14/07/2026
ऑनलाइन वोटर पंजीकरण के नियमों में बदलाव, नए मतदाताओं को अब देनी होगी माता-पिता की SIR जानकारी
(The Political Line)
चुनाव आयोग ने पहली बार मतदाता बनने के लिए ऑनलाइन फॉर्म-6 (ECINET) भरने की प्रक्रिया में नया प्रावधान लागू किया है। अब नए आवेदकों को आवेदन के दौरान यह घोषणा करनी होगी कि उनके माता-पिता पिछली स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में शामिल थे या नहीं। यह जानकारी दिए बिना ऑनलाइन आवेदन आगे नहीं बढ़ेगा।
यदि माता-पिता पिछली SIR प्रक्रिया में शामिल रहे हैं, तो आवेदक को उनके विधानसभा क्षेत्र का नंबर, पोलिंग बूथ (पार्ट नंबर) और मतदाता सूची में दर्ज क्रमांक (सीरियल नंबर) की जानकारी देनी होगी। वहीं, यदि वे SIR में शामिल नहीं थे, तो इसका विकल्प चुनते हुए उनके नाम और उपलब्ध होने पर EPIC (मतदाता पहचान पत्र) नंबर दर्ज करने होंगे।
चुनाव आयोग का कहना है कि इस नई व्यवस्था से नए मतदाताओं की पहचान का सत्यापन अधिक प्रभावी होगा और कई मामलों में अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता भी कम पड़ेगी। आयोग के अनुसार, SIR का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना तथा मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या अपात्र नामों को हटाकर मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है।
हालांकि, इस बदलाव को लेकर कानूनी बहस भी शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि फॉर्म-6 जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित वैधानिक प्रपत्र है। ऐसे में इसमें किसी भी बदलाव के लिए केंद्र सरकार की अधिसूचना और राजपत्र (गजट) में संशोधन आवश्यक माना जाता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस संबंध में सार्वजनिक रूप से कोई संशोधन अभी तक सामने नहीं आया है।
महत्वपूर्ण: यह नया प्रावधान फिलहाल पहली बार ऑनलाइन फॉर्म-6 के माध्यम से वोटर बनने वाले आवेदकों पर लागू बताया जा रहा है। पहले से मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के लिए यह नया आवेदन नियम नहीं है।