17/08/2026
RLP को बरसात की रात लट्टू के आसपास आने वाले कीड़े-मकोड़े बताना सिर्फ RLP का अपमान नहीं, बल्कि उन हजारों-लाखों कार्यकर्ताओं का अपमान है जो दिन-रात जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष करते हैं।
फतेह खान RLP को कीड़ा-मकोड़ा बताने से पहले इतिहास जरूर देख लेना चाहिए। यही RLP है जिसने चुनावी मैदान में बड़े-बड़े दिग्गजों को धूल चटाई है और जनता के मुद्दों पर सड़क से लेकर विधानसभा और संसद तक आवाज उठाई है।
राजनीति में विरोध और आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है।
समय आने पर जनता ही तय करेगी कि कौन “कीड़ा-मकोड़ा” है और कौन जनता के बीच मजबूती से खड़ा है।
RLP कार्यकर्ता किसी के बयान से डरने या पीछे हटने वाले नहीं हैं।
हम संघर्ष में भी थे, संघर्ष में भी हैं और संघर्ष करते रहेंगे।
Hanuman Beniwal Rashtriya Loktantrik Party