21/05/2026
प्रिय शिक्षक साथियों,
22 मई 2026 से जनगणना के अंतर्गत मकान सूचीकरण का महत्वपूर्ण कार्य प्रारम्भ होने जा रहा है और एक बार फिर हम सभी को अपने विद्यालयों से निकलकर समाज और राष्ट्र के बीच अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए फील्ड में उतरना है।
कभी-कभी मैं सोचती हूँ कि आखिर शासन ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए एक शिक्षक को ही क्यों चुनता है?
क्योंकि शिक्षक केवल किताबों के पन्ने नहीं पढ़ाता, वह समाज की नब्ज को समझता है। वह केवल बच्चों का भविष्य नहीं बनाता, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण दायित्वों को भी अपने कंधों पर उठाने का साहस रखता है। जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं है, यह आने वाले भारत की तस्वीर तैयार करने का कार्य है। इसमें भरे गए प्रत्येक तथ्य से भविष्य की योजनाएँ, विकास और करोड़ों लोगों से जुड़े निर्णय तय होते हैं।
मुझे आज भी गर्व के साथ याद है कि SIR जैसे महत्वपूर्ण कार्य को मथुरा ने रिकॉर्ड समय में पूरा किया था। और यह कहने में मुझे कोई संकोच नहीं है कि उस सफलता के पीछे सबसे मजबूत शक्ति हमारा शिक्षक समाज था। आप सभी ने अपने समर्पण, अनुशासन और अथक परिश्रम से न केवल कार्य पूरा किया था, बल्कि मेरा और हमारे बेसिक शिक्षा विभाग का नाम भी गर्व से ऊँचा किया था।
आज फिर एक नई जिम्मेदारी हमारे सामने खड़ी है। मुझे आप सभी पर वही विश्वास है, जो उस समय था। मुझे विश्वास है कि जब मथुरा का शिक्षक फील्ड में उतरता है, तो वह केवल अपनी ड्यूटी नहीं निभाता, बल्कि अपने कार्य से एक पहचान छोड़ता है।
आइए, हम सब मिलकर एक बार फिर इतिहास रचें और यह सिद्ध करें कि शिक्षक समाज को दी गई जिम्मेदारी केवल पूरी नहीं होती, बल्कि वह एक मिसाल बन जाती है।
“शिक्षक केवल भविष्य नहीं गढ़ता, वह हर उस समय राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत बनकर खड़ा होता है, जब देश को उसकी आवश्यकता होती है।”
– रतन कीर्ति
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मथुरा