27/05/2026
इटली में स्थित मोंटे कसीनो में विक्टोरिया क्रॉस पुरूस्कार से सम्मानित स्व: श्री कैप्टन कमल राम जी गुर्जर VC निवासी भोलूपुरा जिला करौली तत्कालीन जिला सवाई माधोपुर राजस्थान की प्रतिमा का अनावरण किया गया।
Sh VC Kamal Ram Gurjar को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अद्भुत वीरता दिखाने के लिए “Victoria Cross (VC)” दिया गया था। यह ब्रिटिश साम्राज्य और कॉमनवेल्थ देशों का सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार माना जाता है।
कमल राम का परिचय
जन्म: 17 दिसंबर 1924
गाँव: भोलूपुरा, करौली जिला, राजस्थान
पिता का नाम: शिवचंद गुर्जर
सेना: ब्रिटिश इंडियन आर्मी
यूनिट: 3rd Battalion, 8th Punjab Regiment
पद: सिपाही (Sepoy)
कमल राम बहुत कम उम्र में सेना में भर्ती हुए थे। द्वितीय विश्व युद्ध के समय भारतीय सैनिक ब्रिटिश भारतीय सेना के साथ मिलकर जर्मनी और इटली के मोर्चों पर लड़ रहे थे।
---
Victoria Cross क्यों दिया गया?
12 मई 1944 को इटली में “River Gari” और “Gustav Line” के पास जर्मन सेना के खिलाफ एक बहुत कठिन लड़ाई चल रही थी। भारतीय सेना की टुकड़ी आगे बढ़ रही थी, लेकिन जर्मन मशीनगनों की भारी फायरिंग से सैनिक रुक गए थे।
स्थिति इतनी गंभीर थी कि अगर उन मशीनगन पोस्टों को नष्ट नहीं किया जाता, तो पूरी टुकड़ी खतरे में पड़ सकती थी।
तभी कमल राम ने स्वयं आगे बढ़ने के लिए स्वेच्छा से कहा।
---
उन्होंने क्या वीरता दिखाई?
1. अकेले दुश्मन की ओर बढ़े
कमल राम तारों और गोलियों के बीच रेंगते हुए दुश्मन के पीछे तक पहुँच गए।
2. पहली मशीनगन पोस्ट पर हमला
उन्होंने अकेले ही पहली मशीनगन पोस्ट पर हमला किया और मशीनगन चला रहे जर्मन सैनिक को गोली मार दी।
3. हाथापाई में दुश्मन को खत्म किया
दूसरा जर्मन सैनिक उनका हथियार छीनने आया, तो कमल राम ने संगीन (Bayonet) से उसे मार गिराया।
4. जर्मन अधिकारी को भी मार गिराया
एक जर्मन अफसर पिस्तौल लेकर बाहर आया, लेकिन कमल राम ने उसे भी गोली मार दी।
5. लगातार कई पोस्ट नष्ट कीं
इसके बाद उन्होंने और उनके साथियों ने मिलकर दूसरी और तीसरी मशीनगन पोस्ट को भी नष्ट कर दिया। इससे भारतीय सेना को आगे बढ़ने का रास्ता मिल गया।
---
इस वीरता का परिणाम
कमल राम की बहादुरी से:
भारतीय सेना का हमला सफल हुआ
जर्मन रक्षा पंक्ति कमजोर पड़ी
कई सैनिकों की जान बची