The Engineers Show

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोपी अनुकल्प मिश्र मंदिर के दान पात्रों से पार की गई रकम से अपने गांव के पास 20 बीघा जमीन खरीद...
07/07/2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोपी अनुकल्प मिश्र मंदिर के दान पात्रों से पार की गई रकम से अपने गांव के पास 20 बीघा जमीन खरीदने की तैयारी कर रहा था।

जमीन का सौदा करीब दो करोड़ रुपये में तय था, लेकिन इसी दौरान चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

यही नहीं, अनुकल्प एक स्कॉर्पियो भी लेने की तैयारी में था और शोरूम संचालक को जल्द बुकिंग कराने के लिए कहा था। दो माह पहले ही उसने स्विफ्ट डिजायर कार भी खरीदी थी।

अनुकल्प के पिता रवींद्र मिश्र से पूछताछ के दौरान यह सब जानकारी पुलिस के हाथ लगी है। अंबेडकरनगर में कुछ अचल संपत्तियों का पता चला है।

मिल्कीपुर के बसावां गांव का मूल निवासी अनुकल्प मिश्र वैसे तो शहर के कौशलपुरी में लगभग डेढ़ वर्ष से रहने लगा था, लेकिन गांव में उसका आना जाना लगा रहता। जब उसके गांव के समीप ही 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का निर्माण होने लगा तो उसने हाईवे किनारे भी जमीन में निवेश की इच्छा जताते हुए लोगों से जमीन खरीदने के लिए संपर्क किया।

अप्रैल में गांव में जब उसने भागवत कथा कराई तो उस दौरान कई प्रॉपर्टी डीलर जमीन बेचने के लिए उससे मिलने आए। अनुकल्प एक स्थान पर ही 20 बीघा जमीन लेना चाह रहा था। इस वजह से समय लग रहा था।

उसने एक प्रॉपर्टी डीलर से कहा था कि पैसा चाहे जितना लग जाए जमीन परिक्रमा मार्ग के बगल ही हो। इसी बीच जून में चढ़ावा चोरी का मामला उजागर हो गया और उससे पहले ट्रस्ट की आंतरिक जांच, फिर एसआइटी जांच के दौरान पूछताछ होने लगी।

बाद में प्राथमिकी दर्ज होने पर वह जेल भेज दिया गया। अनुकल्प की तरह ही अन्य आरोपितों ने भी इसी तरह चढ़ावा चोरी कर प्रापर्टी और वाहन खरीदे हैं।

15/06/2026

"वसेपुर में लड़ाई रामाधीर और सरदार की नहीं थी, लड़ाई कोयले पर वर्चस्व की थी।"

अब वसेपुर की जगह पटना का मुसल्लहपुर हाट रख दीजिए और कोयले की खदानों की जगह हजारों करोड़ रुपये के कोचिंग उद्योग को।

इस कहानी के दो मुख्य किरदार हैं—
खान सर (खान ग्लोबल स्टडीज), जिनके पास करोड़ों फॉलोअर्स, डिजिटल प्रभाव और विशाल छात्र आधार है।
दूसरी ओर रौशन सर (ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी), जिन्हें उनके समर्थक "दरोगा फैक्ट्री" का संचालक मानते हैं, क्योंकि उनकी संस्था से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बिहार पुलिस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए हैं।

दोनों का केंद्र एक ही इलाका रहा—किसान कोल्ड स्टोरेज परिसर, मुसल्लहपुर।

2020–21: विस्तार और टकराव

कोरोना महामारी के दौरान कई छोटे कोचिंग संस्थान बंद हो गए। इस दौर में खान सर ने अपनी बढ़ती लोकप्रियता और संसाधनों के बल पर कई खाली हॉल और कार्यालय अपने नियंत्रण में ले लिए। दूसरी तरफ रौशन सर का प्रभाव क्षेत्र अपेक्षाकृत सिमटता दिखाई दिया।

मार्च 2021: पहली बड़ी भिड़ंत

खान सर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि रौशन आनंद, उनके भाई प्रिंस और समर्थक उनके संस्थान में घुस आए, फर्नीचर तोड़ा और कर्मचारियों को धमकाया। यहीं से संघर्ष खुलकर सामने आ गया।

2023: लड़ाई सड़कों से निकलकर छवि की जंग बनी

खान सर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए और लोकप्रिय टीवी कार्यक्रमों तक पहुंचे।
रौशन सर ने आरोप लगाया कि यह सब बड़े पैमाने पर पीआर और प्रचार का परिणाम है।

जवाब में खान सर ने "दरोगा फैक्ट्री" नाम पर तंज कसते हुए कहा—

"फैक्ट्री में मत जाइए, फैक्ट्री में जाएंगे तो मजदूर बन जाएंगे।"

2023 के अंत में: हिंसा और आरोप

ज्ञान बिंदु परिसर में तोड़फोड़ हुई। रौशन सर ने आरोप लगाया कि हमलावरों को खान सर के कार्यालय से समर्थन मिला।
इसी दौरान रौशन सर के भाई प्रिंस पर हमला हुआ, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं।

दूसरी ओर खान सर ने आरोप लगाया कि उनके वाहनों पर हमलों और बमबाजी की साजिश रची जा रही है।

फरवरी–मार्च 2026: टॉपर की लड़ाई

वन क्षेत्र पदाधिकारी (Forest Range Officer) परीक्षा का परिणाम आया। राज्य के टॉपर अभिषेक पटेल को लेकर दोनों संस्थानों में दावा-प्रतिदावा शुरू हो गया।

28 मार्च 2026 को अभिषेक पटेल का खान सर के संस्थान में सम्मान हुआ। इसके बाद रौशन सर ने कथित व्हाट्सएप चैट जारी कर आरोप लगाया कि टॉपर को अपने संस्थान से जोड़ने के लिए आर्थिक प्रलोभन दिया गया।

2 जून 2026: संघर्ष चरम पर

आरोप लगा कि ज्ञान बिंदु के प्रवेश द्वार पर लगे बोर्ड के ऊपर दूसरे पक्ष के बैनर लगा दिए गए। विरोध शुरू हुआ, जो जल्द ही पत्थरबाजी और लाठी-डंडों की झड़प में बदल गया।

इसी दौरान आरोप सामने आए कि खान सर के निजी सुरक्षा कर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की।

3 जून 2026: कानूनी कार्रवाई

घटना के बाद रौशन आनंद और उनके कुछ सहयोगियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। लेकिन बाद में सामने आए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने खान सर और उनके सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया। पुलिस का आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों की कार्रवाई उनके निर्देश पर हुई थी।

और फिर...

जब लगा कि कहानी समाप्त हो रही है, तभी नया मोड़ आ गया। खबरें आईं कि रौशन सर के भाई प्रिंस की नेपाल में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई।

मुसल्लहपुर की इस कहानी में शायद यही सबसे बड़ा सच है—

यह लड़ाई सिर्फ दो व्यक्तियों की नहीं, बल्कि प्रभाव, प्रतिष्ठा, छात्रों और अरबों रुपये के शिक्षा बाजार पर वर्चस्व की लड़ाई है।

और मुसल्लहपुर में हर अंत, किसी नई शुरुआत की भूमिका लिखता है।

The Skin Dr

From the G20 "Melodi" moments to another high-profile global meeting - Prime Minister Narendra Modi and Prime Minister G...
20/05/2026

From the G20 "Melodi" moments to another high-profile global meeting - Prime Minister Narendra Modi and Prime Minister Giorgia Meloni once again grabbed international attention in Rome, Italy.

What started as a viral internet trend with the famous "Melodi" nickname has now become one of the most talked-about diplomatic friendships on social media.

Every interaction between Modi ji and Meloni instantly trends across Instagram, X, and global media because people see a mix of strong leadership, mutual respect, and positive chemistry between two influential world leaders.

Beyond the memes and viral edits, this meeting reflects growing India-Italy cooperation in trade, technology, defence, energy, and global strategic partnerships. While the internet enjoys the "Melodi" moments, the real focus remains India strengthening its global presence and building stronger ties with major European nations.

From viral selfies to serious diplomacy - this duo knows how to dominate both global politics and social media timelines at the same time.

Modi Meloni

इतिहास गवाह है —जिस समय प्रभु श्रीराम के सम्मान और मंदिर के लिए आवाज़ उठाना आसान नहीं था, उस समय मात्र 2 सीटों से शुरुआत...
08/05/2026

इतिहास गवाह है —
जिस समय प्रभु श्रीराम के सम्मान और मंदिर के लिए आवाज़ उठाना आसान नहीं था, उस समय मात्र 2 सीटों से शुरुआत करने वाली पार्टी ने रामभक्तों की आस्था को अपना संकल्प बनाया।
आज वही पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनकर उभरी है।
यह किसी साधारण राजनीति की नहीं,
यह करोड़ों रामभक्तों की आस्था, विश्वास और श्रीराम जी के आशीर्वाद की ताकत है।
जहाँ-जहाँ श्रीराम का नाम गूंजता है,
वहाँ-वहाँ विजय, सम्मान और इतिहास स्वयं सिर झुकाता है।
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम केवल एक नाम नहीं,
वे भारत की आत्मा, संस्कृति, धर्म और करोड़ों लोगों की श्रद्धा हैं।
🚩 “राम नाम की गूंज से ही भारत की पहचान है,
और श्रीराम के आशीर्वाद से ही हर असंभव कार्य संभव होता है।” 🚩
#जयश्रीराम 🚩🔥

05/04/2026

🚗🛣️ Jai Ho Char Dham Mahamarg! 🙏✨
Namaste doston!

Aaj baat karte hain ek aise project ki jo har Hindu bhakt ke dil ko chhoo jaati hai – Chaar Dham Highway (Char Dham All Weather Road Project)! 🏔️
Yamunotri, Gangotri, Kedarnath aur Badrinath… ye chaar pavitra dhamein pahunchne ka safar pehle mushkil aur risky tha. Lekin ab yeh badal raha hai! 🚧

2016 mein PM Narendra Modi ji ne Dehradun mein iski shuruaat ki thi. Aaj yeh ₹12,000 crore ka ambitious project ~890 km lamba hai, jo Rishikesh se lekar sabhi dhamein tak all-weather, wide aur safe roads bana raha hai. Tunnels, bridges, retaining walls – engineering ka kamaal! Ab barish-ho ya barf, yatra ab zyada smooth aur kam time mein ho rahi hai. ⛰️❤️

Pilgrims ke liye yeh sirf road nahi, devbhoomi Uttarakhand tak asaan pahunch hai. Tourism badhega, local economy boost milegi aur sabse badi baat – bhakton ki shraddha aur suraksha dono safe! 🙌

Abhi 2026 tak project almost complete hone wala hai… bohot jald poori tarah se nayi roshni mein chamkega yeh highway! 🔥

Aapne kabhi Char Dham Yatra ki hai? Ya planning kar rahe ho? Comment mein batao apna experience ya excitement! 👇

Jai Badrinath 🙏 Jai Kedarnath 🙏 Jai Gangotri 🙏 Jai Yamunotri 🙏
🛣️🇮🇳
(Share karo agar aap bhi excited ho! 🙏)

15/02/2026

From a small Survey Training School on the banks of the Ganga in 1886... to the powerhouse NIT Patna standing tall in 2026! 🌟

This video takes you on a heartfelt ride through 140+ years of grit, glory, and golden memories.
1886: Pleaders' Survey Training School begins the dream.

1924: Evolves into Bihar College of Engineering – the 6th oldest engineering institute in India!

2004: Transforms into National Institute of Technology Patna – a new chapter as an Institute of National Importance.

Today (2026): Top placements, 14th Convocation with 1000+ bright minds, cutting-edge research, and Bihar's pride shining brighter than ever.

Every brick, every classroom, every late-night study session... has built legends.

If NIT Patna shaped you, drop a ❤️ or tag your batchmate below!
Watch the full journey now 👇
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