19/05/2026
#भारत_मुक्ति_मोर्चा एवंम
#राष्ट्रीय_मुस्लिम_मोर्चा द्वारा
देश के 31 राज्यों में 625 जिलों में... शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक आंदोलन
दिनांक : 20-05-2026,बुधवार
#राष्ट्रव्यापी_आंदोलन
मा. वामन मेश्राम साहब (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारत मुक्ति मोर्चा, नई दिल्ली)
मा. इंजी. सैयद मकसूद साहब
(राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, नई दिल्ली)
मा. जनाब चांद मोहम्मद
(राष्ट्रीय प्रभारी, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, नई दिल्ली)
देश के संविधान, सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा की रक्षा के लिए उठें।
मूलनिवासी, भाईयों और बहनों,
आज हमारा मुल्क एक ऐसे दौर से गुज़र रहा है जहाँ संविधान के मूल सिद्धांतों, सामाजिक सौहार्द और नागरिक समानता पर लगातार प्रहार हो रहे हैं। भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा इस अन्याय, भेदभाव और नफरत के खिलाफ पूरे देश में एक शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक आंदोलन का आह्वान करता है। हम आपसे अपील करते हैं कि इन मुद्दों पर अपनी आवाज़ बुलंद करें।
1. संविधान विरोधी कानूनों को वापस लिया जाए।
2. धार्मिक स्वतंत्रता के अनुच्छेद 25, 26, 27, 28, 29 का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित हो।
3. माबलिंचिंग और फर्जी गोकशी के नाम पर हत्याएं बंद हों।
4. बेगुनाह मुस्लिम और ईसाई नौजवानों और उलमा को रिहा किया जाए।
5. कम्यूनल वायलंस प्रिवेंशन एक्ट तुरंत लागू हो।
6. धार्मिक संस्थानों पर हमले तत्काल रोके जाएं।
7. प्लेस ऑफ़ वरशिप एक्ट 1991 का कठोर अनुपालन हो।
8. धार्मिक आधार पर अनुच्छेद-341(3) की लगाई पाबंदी हटाई जाए।
9. जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी सुनिश्चित हो।
10. सभी वर्गों और जातियों की जाति आधारित गणना कर संख्या के अनुपात में हिस्सेदारी दी जाए।
11. गोपाल सिंह, सच्चर, मिश्रा, और कुंडू कमीशन की सिफारिशें लागू हों।
12. सांप्रदायिकता के आधार पर नफरत फैलाने वाले संगठनों पर बैन लगे।
ै_चुप्पी_तोड़ने_का
यह आंदोलन किसी एक समाज का नहीं, बल्कि संविधान, इंसाफ और भारत के मूलनिवासियों की साझा विरासत का है।
भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा आपसे अनुरोध करते हैं कि इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में तन-मन-धन से शामिल होकर लोकतंत्र, भाईचारे और समानता की रक्षा में अपना योगदान दें।
आइए, मिलकर आवाज़ उठाएं।
इंसाफ के लिए, संविधान के लिए, भारत के लिए।
Bharat Mukti Morcha II Waman Meshram II Chand Mohammad II MN News Gujarat