06/06/2026
मैं न तो खान सर का विरोधी हु और नाही रौशन सर का खान सर और रौशन सर की आपस की मामला है ओ दोनों समझे गे जो गलत होगा उसके साथ गलत होगा और जो सही होगा उसके साथ सही होना चाहिए।
*मनीष कश्यप जिस तरह इसे यादव vs मुसलमान ( up vs Bihar) बनाने के कोशिश कर रहा है और जिस तरह पत्रकारिता कर रहा है ओ अपने क्षभी को दिखा रहा कि उसको मुसलमान के प्रति कितनी नफरत भरी है और ये पहले भी कई दफा कर चुका है जिस खान सर को मुस्लिम समाज से ज्यादा हिंदू समाज पसंद करता है उस खान सर के बारे में ऐसी ऐसी भाषा का प्रयोग कर रहा है तो सोचिए ये एक छोटा मुसलमान से कितना नफरत करता होगा।
ये प्रशांत किशोर और जन सुराज के क्षभी को खराब कर रहा है जिस खान सर ने कई दभा प्रशांत किशोर और जन सुराज की तारीफ की है उस को ये जेहादी और यूपी वाला और फैजल खान बता रहा है ये सीधा सीधा भाजपा का एजेंट बनकर सेकुलर वोट को काट रहा है । ये यादव समाज के खिलाफ जो भी ये गंध फैलाया है उस गंध को कम करने के लिए फिर एक गंध मचा रहा है इस से सिर्फ जन सुराज और प्रशांत किशोर का नुकसान होगा की की ये कल फिर से भाजपा ज्वाइन कर लेगा और नुकसान सिर्फ जन सुराज होगा इसे जन सुराज के विचार को मानना होगा या नहीं तो इसे बाहर का रास्ता दिखाना होगा।
जन की बात जन सराज के साथ।