Om अर्धसैनिक बल commando

Om अर्धसैनिक बल commando *ईश्वर हमारे दुश्मनों पर दया करे, क्यो? क्योंकि फौजी कभी नहीं करता Do and dai

09/04/2026
09/04/2026
08/04/2026

08/04/2026

आज, 07/04/2026 को लगभग 11:00 बजे, आम लोगों की भीड़ ने गेलमोल बोर्डिंग स्कूल, ट्रांगलोडी मोइरांग में D/08 BN, CRPF लोकेशन पर आग लगा दी, जिससे कैंप पूरी तरह से तबाह हो गया। सरकारी गाड़ियों में भी आग लगा दी गई। अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

The evolution of the AK-47 rifle!From its Cold War origins to modernized variants, this iconic platform symbolizes rugge...
16/03/2026

The evolution of the AK-47 rifle!
From its Cold War origins to modernized variants, this iconic platform symbolizes rugged reliability, global influence, and lasting impact on infantry warfare worldwide. ⚔️

कोई कायर ही होगा जो  #जयहिंद नहीं लिखेगादेश सेवा में शहीद हुए सूबेदार अवनीश यादव को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई।बेवर स...
16/03/2026

कोई कायर ही होगा जो #जयहिंद नहीं लिखेगा

देश सेवा में शहीद हुए सूबेदार अवनीश यादव को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई।
बेवर से गांव तक निकली श्रद्धांजलि यात्रा में उमड़ा जनसैलाब*

मैनपुरी/विकासखंड बेवर क्षेत्र के ग्राम अहमदपुर करुआमई नगरिया निवासी सेना के जवान सूबेदार अवनीश उर्फ अविनाश यादव देश सेवा करते हुए तैनाती स्थल पर शहीद हो गए। उनके शहीद होने की खबर मिलते ही पैतृक गांव समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और अंतिम दर्शन के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम अहमदपुर करुआमई निवासी सूबेदार अवनीश उर्फ अविनाश यादव (43 वर्ष) पुत्र गिरीश चंद्र यादव भारतीय सेना में तैनात थे और वर्तमान में लेह में अपनी सेवाएं दे रहे थे। परिजनों के अनुसार 13 मार्च की रात करीब 11 बजे उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उनकी मृत्यु की सूचना परिवार को दी गई। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
रविवार 15 मार्च को शहीद सूबेदार अविनाश यादव का पार्थिव शरीर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव अहमदपुर करुआमई लाया गया। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र के हजारों लोग उमड़ पड़े।
बेवर से उनके गांव तक निकली श्रद्धांजलि यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान लोग “अविनाश यादव अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों के साथ नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दे रहे थे।
पिता और बड़े भाई भी रह चुके हैं सेना में
शहीद अविनाश यादव के पिता गिरीश चंद्र यादव भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। वहीं उनके बड़े भाई आलोक कुमार यादव भी कुछ माह पूर्व सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। परिवार वर्तमान में झांसी में निवास करता है।
शहीद अविनाश अपने पीछे पत्नी साधना देवी, 21 वर्षीय पुत्री कशिश जो झांसी से बीएएमएस और 16 वर्षीय पुत्र कृष्णा जिसने इस वर्ष इंटर की परीक्षा दी है,को छोड़ गए हैं। इनका परिवार जयपुर में निवासरत है। उनके निधन से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

शुरुआत से ही पढ़ने में अव्वल रहे अविनाश
शहीद अविनाश का पार्थिक शरीर जब गांव आया तो हर किसी की आंख नम थी।परिजनों ने जानकारी देते हुए बताया कि अविनाश की प्रारंभिक शिक्षा आर्मी स्कूल सिकंदराबाद,कक्षा छह से दस तक केंद्रीय विद्यालय पठानकोट और 12वीं की परीक्षा केंद्रीय विद्यालय हिसार में दी।18वर्ष की आयु में उनकी नियुक्ति सेना के तोपखाना में हो गई।वर्तमान में वे सेना में सूबेदार के पद पर लेह लद्दाख में तैनात थे।

युद्ध के मैदान में कभी-कभी एक छोटी सी चतुराई भी बड़े से बड़े आधुनिक हथियारों को मात दे देती है। ईरान और इजराइल के बीच चल...
13/03/2026

युद्ध के मैदान में कभी-कभी एक छोटी सी चतुराई भी बड़े से बड़े आधुनिक हथियारों को मात दे देती है। ईरान और इजराइल के बीच चल रहे तनाव के दौरान एक ऐसी घटना घटी जिसने दुनिया के सबसे महंगे रक्षा प्रणालियों पर सवाल उठा दिए। एक ईरानी कलाकार ने रनवे पर लड़ाकू विमानों की इतनी सजीव पेंटिंग बनाई कि इजराइल के आधुनिक सैटेलाइट और ड्रोन भी धोखा खा गए। इजराइली सेना ने उन्हें असली विमान समझकर उन पर 100 मिलियन डॉलर की कीमत वाली मिसाइलें दाग दीं जिससे पूरा बजट पानी की तरह बह गया। हमले के बाद जब जांच हुई तो पता चला कि वहां कोई विमान था ही नहीं बल्कि केवल ज़मीन पर बना हुआ आर्टवर्क था।
#ॐअर्धसैनिकबल Om अर्धसैनिक बल commando

जरनल नॉलेज के लिए  #मैं इतने सालों से भारत में रह रहा था।लेकिन आज पता चला भारत के अंदर एक और भारत।सुनने में यह थोड़ा अजी...
13/03/2026

जरनल नॉलेज के लिए
#मैं इतने सालों से भारत में रह रहा था।
लेकिन आज पता चला भारत के अंदर एक और भारत।
सुनने में यह थोड़ा अजीब जरूर लगता है।
लेकिन असल में यह प्रकृति का कमाल है।
यह जगह मौजूद है पूर्वोत्तर भारत के राज्य
Assam में।यहां एक छोटा सा गांव है
जिसे लोग बोंगाई गांव के नाम से जानते।
इसी इलाके में मिलती हैं दो नदियां।
पहली है
Champawati River
और दूसरी है
Brahmaputra River।
जब ये दोनों नदियां मिलती हैं
तो ऊपर से देखने पर एक अद्भुत दृश्य बनता।
अगर इसे ड्रोन या सैटेलाइट से देखें
तो जमीन का आकार बिल्कुल भारत जैसा लगता।
इसलिए कई लोग इसे
“Natural India Map Point” भी कहते हैं।
नदी का घुमाव ऐसा लगता
मानो भारत का पूरा नक्शा बन गया हो।
और इसके पीछे दिखाई देने वाली पहाड़ियां
किसी को भी हिमालय की याद दिलाती हैं।
ऐसा लगता जैसे छोटे रूप में
पूरा भारत एक ही जगह बन गया।
हालांकि यह पूरी तरह प्राकृतिक संयोग है।
प्रकृति ने खुद यह अद्भुत आकृति बनाई है।
सोशल मीडिया पर यह जगह
धीरे-धीरे लोगों के बीच वायरल हो रही है।
कई लोग यहां घूमने भी आने लगे हैं।
ताकि इस अनोखे दृश्य को अपनी आंखों से देख सकें।
क्योंकि रोज-रोज ऐसा मौका नहीं मिलता
जब प्रकृति खुद किसी देश का नक्शा बना दे। 🇮🇳

अमेरिका-ईरान जंग : भारत आ रहे थाई जहाज पर होर्मुज स्ट्रेट में हुआ हमला, 20 क्रू मेंबर सुरक्षित, 3 लापता... ईरान ने कहा- ...
13/03/2026

अमेरिका-ईरान जंग : भारत आ रहे थाई जहाज पर होर्मुज स्ट्रेट में हुआ हमला, 20 क्रू मेंबर सुरक्षित, 3 लापता... ईरान ने कहा- हमारी मंजूरी के बिना कैसे आए

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