03/09/2026
मैं मुस्लिम समाज की बेटी हूँ और मेरा सवाल सिर्फ मेरे समाज से नहीं, पूरे सिस्टम से है।
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर धार्मिक स्थलों के हिस्से हटाए गए। प्रशासन इसे विकास और सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई बता रहा है, लेकिन सवाल यह है कि हर कार्रवाई में इंसाफ, पारदर्शिता और समानता क्यों नज़र नहीं आती? �
विकास के खिलाफ नहीं हूँ, लेकिन विकास के नाम पर किसी भी समुदाय की भावनाओं और अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
👉 मेरा सवाल है—क्या कानून और इंसाफ सबके लिए बराबर है?