03/03/2026
ट्रंप-नेतन्याहू की पूरी युद्ध योजना तार-तार होती नजर आने लगी है
ईरान के बारे में ट्रंप की योजना के सारे आधार इसी बीच धराशायी हो चुके हैं ।
1. ट्रंप की योजना का मूलाधार यह था कि वह खुमेनाई की हत्या के बाद ईरान से आत्म-समर्पण करा लेगा । यह पूरी तरह से ग़लत साबित हो चुका है ।
2. ट्रंप ने सोचा था कि ईरान के लोग सड़कों पर उतर कर खामनेई की मौक का जश्न मनायेंगे और तख़्ता पलट कर देंगे । लोग सड़कों पर उतरे, पर वे भारी शोक में डूबे हुए अमेरिका से इंतक़ाम की आवाज उठा रहे थे, न कि तख़्ता-पलट की ।
3. ट्रंप ने सोचा था कि ईरान सरकार के नेतृत्व का, खास कर खामनेई का सफाया कर देने पर सत्ता के स्तर पर जो शून्य पैदा उसमें ईरान का प्रतिरोध बिखर जायेगा और अमेरिका-समर्थक ताकते उसे भर देगी। लेकिन तब से अब तक 60 घंटे बीत गए हैं, ईरान की कमांड श्रृंखला में कहीं कोई दरार नजर नहीं आई है, सत्ता के शीर्ष में किसी प्रकार की कोई शून्यता पैदा नहीं हुई है और न ही किसी अन्य ने वहां आगे बढ़ कर सत्ता पर अपना दावा ही छोका है । उल्टे युग्ध के मैदान में ईरान के जवाबी हमले और ज़्यादा सुदृढ़ और सुनियोजित नज़र आने है ।
4. ट्रंप ने उम्मीद की थी कि प्रारंभिक ज़ोरदार हमलों के बाद ईरान सीजफायर के लिये फ़ौरन तैयार हो जायेगा । पर उल्टे ईरान ने इटली के माध्यम से भेजे गये ट्रंप के वार्ता और सीजफायर के प्रस्ताव को लात मार दी है ।
5. अमेरिका-इज़रायल ने जिस युद्ध को चार-पांच दिनों का मसला मान कर शुरू किया था, अब वह पूरी तरह से उनके नियंत्रण के बाहर जा चुका है । हर बीतते दिन के साथ ईरान के हमले पहले से ज्यादा विध्वंसक साबित हो रहे हैं।
6. ट्रंप की योजना थी कि सीरिया की तरह ईरान में भी नेतृत्वहीन सरकार और सेना को त्याग कर वहां की सेना अमेरिका के साथ सहयोग करने लगेगी । उसने ईरान की आईआरजीसी का इसी आशय से आह्वान भी किया । पर आईआरजीसी ने अपने प्रमुख की मृत्यु के चौबीस घंटे में दूसरा प्रमुख नियुक्त करके अमेरिकी ठिकानों पर अपने हमलों को और तेज कर ट्रंप की इस परिकल्पना को भी शेखचिल्ली का सपना घोषित कर दिया । अमेरिका के सबसे बड़े जहाजी बेड़े “अब्राहम लिंकन” को भी लगातार हमले का निशाना बनाया जा रहा है । अमेरिकी टैंकर “स्काई लाइटर” को ओमान तट पर डुबो दिया गया है ।
7. ट्रंप ने चार-पाँच दिनों के अपने युद्ध की योजना में दूसरे दिन ही ईरान के आत्म-समर्पण की कल्पना की थी । वह योजना पूरी तरह से खटाई में पड़ गई है ।
ट्रंप ने डींग हाँकी थी कि वे अपनी योजना में परिकल्पित गति से आगे चल रहे हैं, पर आज यह कहा जा सकता है कि ट्रंप की पूरी योजना ही उनके नियंत्रण के बाहर जा चुकी है । अब दुनिया उल्टे ट्रंप से त्राहिमाम की उम्मीद करने लगी है। नेतन्याहू को इज़राइल से भाग खड़ा हुआ है ।
-अरुण माहेश्वरी की फेसबुक पोस्ट