06/03/2026
मैं उस घटना की कड़ी निंदा करता हूँ जिसमें प्रभाकर शिंदे नाम के व्यक्ति द्वारा इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से हज़रत मुहम्मद (Peace Be Upon Him) और उम्मुल मोमिनीन की शान में आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की गई, जिससे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएँ गहराई से आहत हुई हैं।
जब खंडवा के कुछ लोग इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग लेकर थाने पहुँचे और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की, तो सामने आए वीडियो में देखा गया कि पुलिस प्रशासन द्वारा उन पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई लोग घायल हुए। यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
और भी चिंताजनक बात यह है कि मुस्लिम समाज के 47 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया, जबकि वे अपनी आस्था के सम्मान और न्याय की मांग लेकर प्रशासन के पास पहुँचे थे।
मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जी और प्रशासन से पूछना चाहता हूँ कि यदि किसी समुदाय की धार्मिक भावनाएँ आहत होती हैं और वे न्याय की मांग के लिए प्रशासन के पास जाते हैं, तो क्या उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जाना चाहिए?
मध्य प्रदेश की गंगा-जमुनी तहज़ीब को कमजोर करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाली फिरकापरस्त ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना आवश्यक है।
मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से मांग करता हूँ कि:
प्रभाकर शिंदे के खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
47 लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
घायल लोगों को न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कानून और संविधान का तकाज़ा है कि हर नागरिक की आस्था, सम्मान और अधिकारों की समान रूप से रक्षा की जाए और प्रदेश में भाईचारा, शांति तथा आपसी सद्भाव को मजबूत किया जाए।
– मोहसिन अली खान
प्रदेश अध्यक्ष, AIMIM मध्य प्रदेश