18/02/2026
पेरियार ई वी रामास्वामी नायकर ने "सच्ची रामायण" नाम की एक किताब लिखी। इस किताब का सबसे बड़ा प्रहार पेरियार के इन शब्दों में झलकता है कि ---
वह व्यक्ति जो ईश्वर को मानता है, वह मूर्ख है । वह जो पूजा करता है, वह बर्बर है । और वह जो उसे प्रचारित करता है, वह धूर्त है । पेरियार का तर्क सीधा था । यदि कोई भगवान या धर्म जातिवाद और ऊंच-नीच को बढ़ावा देता है, तो उसे नष्ट कर देना ही बेहतर है।वह रामायण को एक नैतिक ग्रंथ के बजाय एक राजनीतिक हथियार के रूप में देखते थे । जिसका मकसद लोगों को भाग्य और अवतार के जाल में फंसा कर रखना था। सोचिए क्या हमारी धार्मिक कहानी वाकई में पवित्र है या वह किसी खास तबके को मानसिक रूप से दबाने का एक जरिया मात्र है।पेरियार की यह किताब हमें साहस देती है कि हम अपने पूजनीय प्रतिकों पर भी सवाल उठा सके । अब शुरू करते हैं तीखे सवाल ---
1) "प्रवचन में धन दौलत को व्यर्थ बताने वाले धर्मगुरु , उसी प्रवचन की फीस लाखों में लेते हैं । फिर भी हमें समझ में क्यों नहीं आता है ?"
2) "ये आपका कैसा धर्म है जो खुद को आबाद रखने के लिए , दूसरे धर्म को बर्बाद करना पड़ता है ?"
3) "अगर बिना सबूत के आप ईश्वर को मान सकते हैं , तो मैं बिना सबूत के उसे नकार क्यों नहीं सकता ?"
4) "भगवान पर चढ़ाया हुआ प्रसाद हर आदमी में बांटा जाता है , लेकिन सोना-चांदी या पैसा क्यों नहीं बंटता है ?"
5) "बेजुबान जानवरों की कुर्बानी या बालि की मांग करने वाला ईश्वर दयालु कैसे हो सकता है ?"
6) "जिस धर्म में औरत को देवी कहा गया , उसी के घर में वो सुरक्षित महसूस क्यों नहीं करती है ?"
7) "अगर खुदा नेक है और हमारी किस्मत लिखता है, तो एक मासूम बच्ची की किस्मत में हैवानियत क्यों लिखता है ?"
8) "अगर सब कुछ ईश्वर की इच्छा से होता है , तो फिर इंसान अपने कर्मों के लिए जिम्मेदार कैसे हैं ?"
9) "अगर धर्म शांति सीखाता है , तो इतिहास की सबसे ज्यादा हत्याएं धर्म के नाम पर ही क्यों हुई ?"
10)"अगर भगवान सभी को सही दिशा दिखाते हैं , तो उनके भक्त ही सबसे ज्यादा अंधविश्वासी कैसे रह सकते हैं ?"
11) "आज भी हर घर में भगवान के तस्वीरें है , फिर भी भरोसा सिर्फ दरवाजों पर लगे ताले पर ही क्यों किया जाता है ?"
12) "अगर पूरी दुनिया नास्तिक हो जाए , तो सूरज उगेगा या नहीं ?"
13) "सभी धर्म खुद को सही बताते हैं , अगर यह सभी धर्म सही है तो आपस में इतनी झगड़े और विरोध क्यों है ?"
14) "एक बलात्कारी को अपराध करते वक्त ईश्वर क्यों नहीं रोकता ? क्या पीड़ित की चिख-चिल्लाहट सुनने में उसे आनंद आता है ?"
15) "आप कहते हैं कि बच्चे होना भगवान की कृपा है , लेकिन यह कैसी कृपा है ? जो एक गर्भनिरोधक की छोटी टैबलेट रोक देती है ?"
16) "जब विज्ञान बता चुका है की ग्रह विशाल पिंड है , तो 100 -50 रुपए लेकर ग्रह का साया हटाने की दुकान अभी भी कैसे चल रही है ?"
17) "अगर प्रार्थना वाकई काम करती , तो अस्पतालों से ज्यादा भी मंदिर-मस्जिद में क्यों नहीं होती है ?"
18) "हम पत्थर की मूर्तियों को खिलाते हैं , जबकि बाहर सीढ़ियों में छोटे-छोटे बच्चे भूखे मर जाते हैं । ये कैसा धर्म है ?"
19) "अगर खुदा ने सबको बराबर बनाया , तो फिर धर्म में ऊंच्ची जाति और नीची जाति के ठेकेदार कहां से आए ?"
20) "जब हर धर्म में अलग-अलग भगवान है , तो असली वाला भगवान कौन सा है ?"
21) "एक प्राकृतिक आपदा , भूकम्प, सुनामी में हजारों निर्दोष को मारना, ये भगवान की लीला है या सामूहिक हत्या ?"
22) "हर धर्म में महिलाओं को निचले दर्जे पर क्यों रखा गया , क्या ईश्वर भी पुरुषवादी है ?"
23) "अगर धर्म ग्रंथो में हर समस्यों का हाल है , तो हमें दवा और आविष्कारों के लिए हजारों साल क्यों इंतजार करना पड़ा ?"
24) "अगर खुदा हर जगह है, तो उसे खोजने के लिए मंदिरों मस्जिदों की क्यों जरूरत है ?"
25) "लाशों का कोई धर्म नहीं होता है , फिर भी शमशान और कब्रिस्तान अलग-अलग क्यों है ?"
26) "यदि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है , तो इंसान को धार्मिक होने की जरूरत ही क्या है ?"
27) "अगर ईश्वर सर्वशक्तिमान और सर्वज्ञ है , तो दुनिया में इतना दुख और अन्याय क्यों है ?"
28) "क्या अलग-अलग धर्मों का ईश्वर अलग-अलग है , या सबका एक ही है ? अगर वो एक ही है, तो इतने मतभेद क्यों है ?"
29) "अगर कोई व्यक्ति अच्छा इंसान है । लेकिन किसी धर्म को नहीं मानता है , तो क्या वो पापी है ?"
30) "क्या धर्म आपको बेहतर इंसान बना रहा है, या सिर्फ दूसरों से नफरत करने के लिए मजबूर कर रहा है ?"
31) "पवित्रता क्या वह किताब है जिसे आप पढ़ते हैं , या वह आचरण है जो अपनाते हैं ?"
32) "अगर सबका मालिक एक ही है , तो मंदिर-मस्जिद के लिए दंगे क्यों होते हैं ?"
33) "अगर सब कुछ ईश्वर की मर्जी से होते है , तो कोर्ट में अपराधियों को सजा क्यों दी जाती है ?"
34) "अगर खुदा सर्वशक्तिमान है , तो उसे अपनी बात मानने के लिए हमें डराने की जरूरत क्यों पड़ती है ?"
35) "हिंदुस्तान के हर घर में पूजा प्रार्थना होती है , फिर भी यह समाज आदर्श क्यों नहीं बना ?"
36) "दान की रसीद कटवाते वक्त आपका ध्यान पुण्य पर होता है या अपने अहंकार पर ?"
37) "क्या आप सच में पाप करने से डरते हैं या सिर्फ पकड़े जाने से और समाज की बदनामी से ?"
38)"हम पूर्वजों की मूर्तियों को पूछते हैं , पर जीवित मां-बाप को सम्मान क्यों नहीं दे पाते हैं ?"
39) "क्या आप धर्म को इसलिए मानते हैं क्योंकि वह सही है ? या इसलिए मानते क्योंकि आप के बाप-दादा उसे मानते थे ?"
40) "अगर विज्ञान ने साबित कर दिया कि आपकी पवित्र पुस्तक में कोई गलती है, तो आप अपनी पुस्तक बदलेंगे या विज्ञान को नकार देंगे ?"
41) "अगर ईश्वर निर्गुण और निराकार है , तो हमने उसे इंसानी शक्ल और इंसानी भावनाएं क्यों दे दी है ?"
42) "अगर धर्म ग्रंथो में भविष्य लिखा है, तो हम आपदाओं और महामारियों से हमेशा हार क्यों जाते हैं?"
43) "अगर हम सब उसी एक भगवान के संतान है तो हम अलग-अलग धर्मों में कैसे बंट गये ?"
44) "भगवान के नाम पर जितना खून बहा , क्या ईश्वर इसे सही मानता है ?"
45) "खुदा को खुश करने के लिए खून बहाना या खुद को तकलीफ देना जरूरी है , तो खुदा रहम दिल कैसे हुआ ?".. राम सुदिष्ट यादव समाजवादी विचारक मधुबनी बिहार।