14/08/2026
15 अगस्त यानी हमारा स्वतंत्रता दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि उन अनगिनत शूरवीरों के त्याग, समर्पण और बलिदान की अमर गाथा है, जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर देश को आजादी की रोशनी दिखाई।
🇮🇳 वीरों की अमर गाथा
जब-जब देश पर आंच आई, भारत मां के सपूतों ने अपने सीने पर गोलियां खाईं, लेकिन सिर कभी नहीं झुकने दिया।
अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु: जिन्होंने मुस्कुराते हुए फांसी के फंदे को चूम लिया और यह साबित कर दिया कि क्रांति विचारों में होती है, जिस्म तो ढल जाते हैं।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस: जिन्होंने "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा" का नारा देकर युवाओं के खून में देशभक्ति की ज्वाला भड़का दी।
चंद्रशेखर आजाद: जिनका एक ही संकल्प था—"आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे!" और अंतिम सांस तक अपनी यह बात निभाई।
झांसी की रानी लक्ष्मी बाई और अन्य वीरांगनाएं: जिन्होंने अंग्रेजों को यह दिखा दिया कि भारत की नारी जब रणचंडी बनती है, तो इतिहास बदल जाता ह�