05/03/2026
नारा था पच्चीस से तीस फिर से नीतीश। वोट तो वही बोल के लिया था। अब एक छोटा सा कहानी सुनाता हूं।
नीतीश कुमार ने एक छोटा अजगर पाला और उसे प्यार से पालकर बड़ा किया, वह अक्सर उनके साथ लिपटकर सोता था। धीरे-धीरे अजगर बड़ा हो गया (लगभग 10 फीट) और उसने अचानक खाना खाना छोड़ दिया।
नीतीश कुमार ने डॉक्टर को बुलाया, जिन्होंने बताया कि अजगर बीमार नहीं है। वह रोज रात को इसलिए लिपटता था क्योंकि वह नीतीश कुमार के शरीर का माप ले रहा था। डॉक्टर ने बताया कि अजगर ने खाना इसलिए छोड़ा है ताकि वह पेट में जगह बना सके और नीतीश कुमार को निगल सके। परन्तु नीतीश कुमार ने डॉक्टर की बात नहीं मानी और अजगर का साथ नहीं छोड़ा अब अजगर ने उनका लावणेंन भोज्यम करने की तैयारी कर दी है। कभी भी निगले जा सकते हैं।
सीख (Moral): यह कहानी बताती है कि अजगरों/आस्तीन के सांपों के स्वाभाविक स्वभाव को भुलाकर उन पर आवश्यकता से अधिक भरोसा नहीं करना चाहिए वरना उनका देखते देखते एकनाथ शिंदे हो जाता है। यह हमारे आसपास के धोखेबाजों के लिए भी एक संकेत है।
बाकी जोड़ी मोदी नीतीश के हिट होई गाइए और बसीऔरा होली मनाए। जोगीरा सा रा रा रा।
पंकज कुमार सिंह
छोटका कार्यकर्ता