h की रफ्तार से चलती बर्फीली हवाएं।
👉अंधेरा और सन्नाटा: चारों तरफ 'Whiteout' (सफेद धुंध), जहाँ हाथ को हाथ दिखाई नहीं देता।
👉बड़ी कुर्बानी: इस संघर्ष में फ्रॉस्टबाइट की वजह से उन्होंने अपनी 2 उंगलियाँ गंवा दीं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी।
8 साल का लंबा इंतज़ार, 4 बार की नाकामी... लेकिन 5वीं बार में इतिहास लिख दिया! रोहतास अब दुनिया के पहले ऐसे इंसान बन गए हैं जिन्होंने इस कठिन परिस्थिति में वहां 24 घंटे बिताए।
यह जीत सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हर उस भारतीय के जज्बे की है जो नामुमकिन को मुमकिन बनाने का दम रखता है। भारत के इस शेर को हमारा सलाम!