20/08/2026
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी जी की जयंती पर सादर नमन। #जवाहर_नवोदय_विद्यालय बनाने के लिए हम नवोदय के लोग राजीव गाँधी जी के सदैव आभारी रहेंगे...
राजीव गांधी जी की उम्र 47 साल थी जब उनकी हत्या हुई और वे मात्र 40 साल के थे जब प्रधानमंत्री बने। हम सब नवोदयन्स राजीव गांधी के ऋणी हैं, ऐसे कई लोग हैं जिनके जीवन और कैरियर में नवोदय का बहुत बड़ा योगदान है। अगर नवोदय विद्यालय न होता तो आज वे वो ओहदा, वो रुतबा, वो सफलता हासिल ही न कर पाते जहां वे आज हैं।
1984 में राजीव गांधी जी प्रधानमंत्री बने और 1985 में उन्होंने इस देश के ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली बच्चों को एक उच्च कोटि की शिक्षा मिल सके इस इरादे से नवोदय विद्यालय की नींव रखी.... जरा गौर कीजिएगा कि कितनी बेहतरीन व्यवस्था की थी उन्होंने-
- एक जिले में से 6th standard से 80 बच्चों को प्रवेश परीक्षा से चयनित किया जाएगा।
- उन 80 में से 16 (20%) शहरी विस्तार से होंगे बाकी 64 ग्रामीण इलाकों से, ऐसा इसलिए कि अगर ऐसा न होता तो ग्रामीण इलाकों से कम ही लोग Qualify कर पाते।
- इन चयनित बच्चों को राजीव गांधी जिस दून स्कूल में पढ़े थे, ऐसे बोर्डिंग स्कूल में नि:शुल्क पढ़ाया जाएगा।
- निःशुल्क माने सरकार उनको अगले 6 साल के लिए गोद लेगी, भोजन, पढ़ाई, रहना, कपड़ा सब फ्री।
- यहां तक कि टूथ ब्रश, साबुन, हेयर आयल.... सब कुछ फ्री... मानो वे सरकार के बेटे-बेटियाँ हैं।
-पढ़ाई, खेल कूद, विज्ञान, कला, संस्कृति आदि सब की ट्रेनिंग दी जाती है।
- 9th Standard में Migration होता है जिसके तहत बच्चों को उस राज्य से बाहर किसी और स्कूल में Migrate किया जाता है, ताकि बच्चे एक दूसरे के राज्य रहन सहन को जानें और देश में एकता बढ़े।
- जाति, धर्म, पैसा रसूख के आधार पर कोई भेदभाव नही किया जाता था, सब को एक नजर से देख जाता था।
- आज देश में 650 से ज्यादा ऐसे स्कूल हैं, सभी लगभग एक जैसे ही...
- अब तक 15 लाख से ज्यादा लोग इससे पास आउट हैं...
- हर वर्ष करीब 400 से ऊपर नवोदयन बच्चे के लिए Qualify होते हैं...
एक अच्छा विचार, एक Innocent Politician ने कैसे लागू किया ये #नवोदय_विद्यालय एक श्रेष्ठ उदाहरण है इस बात का...
#राजीव_गांधी जी को उनकी जयंती पर हर नवोदयन की ओर से सादर नमन। 🙏
#नवोदय