26/01/2026
प्रिय मित्र Shaharukh Khan Mewati के पिता और राजस्थान #डीग मेवात के #कैथवाड़ा गांव के रिहायशी अंतरराष्ट्रीय भंपक वादक व मशहूर लोक कलाकार Gafruddin Mewati Jogi को भारत सरकार के #गृह मंत्रालय विभाग द्वारा कला क्षेत्र में #पदम श्री अवार्ड से किया जाएगा सम्मानित।
डीग मेवात के कैथवाड़ा गांव से ताल्लुक रखने वाले व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त लोक कलाकार और भपंग वादक गफरुद्दीन मेवाती जोगी को अब पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। इस से पहले भी गफरुद्दीन मेवाती जी को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। 62 साल के गफरूद्दीन मेवाती का जन्म डीग ज़िले की पहाड़ी तहसील के गांव कैथवाड़ा में हुआ। मेवाती जोगी समुदाय से आने वाले गफरुद्दीन मेवाती को संगीत की विरासत में मिला। उनके वालिद खुद सारंगी के उस्ताद थे। गफरूद्दीन मेवाती पंडुन का कड़ा (महाभारत ) गाने वाले इकलौते गायक कलाकार हैं और उन्हें 2,500 से अधिक महाभारत के मेवाती जबान के दोहे याद है हैं। बता दें कि गफरुद्दीन ने सात साल की उम्र में अपने वालिद से पांडुन का कड़ा सीखा। पिछले 60 सालों से अधिक समय से इसका मंचन कर रहे हैं। उन्होंने भारत सहित कई देशों में सांस्कृतिक उत्सवों में अपनी कला का प्रदर्शन किया है।
गफरुद्दीन उन चुनिंदा कलाकारों में से हैं, जिन्होंने छह दशक से अधिक समय तक एक ख़त्म होती लोककला को जिंदा रखा और उसे दुनिया भर में पहचान दिलाई।
गफरुद्दीन मेवाती लंदन, पेरिस, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस और अमेरिका सहित कई देशों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। वो इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ के जन्मदिन पर भपंग की प्रस्तुति दे चुके हैं। गफरूद्दीन मेवाती इस विरासत को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। वे अपने बेटे शाहरुख और पोतों को भी इस कला को सिखा रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ी तक यह परंपरा जिंदा रहे।
इस मेवाती हीरे ने देश विदेश में इलाका मेवात का नाम रोशन किया है, सभी लोग नेक दुआओ से नवाजे 💐🎉🌹