10/08/2026
प्रेस में प्रकाशनार्थ ________________________
एस के एम,संयुक्त ट्रेड यूनियनों और जनसंगठनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आज खगड़िया समाहरणालय का घेराव कर जेल भरो आंदोलन किया गया।आज के राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन के मद्देनजर खगड़िया में बिहार राज्य किसान सभा,बिहार प्रांतीय ग्रामीण खेतिहर मजदूर यूनियन,जनवादी महिला समिति,जनवादी नौजवान सभा,एस एफ आई और मिड डे मील वर्कर्स(रसोईया) यूनियन के बैनर तले हजारों किसान,मजदूर,महिला एवं छात्र_युवाओं ने अपने_अपने संगठन के झंडे के साथ दिन के 12.30 बजे हॉस्पिटल चौक से अपने मांगों के समर्थन में जोड़दार नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला।यह जुलूस खगड़िया समाहरणालय पर पहुंच कर अपने मांगों के समर्थन में और केन्द्र सहित राज्य सरकार के विरोध में जबरदस्त नारेबाजी की।प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी कर प्रशासन पर दबाव बना रहे थे, कि या तो हमारी मांगें मानी जाय नहीं तो हम सबों को जेल में बंद किया जाए।मौके पर भारी पुलिस के जमावड़े के बीच खगड़िया सिविल एस डी ओ ने सभी प्रदर्शनकारियों को ना सिर्फ गिरफ्तार किया,बल्कि मांगों से संबंधित ज्ञापन स्वीकार करते हुए सभी गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को कोशी कॉलेज कैंप जेल बना कर पी आर पर शाम में रिहा कर दिया।समाहरणालय पर जेल भरो आंदोलन के प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बिहार राज्य किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष सह पूर्व प्रत्याशी महागठबंधन खगड़िया लोकसभा,संजय कुमार ने कहा आज पूरे देश के सभी समाहरणालयों पर किसान,मजदूर, महिला और छात्र_युवा करोड़ों की संख्या में देश की जनविरोधी एवं तानाशाह सरकार से आजिज होकर जेल भरो का रास्ता अख्तियार करने पर मजबूर हुए हैं।उन्होंने कहा अभी हाल में ही हम सब ने देखा कि जब नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर पूरे देश में सुनियोजित तरीके से लगातार लीक की जा रही थी,तो मजबूरन अपने भविष्य की रक्षा हेतु लाखों की संख्या में छात्र_युवा सड़क पर आए,अनशन पर बैठे,मगर केन्द्र की मोदी सरकार उन बच्चों से बातचित कर उनके समस्याओं का समाधान के बजाय उन पर क्रूर तानाशाह के तरह जानलेवा दमनात्मक कार्यवाही किया।छात्र_युवा चुकी अपने भविष्य के खातिर निर्णायक लड़ाई लड़ रहे थे,ऐसे में भीषण दमन भी उनके हौसले को नहीं तोड़ सका।मजबूरन केन्द्र की इस तानाशाह सरकार को पीछे हटना पड़ा।ठीक इसी समय मोदी सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दबाव में अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनाया है,जो खास कर भारत के कृषि क्षेत्र को प्रभावित करता है।उन्होंने कहा इस डील के जरिए अमेरिका भारत के 142 करोड़ जनसंख्या बाली बाजार में सीधे अपना खाद्य सामग्री बिना कोई टैक्स दिए बेचेगा,वो भी बहुत सस्ते दर पर क्योंकि अमेरिकी किसानों को वहाँ की सरकार किसानी में 70/प्रतिशत सब्सिडी देती है,मगर हमारी सरकार अपने किसानों को किसी भी तरह की सब्सिडी नहीं देती है।यही कारण है कि अमेरिका में फसलों के उत्पादन पर लागत मूल्य भारत के अपेक्षा काफी सस्ती है।ऐसे में अगर भारतीय बाजार में ज्यों ही अमेरिकी खाद्य सामग्री आएगी,तो भारतीय खाद्य सामग्री के वनिस्पत काफी सस्ती होगी,जिस कारण हमारे किसानों के उत्पादित सामान नहीं बिकेंगे।किसानों को खेती बंद करना पड़ेगा और उन्हें अपने खेत बेचने की मजबूर होना पड़ेगा,जो एक तरह से भारतीय किसानों के लिए मौत का परवाना है।संजय कुमार ने चार श्रम संहिता जो श्रमिकों को मिले पूर्व के सारे अधिकार को समाप्त कर दिया है,उसे एक तरह से सरकार द्वारा मजदूरों को गुलाम बनाने बाला रास्ता बताया।मोदी सरकार ने मनरेगा का सिर्फ नाम ही नहीं बदला बल्कि उसमें केन्द्र का पैसा भी कम कर दिया,जिससे आने वाले दिनों में यह योजना ही फेल हो सकता है।जिसका बहुत बुरा असर ग्रामीण मजदूरों पर पड़ेगा।उन्होंने बिहार के सम्राट सरकार की बुल्डोजर नीति की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि बिहार में आज भी बेघर भूमिहीनों की संख्या लाखों में है।ऐसे में बुलडोजर नीति के बजाय सम्राट सरकार को बेघर भूमिहीनों को बसने हेतु 5 डिसमिल जमीन देने वाली पूर्ववर्ती सरकार के फैसले को लागू करना होगा।संजय कुमार ने कहा राशन कार्डधारियों के बड़े पैमाने पर नाम काटे जा रहे हैं,जो गरीबों के साथ बड़ा अन्याय है।सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुक्तान पिछले चार महीने से रुका हुआ है,जिसका सीधा असर बूढ़े,बिकलांग और विधवाओं के जीवन पर पड़ रहा है।उन्होंने स्कूली रसोइया सहित सभी स्कीम वर्करों को तत्काल नियमित करते हुए 26000/रुपये प्रति माह वेतन का मांग जेल भरो आंदोलन के माध्यम से सरकार के सामने रखा।2023 में लोकसभा से पारित महिला आरक्षण कानून को मोदी सरकार द्वारा ना लागू कर,अब नए सिरे से महिला आरक्षण कानून बनाने को धोखा कराड़ दिया।संजय कुमार ने कहा केन्द्र और राज्य सरकार दोनों को तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरे पारदर्शी बनाना होगा,जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।उन्होंने सम्राट सरकार द्वारा हाल में ग्रामीण होल्डिंग टैक्स,पानी टैक्स,स्मार्ट मीटर और स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूलने के फैसले को आम लोगों के जेब पर बड़ा हमला बताया।उन्होंने कहा इन्हीं ज्वलंत सवालों को लेकर आज का जेल भरो आंदोलन पूरे देश में है।सरकार अगर इस आंदोलन को गंभीरता से नहीं लेगी तो आने वाले नवम्बर महीने में किसान,मजदूर,ग्रामीण मजदूर,महिला और छात्र_युवा दिल्ली पहुंच कर आर_पार के संघर्ष का रास्ता अख्तियार करेगा।प्रदर्शन में शामिल हजारों लोगों को खेतिहर मजदूर यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष देवेन्द्र चौरसिया,राज्य संयुक्तसचिव सुरेन्द्र प्रसाद महतों,किसान सभा के जिलाध्यक्ष हरेराम चौधरी,जिला सचिव विनय कुमार सिंह,खेतिहर मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष नवीन चौधरी,जिला सचिव रामविनय सिंह,सीटू के जिला नेता विजय कुमार सिंह,महिला समिति के जिलाध्यक्ष मीरा देवी,जिला सचिव नीतू देवी,महिला नेता मंजू देवी,नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष मंजीत कुमार,जिला सचिव अमीर कुमार,एस एफ आई के जिला सचिव सोनेलाल यादव,किसान नेता कुन्दन मेहता,सच्चिदानंद सिंह,जवाहर सिंह,संजीव कुमार,भीम साह,अजहर अंजुम,मिथलेश केशरी,सुनील मंडल,अनिल वर्मा,महावीर यादव, राजेन्द्र वर्मा,अमर यादव,मुरारी सिंह,खेत मजदूर नेता रामबिलास वर्मा,माला देवी,श्रवण साह,सुरेन्द्र सिंह,युवा नेता रजनीश कुमार,अमरेश कुमार एवं अमरेन्द्र कुमार ने भी सम्बोधित किया।
संजय कुमार
राज्य उपाध्यक्ष बिहार राज्य किसान सभा सह
पूर्व प्रत्याशी महागठबंधन खगड़िया लोकसभा